अर्थव्यवस्थाबाज़ार
110 डॉलर से नीचे फिसला तेल, ईरान का होर्मुज़ प्रस्ताव कायम; सोमवार को सतर्क शुरुआत के संकेत
सप्ताहांत के बाद कारोबार शुरू होते ही ब्रेंट 108 डॉलर की ओर फिसला। छुट्टी से छोटे हुए हफ्ते की शुरुआत में विदेशी निवेशक अब भी शुद्ध बिकवाल हैं और गिफ्ट निफ्टी हल्की कमज़ोरी दिखा रहा है।

मुख्य बातें
- सोमवार सुबह ब्रेंट क्रूड करीब 108.4 डॉलर प्रति बैरल पर था, जो शुक्रवार के बंद भाव से करीब 1.3% कम है।
- गिफ्ट निफ्टी का आखिरी सौदा 23,085 पर हुआ, जो शुक्रवार को निफ्टी के 23,146 के बंद स्तर से करीब 60 अंक नीचे है।
- दशहरे के कारण मंगलवार को बाज़ार बंद रहेंगे, इस हफ्ते सिर्फ चार सत्र होंगे।
सोमवार के कारोबार में भारतीय शेयर बाज़ार ऐसे माहौल में उतरेगा जहां तेल शुक्रवार रात के मुकाबले कुछ शांत है, लेकिन होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर सप्ताहांत की धमकियों और जवाबी प्रस्तावों के बाद राहत की ज़्यादा वजह नहीं है।
सप्ताहांत के बाद तेल वायदा का कारोबार दोबारा शुरू हुआ तो ब्रेंट क्रूड करीब 108.4 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। यह शुक्रवार के 109.86 डॉलर के बंद भाव से करीब 1.3% कम है, जो मई के बाद सबसे ऊंचा बंद स्तर था। अमेरिकी क्रूड करीब 100.8 डॉलर पर फिसला। गिरावट मामूली रही और ब्रेंट ने करीब 5% की साप्ताहिक बढ़त का ज़्यादातर हिस्सा बचाए रखा।
ईरान का प्रस्ताव, अमेरिका की चेतावनी
सप्ताहांत में खाड़ी किसी समझौते के करीब नहीं पहुंची। रविवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज़ को दोबारा खोलने की तेहरान की सात दिन की योजना अब भी मेज़ पर है। इस योजना में अमेरिका से ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म करने, तेल प्रतिबंध हटाने और दूसरे क्षेत्रीय मोर्चों पर लड़ाई रोकने की मांग है। ईरान का कहना है कि अमेरिका के इसे मानने के छह दिन के भीतर जहाज़ों की आवाजाही फिर शुरू हो सकती है। तेहरान के मुताबिक वॉशिंगटन ने अब तक उसकी सातों शर्तों का जवाब नहीं दिया है।
एक दिन पहले ईरान की सेना ने कहा था कि जलडमरूमध्य तभी खुलेगा जब अमेरिकी सेना इलाका छोड़ेगी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शनिवार को बताया कि उसकी नाकेबंदी ने 138 व्यापारिक जहाज़ों को लौटाया है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अमेरिकी नौसैनिक मौजूदगी का बचाव करते हुए कहा कि उस सुरक्षा के बिना देश में ईंधन की कीमतें “तीन गुना ज़्यादा होतीं”।
गोल्डमैन सैक्स के विश्लेषकों ने जोखिम के दोनों सिरे बताए हैं: खाड़ी में जहाज़ों पर हमले बढ़े तो क्रूड 120 डॉलर तक जा सकता है, और निर्यात सामान्य हुआ तो 80 डॉलर की ओर गिर सकता है।
भारतीय शेयरों के लिए मायने
पिछले हफ्ते 2.8% की बढ़त के बाद निफ्टी शुक्रवार को 23,146.15 पर बंद हुआ। यह महीनों का सबसे अच्छा हफ्ता था, जिसकी अगुवाई आईटी कंपनियों ने की। गांधीनगर में डॉलर में कारोबार होने वाले गिफ्ट निफ्टी का आखिरी सौदा शनिवार तड़के 23,085 पर हुआ, जो उस बंद स्तर से करीब 60 अंक नीचे है। इससे हल्की नरम शुरुआत के संकेत मिलते हैं। इसका कारोबार सुबह 6:30 बजे फिर शुरू होगा।
विदेशी पैसा अब भी कमज़ोर कड़ी है। 16 अक्टूबर को खत्म हफ्ते में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने ₹15,440 करोड़ के भारतीय शेयर शुद्ध रूप से बेचे, जिसका लगभग पूरा हिस्सा घरेलू फंडों की ₹14,792 करोड़ की खरीद ने संभाल लिया। अक्टूबर में उनकी निकासी करीब ₹52,100 करोड़ है, हालांकि शुक्रवार को अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 5.3% से ऊपर से घटकर करीब 5.1% पर आने पर वे मामूली शुद्ध खरीदार बने।
पिछले हफ्ते लगातार छह सत्रों में मज़बूत होकर रुपया डॉलर के मुकाबले 94.89 पर बंद हुआ। इसमें आरबीआई और हफ्ते की शुरुआत में तेल की नरमी का हाथ रहा। ब्रेंट 105 डॉलर से ऊपर बना रहा तो यह सुधार कसौटी पर होगा, क्योंकि भारत अपना ज़्यादातर कच्चा तेल आयात करता है। मुद्रा को संभालने के बीच विदेशी मुद्रा भंडार घटकर 726.03 अरब डॉलर रह गया है।
छोटा लेकिन भरा हुआ हफ्ता
दशहरे के कारण मंगलवार को एक्सचेंज बंद रहेंगे, इसलिए इस हफ्ते चार सत्र होंगे। सोमवार को बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, हिंदुस्तान ज़िंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के नतीजे आएंगे, और कारोबारी सबसे पहले शनिवार को आए आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक के आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देंगे। ₹30,200 करोड़ का जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर निर्गम बुधवार को खुलेगा।
विश्लेषकों को निफ्टी के लिए 22,800 के आसपास सहारा दिखता है। विदेश में नेटफ्लिक्स, टेस्ला और मेटा के नतीजे और 27-28 अक्टूबर की फेडरल रिज़र्व बैठक, नैस्डैक के जून के बाद के सबसे खराब हफ्ते के बाद टेक शेयरों का मूड तय करेंगे।