राज्यछत्तीसगढ़
माओवाद के खिलाफ छत्तीसगढ़ की कामयाबी सुरक्षा बलों के बलिदान का नतीजा: विष्णु देव साय
रायपुर के पास माना में पुलिस स्मृति दिवस परेड में मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर और दूसरे दूरदराज इलाकों में शांति और भरोसे का नया माहौल बना है।

मुख्य बातें
- साय ने कहा कि बस्तर में शांति, सुरक्षा और भरोसे का नया माहौल बना है।
- उन्होंने डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों को श्रेय दिया।
- परेड माना में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की चौथी बटालियन में हुई।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को कहा कि माओवादी उग्रवाद के खिलाफ राज्य की सफलता पुलिस और सुरक्षा कर्मियों के साहस, समर्पण और बलिदान का नतीजा है।
रायपुर के पास माना में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की चौथी बटालियन में पुलिस स्मृति दिवस परेड को संबोधित करते हुए साय ने कहा कि बस्तर और राज्य के दूसरे दूरदराज इलाकों में शांति, सुरक्षा और भरोसे का नया माहौल बना है। उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों का नाम लिया, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन को श्रेय दिया।
साय ने सुरक्षा में मिली कामयाबी को दूरदराज के आदिवासी गांवों तक पहुंच रही विकास योजनाओं से जोड़ा, जिनमें नियद नेल्लानार, पीएम-जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने रायपुर के राजीव स्मृति वन में शहीद वाटिका का भी दौरा किया और अमर जवान स्तंभ पर श्रद्धांजलि दी।
पुलिस स्मृति दिवस 21 अक्टूबर 1959 की याद में मनाया जाता है, जब लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में भारत-तिब्बत सीमा की रक्षा कर रहे दस पुलिसकर्मी एक बड़े चीनी दस्ते के हमले में मारे गए थे। यह दिन हर साल उनकी याद में मनाया जाता है, और बुधवार को देश भर के राज्यों ने अपनी परेड आयोजित कीं।