राज्यकर्नाटक
गन्ना दाम विवाद: शिवकुमार किसानों और चीनी मिल मालिकों से अलग-अलग करेंगे बात
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने पदयात्रा खत्म होने के एक दिन बाद बेलगावी में आंदोलनकारी किसानों से मुलाकात की और दिल्ली में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ले जाने का प्रस्ताव रखा।
मुख्य बातें
- शिवकुमार गन्ना किसानों और फैक्टरी मालिकों के साथ अलग-अलग बैठक करेंगे।
- उत्तर कर्नाटक के किसानों ने 19 अक्टूबर को अपनी सात दिन की पदयात्रा स्थगित की।
- उन्होंने किसानों की मांगों पर दिल्ली में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ले जाने का प्रस्ताव रखा।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि गन्ना किसानों की दाम संबंधी मांगों को सुलझाने के लिए राज्य सरकार किसानों और चीनी फैक्टरी मालिकों के साथ अलग-अलग बैठकें करेगी। उन्होंने कहा कि वे यह मुद्दा केंद्र सरकार के सामने भी उठाएंगे।
शिवकुमार आंदोलनकारी किसानों से मिलने बेंगलुरु से बेलगावी पहुंचे। उत्तर कर्नाटक के उत्पादकों ने सोमवार, 19 अक्टूबर को अपनी सात दिन की पदयात्रा और आंदोलन स्थगित कर दिया था, जब केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि एक उच्चस्तरीय समिति उनकी मांगों का अध्ययन करेगी।
शिवकुमार ने कहा, “हमें यह मसला शांति और सौहार्द से सुलझाना है, क्योंकि यह लोगों की रोजी-रोटी से जुड़ा है।” उन्होंने कहा, “किसान गन्ना उगाएंगे तभी फैक्टरियां चलेंगी।” उन्होंने यह भी कहा, “मैं किसी पर बोझ नहीं डालना चाहता।”
बैठक की तारीख अभी तय नहीं हुई है। शिवकुमार ने कहा कि इसे किसानों, फैक्टरी मालिकों और जनप्रतिनिधियों की सुविधा तथा कन्नड़ राज्योत्सव समारोहों को ध्यान में रखकर तय किया जाएगा। इसमें क्षेत्र के मंत्रियों, संबंधित विभागों के प्रमुखों, क्षेत्र के केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसदों व विधायकों को बुलाया जाएगा। उन्होंने दिल्ली में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ले जाने का प्रस्ताव भी रखा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने सूखा राहत को लेकर दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मिलने का समय मांगा है, लेकिन अभी पुष्टि नहीं मिली है।
उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों की मतदाता सूचियां 27 अक्टूबर तक आने की उम्मीद है और पंचायत तथा नगर निकाय चुनाव दो-तीन दिन में पूरे हो सकते हैं।