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ग्रो का मुनाफ़ा 54% बढ़ा, एफ़एंडओ पर निर्भरता घटी; भेल का मुनाफ़ा दोगुने से ज़्यादा
जुलाई-सितंबर में ब्रोकिंग ऐप की मूल कंपनी की आधी से कम आय इक्विटी डेरिवेटिव से आई। नतीजों के बाद भेल और केनरा बैंक के शेयर चढ़े।

मुख्य बातें
- ग्रो का समेकित शुद्ध मुनाफ़ा एक साल पहले से 54% बढ़कर ₹725.65 करोड़ रहा।
- भेल का स्टैंडअलोन मुनाफ़ा दोगुने से ज़्यादा होकर ₹809.62 करोड़ पहुंचा और शेयर नई ऊंचाई पर गया।
- ग्रो की आय में इक्विटी डेरिवेटिव का हिस्सा 56.9% से घटकर 44.8% रह गया।
ग्रो निवेश ऐप चलाने वाली बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स ने बुधवार को तिमाही मुनाफ़े में 54% की उछाल दर्ज की, जबकि वायदा और विकल्प (एफ़एंडओ) कारोबार से होने वाली आय का हिस्सा और घट गया।
जुलाई से सितंबर का समेकित शुद्ध मुनाफ़ा एक साल पहले के ₹471.34 करोड़ से बढ़कर ₹725.65 करोड़ रहा। यह अप्रैल-जून के ₹735.04 करोड़ से 1.3% कम है।
कामकाज से आय ₹1,018.74 करोड़ से 47% बढ़कर ₹1,501.53 करोड़ रही, लेकिन पिछली तिमाही के मुकाबले लगभग स्थिर रही।
तिमाही में ग्रो की आय का 44.8% इक्विटी डेरिवेटिव से आया, जो एक साल पहले 56.9% था, क्योंकि बाकी कारोबार एफ़एंडओ ब्रोकिंग से तेज़ बढ़ा।
भेल और केनरा बैंक
सरकारी कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स (भेल) का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफ़ा एक साल पहले के ₹367.70 करोड़ से दोगुने से ज़्यादा होकर ₹809.62 करोड़ रहा। कामकाज से आय 23.8% बढ़कर ₹9,300 करोड़ रही और ऑपरेटिंग मार्जिन 7.73% से बढ़कर 11.02% हो गया। साल की पहली छमाही में भेल ने ₹1,192 करोड़ कमाए, जबकि एक साल पहले उसे ₹87 करोड़ का घाटा था।
उसके शेयर बीएसई पर 5% तक चढ़कर ₹463.10 की नई ऊंचाई पर पहुंचे, जो 7 अक्टूबर के ₹455.90 के पिछले शिखर से ऊपर है। एक साल में शेयर लगभग दोगुना हुआ है, जबकि इसी दौरान सेंसेक्स करीब 11% गिरा है।
केनरा बैंक का शुद्ध मुनाफ़ा 8.4% बढ़कर ₹5,174.76 करोड़ रहा। उसका सकल एनपीए घटकर 1.33% और शुद्ध एनपीए 0.3% रहा। शेयर 5% तक चढ़कर ₹126.47 पर पहुंचा और निफ्टी पीएसयू बैंक सूचकांक में सबसे ज़्यादा बढ़ने वाला रहा।
ये तीनों उन 27 कंपनियों में थीं जिन्होंने बुधवार को सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए।