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बंगाल की खाड़ी में रविवार तक डिप्रेशन बनने के आसार, सोमवार से तेज हवाएं और ऊंची लहरें

शुक्रवार को कम दबाव का क्षेत्र बनने और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए तीन दिन तक मजबूत होने का अनुमान है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है और ओडिशा के तट पर 27 अक्टूबर से बारिश हो सकती है।

संपादकीय डेस्क से · भुवनेश्वरप्रकाशित
ओडिशा के पुरी तट पर मछली पकड़ने की नावें (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)
ओडिशा के पुरी तट पर मछली पकड़ने की नावें (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Kritzolina / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. दक्षिण-पूर्व और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में 23 अक्टूबर के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।
  2. आईएमडी के अनुसार 25 अक्टूबर की सुबह तक डिप्रेशन बनने की प्रबल संभावना है, जो 28 अक्टूबर तक और मजबूत होगा।
  3. 26 अक्टूबर से पश्चिम-मध्य खाड़ी में 70-80 किमी प्रति घंटा, झोंकों में 90 किमी प्रति घंटा तक की हवाओं का अनुमान है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) का अनुमान है कि रविवार, 25 अक्टूबर की सुबह तक बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन बन जाएगा और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए यह अगले तीन दिन तक और मजबूत होता रहेगा।

गुरुवार शाम के बुलेटिन में आईएमडी ने कहा कि दक्षिण-पूर्व और उससे सटी पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और अंडमान द्वीपों के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर के आसपास इसी क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बनने की प्रबल संभावना है। विभाग के अनुसार रविवार सुबह तक इसके डिप्रेशन में बदलने की संभावना अधिक है, और विस्तारित पूर्वानुमान में 23 से 29 अक्टूबर के बीच चक्रवात बनने (साइक्लोजेनेसिस) की ऊंची संभावना दिखाई गई है।

इस हफ्ते खाड़ी में यह दूसरी प्रणाली है। तमिलनाडु तट के पास बने एक और कम दबाव के क्षेत्र से चेन्नई और दक्षिणी जिलों में कई दिनों से भारी बारिश हो रही है।

हवाएं और समुद्र

आईएमडी ने समुद्र में हालात धीरे-धीरे बिगड़ने का खाका पेश किया है। शुक्रवार शाम से पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में 35-45 किमी प्रति घंटा की तूफानी हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 55 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। शनिवार को इनकी रफ्तार 45-55 और रविवार शाम 50-60 किमी प्रति घंटा, झोंकों में 70 किमी प्रति घंटा तक होने का अनुमान है।

सोमवार, 26 अक्टूबर से पश्चिम-मध्य और उससे सटी पूर्व-मध्य खाड़ी में 70-80 किमी प्रति घंटा की आंधी जैसी हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 90 किमी प्रति घंटा तक होंगे। शुक्रवार शाम समुद्र मध्यम से उग्र, रविवार तक मध्य खाड़ी में बहुत उग्र और सोमवार सुबह से बुधवार, 28 अक्टूबर तक पश्चिम-मध्य खाड़ी में अत्यधिक उग्र रहने का अनुमान है।

मछुआरों को किनारे रहने की सलाह

मछुआरों को शुक्रवार शाम से रविवार तक पूर्व-मध्य और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में, और 26 से 28 अक्टूबर तक पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम खाड़ी में न जाने की सलाह दी गई है। आईएमडी ने मत्स्य विभागों और बंदरगाह प्रशासन से नावों को सतर्क करने, और बंदरगाह, जहाजरानी व अपतटीय संचालकों से 23 से 29 अक्टूबर के बीच तैयारी की समीक्षा करने और संभावित पाबंदियों पर नजर रखने को कहा है। समुद्री एजेंसियों से संचार, जहाजों की ट्रैकिंग और खोज-बचाव व्यवस्था जांचने को कहा गया है।

ओडिशा पर असर

जमीन पर ओडिशा में 26 अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। 27 अक्टूबर से कई तटीय जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, और 26 व 27 अक्टूबर के लिए गरज और 30-40 किमी प्रति घंटा की तेज हवाओं का येलो अलर्ट है। भुवनेश्वर मौसम केंद्र ने बाद में बालासोर, केंदुझर, मयूरभंज, पुरी और गंजाम समेत कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। अगले एक हफ्ते तापमान में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है।

आईएमडी ने अभी यह नहीं बताया है कि यह प्रणाली चक्रवात बनेगी या नहीं, और तट से कहां टकरा सकती है। कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद आने वाले बुलेटिन से इसके रास्ते की तस्वीर साफ होगी। विभाग ने लोगों से चेतावनियों के लिए मौसम, दामिनी और मेघदूत ऐप देखने को कहा है।