अर्थव्यवस्थाबैंकिंग
जगदीशन की आखिरी तिमाही में एचडीएफसी बैंक का मुनाफा 4.7% बढ़ा, मार्जिन घटकर 3.16% पर
देश के सबसे बड़े निजी बैंक ने सितंबर तिमाही में ₹19,510 करोड़ कमाए। ट्रेजरी आय में भारी गिरावट और मार्जिन पर दबाव से बढ़त इकाई अंक में रही। सीईओ का कार्यकाल नौ दिन बाद खत्म हो रहा है।

मुख्य बातें
- जुलाई-सितंबर में एचडीएफसी बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा 4.7% बढ़कर ₹19,510 करोड़ रहा।
- शुद्ध ब्याज मार्जिन जून तिमाही के 3.26% से घटकर 3.16% पर आ गया।
- ट्रेजरी से कमाई एक साल पहले के ₹2,390 करोड़ से गिरकर ₹780 करोड़ रह गई।
एचडीएफसी बैंक का शुद्ध मुनाफा जुलाई-सितंबर तिमाही में 4.7% बढ़कर ₹19,510 करोड़ रहा। पतले मार्जिन और ट्रेडिंग आय में तेज गिरावट ने बढ़त को सीमित रखा। ये प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी शशिधर जगदीशन के कार्यकाल के आखिरी नतीजे हैं। उनका कार्यकाल 26 अक्टूबर को खत्म हो रहा है और अनूप बागची उनकी जगह लेंगे।
मुनाफा विश्लेषकों के अनुमान से थोड़ा कम रहा। ब्लूमबर्ग के सर्वसम्मत अनुमान में इसे ₹19,606 करोड़ आंका गया था। ट्रेजरी से हुए लाभ को अलग कर दें तो मुनाफा एक साल पहले के मुकाबले 12.6% बढ़ा। सहायक कंपनियों को मिलाकर, यानी कंसॉलिडेटेड आधार पर, मुनाफा 5.55% बढ़कर ₹20,700 करोड़ रहा।
दबाव कहां से आया
शुद्ध ब्याज आय, यानी कर्ज पर कमाए ब्याज और जमा पर दिए ब्याज का अंतर, 9.7% बढ़कर ₹34,620 करोड़ रही। कुल परिसंपत्तियों पर शुद्ध ब्याज मार्जिन जून तिमाही के 3.26% से फिसलकर 3.16% पर आ गया।
ट्रेजरी ट्रेडिंग से कमाई, जिसने पिछले साल की इसी तिमाही को सहारा दिया था, ₹2,390 करोड़ से घटकर ₹780 करोड़ रह गई। फीस और कमीशन से आय ₹8,840 करोड़ से बढ़कर ₹9,690 करोड़ हुई। प्रावधान पिछली तिमाही के ₹3,010 करोड़ से बढ़कर ₹3,574 करोड़ हो गए।
फंसे कर्ज में राहत दिखी। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) अनुपात जून के 1.17% और एक साल पहले के 1.24% से सुधरकर 1.11% पर आ गया। शुद्ध एनपीए 0.41% से घटकर 0.37% रहा।
बड़ी हुई बैलेंस शीट
बैंक का कारोबार मुनाफे से तेज बढ़ा। सकल अग्रिम एक साल पहले के मुकाबले 16.3% बढ़कर ₹32.19 लाख करोड़ और जमा 18.8% बढ़कर ₹33.27 लाख करोड़ हो गई। सबसे ज्यादा बढ़त सावधि जमा में रही, जो 22.8% बढ़ी, जबकि चालू और बचत खातों की जमा 10.8% बढ़कर ₹10.52 लाख करोड़ रही।
इसका एक हिस्सा विदेशी मुद्रा अनिवासी (एफसीएनआर-बी) जमा से आया। बैंक ने रिज़र्व बैंक की स्वैप विंडो के जरिए 11.5 अरब डॉलर जुटाए और इसकी विदेशी शाखाओं ने इनके बदले 5.7 अरब डॉलर का कर्ज दिया। बैंक ने 2.5 अरब डॉलर के अमेरिकी डॉलर बॉन्ड भी जारी किए। पूंजी पर्याप्तता अनुपात 18.9% रहा, जो एक साल पहले 20% था।
बाजार का नजरिया
नतीजों से पहले शुक्रवार को शेयर ₹728.85 पर बंद हुआ था और इस साल अब तक करीब 27% गिर चुका है। ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने इसे “कमजोर कमाई वृद्धि की एक और तिमाही” बताया।
चोला सिक्योरिटीज के धर्मेश कांत को धारणा में जल्द बदलाव की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा, “री-रेटिंग में समय लगेगा। मुझे नहीं लगता कि यह तुरंत होगा।”
बाजार सोमवार को खुलेंगे, तब निवेशकों को एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक के नतीजों पर पहली बार प्रतिक्रिया देने का मौका मिलेगा। यस बैंक के साथ ये चारों बैंक निफ्टी बैंक सूचकांक में 40% से ज्यादा हिस्सा रखते हैं। जगदीशन का कार्यकाल उसके एक हफ्ते बाद खत्म होगा।