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बजाज फाइनेंस के मुनाफे में आज 29% उछाल की उम्मीद, पर मार्जिन पर चिंता
ब्रोकरेज फर्मों का अनुमान है कि 25% से ज़्यादा की लोन ग्रोथ के दम पर कंपनी सितंबर तिमाही में करीब ₹6,383 करोड़ कमाएगी। आरबीआई की दर बढ़ोतरी के बाद महंगा कर्ज़ उसके मार्जिन को दबा सकता है।

मुख्य बातें
- पांच ब्रोकरेज फर्मों का औसत अनुमान है कि शुद्ध मुनाफा करीब ₹6,383 करोड़ रहेगा, जो ₹4,948 करोड़ से 29% ज़्यादा है।
- कंपनी के मुताबिक 30 सितंबर तक उसकी प्रबंधनाधीन संपत्ति 26.5% बढ़कर ₹5.85 लाख करोड़ हो गई।
- प्रबंध निदेशक राजीव जैन शाम 6 बजे अर्निंग्स कॉल में विश्लेषकों के सवालों के जवाब देंगे।
उपभोक्ता और कारोबारी कर्ज़ देने वाली कंपनी बजाज फाइनेंस सोमवार को जुलाई-सितंबर तिमाही के नतीजे जारी करेगी और बाज़ार को एक मज़बूत तिमाही की उम्मीद है। लेकिन निवेशक असल में यह सुनना चाहेंगे कि कंपनी अपने पैसे की लागत के बारे में क्या कहती है।
पांच ब्रोकरेज फर्मों के औसत अनुमान के मुताबिक पुणे की यह कंपनी करीब ₹6,383 करोड़ का शुद्ध मुनाफा दर्ज कर सकती है, जो एक साल पहले के ₹4,948 करोड़ से 29% ज़्यादा है। शुद्ध ब्याज आय, यानी कर्ज़ पर कमाई और उधारी पर भुगतान का अंतर, 24% बढ़कर ₹10,785 करोड़ से ₹13,373 करोड़ होने का अनुमान है।
बढ़त का बड़ा हिस्सा पहले से पता है। इस महीने की शुरुआत में अपने कारोबारी अपडेट में कंपनी ने बताया कि सितंबर के आखिर तक उसकी प्रबंधनाधीन संपत्ति एक साल पहले से 26.5% बढ़कर करीब ₹5.85 लाख करोड़ हो गई, और तिमाही में करीब ₹37,800 करोड़ जुड़े। उसके ग्राहक 11.06 करोड़ से बढ़कर 12.89 करोड़ हो गए, उसने 1.35 करोड़ नए लोन दिए जो एक साल पहले से 11% ज़्यादा हैं, और उसकी जमा राशि ₹69,750 करोड़ पर पहुंची।
मार्जिन पर दबाव
चिंता बैलेंस शीट के दूसरे हिस्से को लेकर है। इस महीने भारतीय रिज़र्व बैंक के रेपो रेट को 0.25 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 5.5% करने के बाद बॉन्ड यील्ड तेज़ी से चढ़ी हैं, और बजाज फाइनेंस जैसी गैर-बैंकिंग कंपनियां बॉन्ड बाज़ार से भारी उधार लेती हैं। वे बढ़ी लागत हमेशा तुरंत ग्राहकों पर नहीं डाल पातीं।
मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि प्रबंधनाधीन संपत्ति एक साल पहले से 25% और पिछली तिमाही से 5.6% बढ़ेगी, जबकि शुद्ध ब्याज मार्जिन करीब 10 बेसिस पॉइंट घटकर लगभग 9.4% रह सकता है। उसके मुताबिक क्रेडिट कॉस्ट, यानी लोन का वह हिस्सा जिसे बट्टे खाते में डाला जाता है या जिसके लिए प्रावधान होता है, करीब 1.55% पर स्थिर रहेगी।
नोमुरा को भी करीब 25% लोन ग्रोथ की उम्मीद है और वह जून तिमाही के मुकाबले क्रेडिट कॉस्ट में 7 बेसिस पॉइंट की कमी देखती है। पीएल कैपिटल क्रेडिट कॉस्ट करीब 1.6% आंकती है और उसने फंड की ऊंची लागत से मार्जिन पर दबाव की चेतावनी दी है।
विश्लेषक यह भी देखेंगे कि बिना गारंटी वाले उपभोक्ता लोन और माइक्रोफाइनेंस कैसा प्रदर्शन कर रहे हैं, और गोल्ड लोन जैसे नए कारोबार कितनी तेज़ी से बढ़ रहे हैं। वाइस चेयरमैन और प्रबंध निदेशक राजीव जैन और मुख्य परिचालन व वित्त अधिकारी संदीप जैन शाम 6 बजे विश्लेषकों से बात करेंगे।
समूह की होम लोन इकाई ने पिछले हफ्ते माहौल बना दिया। बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने शुक्रवार को बताया कि उसका मुनाफा 18% बढ़कर ₹757 करोड़ हुआ।
सोमवार की बाकी सूची
सोमवार को नतीजे घोषित करने वाली करीब दो दर्जन कंपनियों में बजाज फाइनेंस एक है। आदित्य बिड़ला समूह की सीमेंट कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट और वेदांता समूह की ज़िंक व चांदी खनन कंपनी हिंदुस्तान ज़िंक के नतीजे भी आएंगे। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के आंकड़ों की तुलना शुक्रवार को पंजाब नेशनल बैंक के रिकॉर्ड मुनाफे से होगी।
इरेडा, पीरामल फाइनेंस, एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज़, जस्ट डायल, एचएफसीएल और शोभा भी सूची में हैं। दशहरे के कारण मंगलवार को बाज़ार बंद रहेंगे, इसलिए सोमवार को बाज़ार बंद होने के बाद नतीजे देने वाली कंपनियों के शेयरों पर प्रतिक्रिया बुधवार को ही दिखेगी।