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'शायद कल': ट्रंप बोले, अमेरिका रविवार को ही ईरान पर फिर हमला कर सकता है, या समझौता भी हो सकता है

शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोनों रास्ते खुले रखे, सवाल उठाया कि क्या तेहरान कोई समझौता निभाएगा, और कहा कि हर हाल में अमेरिका की जीत है।

संपादकीय डेस्क से · वॉशिंगटनप्रकाशित
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विमानवाहक पोत यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विमानवाहक पोत यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)Photos: The White House / Wikimedia Commons; U.S. Navy photo by Mass Communication Specialist 3rd Class August Clawson / Wikimedia Commons, Public domain

मुख्य बातें

  1. ईरान पर नए हमलों के सवाल पर ट्रंप ने कहा "शायद कल", साथ ही समझौते की उम्मीद भी जताई।
  2. उन्होंने शक जताया कि तेहरान समझौता निभाएगा, पूछा "क्या वे समझौते पर टिके रहेंगे?"
  3. खबरों के मुताबिक शनिवार को यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन स्ट्राइक ग्रुप पर नाविक गोला-बारूद लाद रहे थे।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका रविवार को ही ईरान पर नए हमले कर सकता है, हालांकि उन्होंने तेहरान के साथ “एक अच्छे, बड़े, खूबसूरत समझौते” का रास्ता भी खुला छोड़ा है।

शनिवार को पत्रकारों ने पूछा कि क्या नए हमले होने वाले हैं, तो उन्होंने कहा: “शायद कल।” फिर बोले: “इसकी संभावना है कि मैं करूं। इसकी भी संभावना है कि हमारा एक अच्छा, बड़ा, खूबसूरत समझौता हो जाए।”

वे कुछ भी पक्का बताने को तैयार नहीं थे। उन्होंने पूछा, “क्या आपको सच में लगता है कि मैं आपको बताऊंगा कि मैं ऐसा करने वाला हूं?”

ऐसा समझौता जिसे ईरान शायद न निभाए

ट्रंप ने कहा कि ईरान के नेता समझौता चाहते हैं, पर उन्हें शक है कि वे उस पर टिके रहेंगे। उन्होंने कहा, “वे समझौता करना चाहते हैं। लेकिन दिक्कत यह है कि क्या वे समझौते पर टिके रहेंगे?”

उनका तर्क था कि पहले के बी-2 बमवर्षक हमलों के बाद अभियान रोक देने से ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम फिर खड़ा कर लेता, और उनका लक्ष्य नतीजे को स्थायी बनाना है। उन्होंने कहा, “सवाल यह है कि क्या हम उसे पूरा करें, जो मुश्किल नहीं होगा, या उनके साथ समझौता करें?” और जोड़ा कि फैसला तेहरान के हाथ में है। “हर हाल में हमारी जीत है।”

इससे पहले जॉर्जिया में एक चुनावी रैली में उन्होंने दोहराया कि उन्होंने 2015 के परमाणु समझौते, जेसीपीओए, को “खत्म” कर दिया था, और दावा किया कि ऑपरेशन मिडनाइट हैमर और एपिक फ्यूरी ने ईरान की संवर्धन क्षमता को “मिटा” दिया।

तैयारी के संकेत

यह बयान ऐसे समय आया जब शनिवार को खबरें आईं कि यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप पर नाविक गोला-बारूद लाद रहे हैं और विमान तैयार कर रहे हैं। अलग से बताया गया कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड के पास नए हमलों की आगे की योजनाएं तैयार हैं, जिन पर व्हाइट हाउस की मंजूरी बाकी है, और कई विकल्प रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के सामने रखे गए हैं, जिनमें से कुछ 3 नवंबर के मध्यावधि चुनावों के बाद के लिए हैं।

पेंटागन के एक अधिकारी ने कहा कि विभाग का काम राष्ट्रपति के सामने विकल्प तैयार करके रखना है और वह काल्पनिक या भविष्य के अभियानों पर अटकलें नहीं लगाता।

ट्रंप ने पहले संकेत दिया था कि वे मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर हमला नहीं करेंगे, इसलिए अमेरिकी मतदान से सवा हफ्ते पहले शनिवार का “शायद कल” ज़्यादा तीखा सुर है।

तेहरान का रुख

ईरान ने उन खबरों का खंडन किया है कि उसने अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने के बदले होर्मुज़ जलडमरूमध्य खोलने की पेशकश की थी। उसके सेना प्रमुख मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही कह चुके हैं कि अमेरिकी युद्धपोतों को “किसी भी हालत में” खाड़ी में नहीं आने दिया जाएगा।

भारत के लिए दांव ऊंचे हैं। हूती मिसाइल हमलों के बाद एयर इंडिया और इंडिगो सऊदी अरब के कुछ हिस्सों की उड़ानें पहले ही रोक चुकी हैं, और ईरान पर हमलों का कोई नया दौर तेल की कीमतों और उन समुद्री रास्तों पर दबाव बढ़ाएगा जिनसे देश के कच्चे तेल के आयात का बड़ा हिस्सा आता है।

भारतीय समय के मुताबिक रविवार दोपहर तक किसी फैसले का ऐलान नहीं हुआ था।