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सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का मुनाफा 21% बढ़ा, कॉरपोरेट कर्ज़ में 42% उछाल
सरकारी बैंक ने सितंबर तिमाही में मज़बूत ब्याज आय और साफ होते खातों के दम पर ₹1,469 करोड़ कमाए, हालांकि ऊंचे प्रावधान और कमज़ोर ट्रेज़री आय ने मुनाफे को थामे रखा।

मुख्य बातें
- जुलाई-सितंबर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का शुद्ध मुनाफा 21.1% बढ़कर ₹1,469 करोड़ रहा।
- कर्ज़ में करीब 30% बढ़ोतरी से शुद्ध ब्याज आय 26.3% बढ़कर ₹4,146 करोड़ हुई।
- सकल एनपीए घटकर 2.39% रह गया, जो एक साल पहले 3.01% था।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने शनिवार को तिमाही मुनाफे में 21% की बढ़ोतरी दर्ज की। कर्ज़ में तेज़ बढ़त से ब्याज आय बढ़ी और फंसे कर्ज़ का बोझ लगातार घटता रहा।
मुंबई स्थित इस सरकारी बैंक का जुलाई-सितंबर का शुद्ध मुनाफा ₹1,469 करोड़ रहा, जो एक साल पहले ₹1,213 करोड़ और अप्रैल-जून तिमाही में ₹1,324 करोड़ था। वित्त वर्ष की पहली छमाही का मुनाफा 17.25% बढ़कर ₹2,793 करोड़ हो गया।
शुद्ध ब्याज आय, यानी कर्ज़ पर कमाई और जमा पर भुगतान का अंतर, 26.3% बढ़कर ₹4,146 करोड़ रही। जमा की लागत 28 बेसिस पॉइंट घटकर 4.60% होने से शुद्ध ब्याज मार्जिन 2.89% से बढ़कर 3.01% हो गया। परिचालन मुनाफा 27% बढ़कर ₹2,268 करोड़ रहा।
कंपनियों को कर्ज़ की अगुवाई
बैंक का कर्ज़ जमा से कहीं तेज़ी से बढ़ रहा है। वैश्विक अग्रिम 29.83% बढ़कर ₹3.81 लाख करोड़ हो गए, जबकि जमा 14.41% बढ़कर ₹5.09 लाख करोड़ रही। कॉरपोरेट कर्ज़ सबसे आगे रहा, जो 42.05% उछलकर ₹1.19 लाख करोड़ हो गया। खुदरा, कृषि और छोटे कारोबार (रैम) के कर्ज़ 21.11% बढ़कर ₹2.54 लाख करोड़ रहे, जिनमें खुदरा कर्ज़ 24.49% बढ़ा।
इससे ऋण-जमा अनुपात एक साल पहले के 66.20% से बढ़कर 75.02% हो गया। कम लागत वाले चालू और बचत खातों (कासा) का हिस्सा 2.18 प्रतिशत अंक घटकर 44.65% रहा।
साफ खाते, बड़े प्रावधान
परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार जारी रहा। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) घटकर कर्ज़ का 2.39% रह गईं, जो जून में 2.60% और एक साल पहले 3.01% थीं। शुद्ध एनपीए 0.31% रहा। नए फंसे कर्ज़ (स्लिपेज) पिछली तिमाही के ₹939 करोड़ से घटकर ₹734 करोड़ रहे। बैंक ने अपने फंसे कर्ज़ के 97.16% के बराबर प्रावधान कर रखा है।
फिर भी प्रावधान बढ़े। कर समेत कुल प्रावधान और आकस्मिक व्यय ₹799 करोड़ रहे, जो एक साल पहले ₹573 करोड़ थे। एनपीए के लिए प्रावधान ₹143 करोड़ से बढ़कर ₹490 करोड़ और मानक परिसंपत्तियों के लिए ₹30 करोड़ से बढ़कर ₹379 करोड़ हो गए। निवेश पर ₹336 करोड़ की वापसी (राइट-बैक) से इसकी आंशिक भरपाई हुई।
अन्य आय कमज़ोर रही। गैर-ब्याज आय 6.06% घटकर ₹1,380 करोड़ रही। ट्रेज़री आय 31.2% गिरकर ₹128 करोड़ रह गई और निवेश के पुनर्मूल्यांकन पर ₹87 करोड़ का नुकसान हुआ। शुल्क आय 3.9% बढ़ी।
बैंक की लागत आय से धीमी रफ्तार से बढ़ी, जिससे लागत-आय अनुपात 62.42% से घटकर 58.95% हो गया। पूंजी पर्याप्तता अनुपात 17.68% और कोर इक्विटी 15.97% रही।
ये नतीजे सरकारी बैंकों के नतीजों की कड़ी में ताज़ा हैं। आईडीबीआई बैंक ने भी शनिवार को ऊंचे आधार के कारण मुनाफे में 39% गिरावट दर्ज की। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयर सोमवार को प्रतिक्रिया देंगे।