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अगस्त में भारत का चालू खाता घाटा घटकर 5.2 अरब डॉलर रहा
वस्तुओं और सेवाओं के मज़बूत निर्यात से घाटा एक साल पहले से कम हुआ। बैंकिंग पूंजी के भारी प्रवाह से महीने में भुगतान संतुलन 45.4 अरब डॉलर के अधिशेष में रहा।

मुख्य बातें
- अगस्त में चालू खाता घाटा 5.2 अरब डॉलर रहा, जो एक साल पहले 6.1 अरब डॉलर था।
- अप्रैल से अगस्त के बीच यह बढ़कर 18.3 अरब डॉलर हो गया, जो पहले 12.8 अरब डॉलर था।
- अगस्त में कुल भुगतान संतुलन 45.4 अरब डॉलर के अधिशेष में रहा।
भारतीय रिज़र्व बैंक के गुरुवार शाम जारी शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में भारत का चालू खाता घाटा एक साल पहले के 6.1 अरब डॉलर से घटकर 5.2 अरब डॉलर रह गया। वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात आयात से तेज़ी से बढ़ा।
चालू खाता देश के वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार के साथ-साथ आय और विदेश में रहने वाले भारतीयों के भेजे पैसे का हिसाब है। घाटा कम होने का मतलब है कि भारत को अपने खर्च के लिए कम विदेशी पैसे की ज़रूरत है, और यह ऐसे समय में अहम है जब रुपया भारी दबाव में रहा है।
निर्यात में तेज़ी
अगस्त में वस्तुओं का निर्यात एक साल पहले के 35.1 अरब डॉलर से बढ़कर 44.7 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 62.7 अरब डॉलर से बढ़कर 71.3 अरब डॉलर पहुंचा। इससे वस्तु व्यापार घाटा 26.6 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल के 27.6 अरब डॉलर से थोड़ा कम है।
हमेशा की तरह सेवाओं ने इस अंतर को कुछ हद तक भरा। सेवाओं का निर्यात 35.5 अरब डॉलर और आयात 18.9 अरब डॉलर रहा, यानी 16.5 अरब डॉलर का शुद्ध अधिशेष, जो पहले 15.6 अरब डॉलर था। प्रवासियों के भेजे पैसे और दूसरे हस्तांतरणों से शुद्ध रूप से 12.8 अरब डॉलर आए, जबकि विदेश में चुकाए गए ब्याज और लाभांश वाले आय खाते से शुद्ध 8 अरब डॉलर बाहर गए।
वित्त वर्ष की अब तक की तस्वीर कमज़ोर है। अप्रैल से अगस्त के बीच चालू खाता घाटा 18.3 अरब डॉलर रहा, जो 2025 के इन्हीं महीनों में 12.8 अरब डॉलर था, क्योंकि वस्तु व्यापार घाटा 124.7 अरब डॉलर से बढ़कर 146 अरब डॉलर हो गया।
पूंजी का प्रवाह
पूंजी खाते में अगस्त में बड़ा बदलाव दिखा। शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 3.3 अरब डॉलर का प्रवाह रहा, जबकि एक साल पहले मामूली निकासी हुई थी। अगस्त 2025 में 2.6 अरब डॉलर निकालने वाले पोर्टफोलियो निवेशकों ने इस बार शुद्ध 1.7 अरब डॉलर लगाए। बैंकिंग पूंजी का शुद्ध प्रवाह 64.7 अरब डॉलर रहा।
इसके चलते अगस्त में कुल भुगतान संतुलन 45.4 अरब डॉलर के अधिशेष में रहा, जबकि एक साल पहले 5.6 अरब डॉलर का घाटा था। अप्रैल से अगस्त के बीच अधिशेष 58 अरब डॉलर रहा।