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आईसीआईसीआई बैंक का मुनाफा 20% उछलकर ₹14,843 करोड़, कर्ज 30% बढ़ा

देश के दूसरे सबसे बड़े निजी बैंक ने शनिवार को कम प्रावधान और तेज कर्ज वृद्धि के दम पर अनुमानों को पीछे छोड़ा। हालांकि मार्जिन जून तिमाही के 4.36% से घटकर 4.18% रह गया।

संपादकीय डेस्क से · मुंबईप्रकाशित

मुख्य बातें

  1. जुलाई-सितंबर में आईसीआईसीआई बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा 20.1% बढ़कर ₹14,843 करोड़ रहा।
  2. कर्ज एक साल में 30% बढ़कर ₹18.32 लाख करोड़ हो गया, जिसमें विदेश में एफसीएनआर-आधारित कर्ज का बड़ा हाथ रहा।
  3. सकल एनपीए एक साल पहले के 1.58% से घटकर 1.20% पर आ गया।

आईसीआईसीआई बैंक का शुद्ध मुनाफा जुलाई-सितंबर तिमाही में 20.1% बढ़कर ₹14,843 करोड़ रहा, जो विश्लेषकों के अनुमान से काफी ऊपर है। प्रावधान घटे और कर्ज पोर्टफोलियो करीब एक तिहाई बढ़ गया।

ब्रोकरेज फर्मों ने 8-14% मुनाफा वृद्धि का अनुमान लगाया था। बैंक ने बाजार के अनुमान को करीब 3.9% से पीछे छोड़ा। बीमा, एसेट मैनेजमेंट और ब्रोकिंग इकाइयों को मिलाकर कंसॉलिडेटेड मुनाफा 22.3% बढ़कर ₹16,333 करोड़ रहा।

विदेश से मिली रफ्तार

शुद्ध ब्याज आय 17.7% बढ़कर ₹25,339 करोड़ रही। कर्ज एक साल पहले के मुकाबले 30% और जून के मुकाबले 12.3% बढ़कर ₹18.32 लाख करोड़ हो गया। इस उछाल का बड़ा हिस्सा बैंक की अंतरराष्ट्रीय शाखाओं से विदेशी मुद्रा अनिवासी (एफसीएनआर-बी) जमा के बदले दिए गए कर्ज से आया। इन कर्जों को छोड़ दें तो वृद्धि 24.1% रही।

जमा में भी यही रुझान दिखा। जमा 27.1% बढ़कर ₹20.50 लाख करोड़ हो गई, लेकिन एफसीएनआर-बी जमा को अलग करें तो वृद्धि 17% रही। चालू और बचत खातों का औसत अनुपात 35.8% रहा।

फीस से आय 20.1% बढ़कर ₹7,795 करोड़ रही, जिसमें करीब तीन-चौथाई हिस्सा खुदरा, ग्रामीण और कारोबारी बैंकिंग ग्राहकों से आया।

मार्जिन सिकुड़ा

इस बढ़त की कीमत मार्जिन में दिखी। शुद्ध ब्याज मार्जिन जून तिमाही के 4.36% और एक साल पहले के 4.30% से घटकर 4.18% रह गया। जून का आंकड़ा आयकर रिफंड पर मिले ब्याज से बढ़ा हुआ था; उसे छोड़कर यह 4.28% था।

बैंक ने कहा, “दूसरी तिमाही में टैक्स रिफंड पर ब्याज का फायदा नगण्य रहा।”

साफ होती बैलेंस शीट

प्रावधान एक साल पहले के ₹914 करोड़ और जून तिमाही के ₹1,260 करोड़ से घटकर ₹851 करोड़ रह गए। सकल एनपीए अनुपात जून के 1.38% और एक साल पहले के 1.58% से सुधरकर 1.20% पर आया और शुद्ध एनपीए 0.30% पर। तिमाही में ₹4,833 करोड़ के नए सकल एनपीए जुड़े, जबकि वसूली और अपग्रेड ₹3,620 करोड़ के रहे। बैंक ने ₹1,592 करोड़ के फंसे कर्ज बट्टे खाते में डाले और प्रावधान कवरेज अनुपात 75% रखा।

बैंक के पास भविष्य के दबाव से निपटने के लिए ₹13,100 करोड़ के आकस्मिक प्रावधान भी हैं।

पूंजी न्यूनतम सीमा से काफी ऊपर है। कुल पूंजी पर्याप्तता अनुपात 16.68% रहा, जबकि नियामकीय न्यूनतम 11.70% है। कोर इक्विटी अनुपात 16.01% रहा। तिमाही के दौरान बैंक ने अपनी जीवन बीमा इकाई में ₹1,470 करोड़ में 2% और हिस्सेदारी खरीदी।

ये आंकड़े आईसीआईसीआई बैंक को उसके बड़े प्रतिद्वंद्वी से अलग खड़ा करते हैं। शनिवार को ही नतीजे जारी करने वाले एचडीएफसी बैंक का मुनाफा 4.7% बढ़ा। दोनों शेयरों में कारोबार सोमवार को फिर शुरू होगा।