अर्थव्यवस्थारुपया
रुपया लगातार छठे दिन मज़बूत, विदेशी मुद्रा भंडार 8.6 अरब डॉलर घटकर 726 अरब डॉलर पर
रुपया 94.89 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो एक हफ्ते पहले से करीब 2% मज़बूत है। रुपये को संभालने के लिए आरबीआई की डॉलर बिक्री के बीच भंडार लगातार पांचवें हफ्ते घटा।

मुख्य बातें
- डॉलर के मुकाबले रुपया 10 पैसे चढ़कर 94.89 पर बंद हुआ, यह लगातार छठी बढ़त है।
- 9 अक्टूबर को खत्म हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 8.578 अरब डॉलर घटकर 726.027 अरब डॉलर रह गया।
- भंडार अब सितंबर की शुरुआत के 785.7 अरब डॉलर के रिकॉर्ड से करीब 60 अरब डॉलर नीचे है।
रुपया शुक्रवार को लगातार छठे कारोबारी दिन मज़बूत हुआ और 94.89 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। उधर भारतीय रिज़र्व बैंक के आंकड़ों ने दिखाया कि मुद्रा को संभालने की कीमत क्या रही: 9 अक्टूबर को खत्म हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 8.578 अरब डॉलर घट गया।
रुपया 94.75 पर खुला और गुरुवार के 94.99 के बंद भाव से 10 पैसे ऊपर बंद हुआ। इस हफ्ते यह करीब 2% मज़बूत हुआ है, और 8 अक्टूबर के 96.88 के रिकॉर्ड निचले बंद स्तर से 2% से ज़्यादा ऊपर आ चुका है।
रुपये का रुख कैसे बदला
सुधार 10 अक्टूबर को आरबीआई के उपायों के बाद शुरू हुआ, जिनका मकसद हाजिर बाज़ार में डॉलर की मांग घटाना और रुपये के खिलाफ सट्टेबाज़ी पर लगाम लगाना था। इनमें विदेश में कारोबार होने वाले कुछ रुपया डेरिवेटिव तक पहुंच को सिर्फ असली हेजिंग तक सीमित करना, बैंकों के अपने मुद्रा हेज पर 20% रिज़र्व की शर्त लागू करना और तेल कंपनियों के लिए डॉलर की खास खिड़की खोलना शामिल है। तेल कंपनियां अमेरिकी मुद्रा की सबसे बड़ी खरीदारों में हैं।
विदेश में डॉलर की नरमी से भी मदद मिली। शुक्रवार को डॉलर इंडेक्स 0.41% गिरकर 101.445 पर आ गया। डीलरों के मुताबिक कच्चे तेल के ऊंचे दाम और विदेशी पूंजी की निकासी ने बढ़त को सीमित रखा। शाम को ब्रेंट 105.56 डॉलर प्रति बैरल पर था।
च्वाइस ब्रोकिंग की कावेरी मोरे ने कहा कि रुपया एक अहम स्तर के करीब है। उन्होंने कहा, “रुपया अब 94 के आसपास एक अहम सपोर्ट ज़ोन के करीब पहुंच रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि खबरों के मुताबिक 8 जून को खास उपाय लागू होने के बाद से आरबीआई हाजिर डॉलर बिक्री और डॉलर-रुपया स्वैप के ज़रिए करीब 75-80 अरब डॉलर झोंक चुका है।
भंडार में गिरावट जारी
शुक्रवार शाम जारी आरबीआई के साप्ताहिक आंकड़ों के मुताबिक 9 अक्टूबर को कुल भंडार 726.027 अरब डॉलर था, जो एक हफ्ते पहले 734.6 अरब डॉलर था। यह लगातार पांचवीं साप्ताहिक गिरावट है, और भंडार अब 4 सितंबर को खत्म हफ्ते के 785.7 अरब डॉलर के रिकॉर्ड से करीब 60 अरब डॉलर नीचे है।
भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, 7.142 अरब डॉलर घटकर 597.605 अरब डॉलर रह गईं। स्वर्ण भंडार 1.319 अरब डॉलर घटकर 105.094 अरब डॉलर पर आ गया और आईएमएफ के पास विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 10.9 करोड़ डॉलर घटकर 18.548 अरब डॉलर रहे। आईएमएफ में भारत की रिज़र्व स्थिति 1 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.780 अरब डॉलर हो गई।
हाल की गिरावट के बावजूद भंडार मार्च के अंत से 34.92 अरब डॉलर और एक साल पहले से 28.244 अरब डॉलर ज़्यादा है।
आगे क्या देखें
सिंगापुर के बैंक ओसीबीसी के विश्लेषकों ने कहा कि आरबीआई के कदम “रुपये को निकट अवधि में मज़बूत आधार देने में मदद कर सकते हैं, न कि इसकी लंबी गिरावट में निर्णायक मोड़ साबित होंगे”। उनके मुताबिक ये कदम डॉलर की मांग को हाजिर बाज़ार से हटाते हैं, पर भारत की डॉलर की बुनियादी ज़रूरत कम नहीं करते। बहुत कुछ तेल के दाम, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और विदेशी पूंजी पर निर्भर करेगा। हालांकि शुक्रवार को अस्थायी एक्सचेंज आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने ₹1,165.92 करोड़ के भारतीय शेयर शुद्ध रूप से खरीदे, जो हफ्तों की भारी बिकवाली के बाद हल्की राहत का संकेत है।