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इंडसइंड बैंक फिर मुनाफे में, ₹1,242 करोड़ कमाए; फंसे कर्ज़ के लिए प्रावधान आधा हुआ
एक साल पहले ₹437 करोड़ के घाटे के बाद इस निजी बैंक का सितंबर तिमाही का मुनाफा जून तिमाही से 51% बढ़ा। सीईओ राजीव आनंद ने कहा कि ग्रोथ मज़बूत हुई है।

मुख्य बातें
- इंडसइंड बैंक ने ₹1,242 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया, जबकि एक साल पहले उसे ₹437 करोड़ का घाटा हुआ था।
- प्रावधान पिछले साल की इसी तिमाही के ₹2,631 करोड़ से घटकर ₹1,223 करोड़ रह गए।
- सकल एनपीए अनुपात जून के अंत के 3.25% से सुधरकर 2.73% हो गया।
इंडसइंड बैंक सितंबर तिमाही में फिर मुनाफे में लौट आया। बैंक ने ₹1,242 करोड़ कमाए, जबकि एक साल पहले उसे ₹437 करोड़ का घाटा हुआ था। फंसे कर्ज़ के लिए अलग रखी जाने वाली रकम आधी से भी कम हो गई।
इस निजी बैंक का मुनाफा जून तिमाही के ₹824 करोड़ से 51% ज़्यादा रहा। प्रावधान और आकस्मिक खर्च ₹1,223 करोड़ रहे, जो एक साल पहले ₹2,631 करोड़ थे। शुद्ध ब्याज आय, यानी कर्ज़ पर कमाई और जमा पर दिए गए ब्याज का अंतर, 3.6% बढ़कर ₹4,569 करोड़ हो गई, हालांकि शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.32% से घटकर 3.23% रह गया।
प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी राजीव आनंद ने कहा, “दूसरी तिमाही के हमारे नतीजे दिखाते हैं कि ग्रोथ मज़बूत हुई है, मुनाफा सुधरा है।” उन्होंने कहा कि यह तिमाही “इंडसइंड बैंक के कारोबार की बढ़ती ताकत” को दर्शाती है।
साफ होती बैलेंस शीट
तिमाही के दौरान संपत्ति की गुणवत्ता सुधरी। सकल गैर-निष्पादित संपत्तियां (एनपीए) सितंबर के अंत में कर्ज़ के 2.73% पर आ गईं, जो तीन महीने पहले 3.25% थीं। शुद्ध एनपीए 0.95% से घटकर 0.83% रहा। बैंक ने अपने फंसे कर्ज़ों के 70.19% हिस्से के लिए प्रावधान कर रखा है।
कर्ज़ एक साल पहले के ₹3,25,881 करोड़ से बढ़कर ₹3,63,104 करोड़ और जमा ₹3,89,600 करोड़ से बढ़कर ₹4,28,832 करोड़ हो गई। कुल जमा में चालू और बचत खातों का हिस्सा 27.93% रहा। बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात 17.10% से घटकर 16.59% रहा।
पहली छमाही में बैंक ने ₹2,279 करोड़ कमाए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹167 करोड़ था।
नतीजे बाज़ार बंद होने के बाद आए। शुक्रवार को इंडसइंड के शेयर 1.76% गिरकर ₹835 पर बंद हुए थे और सोमवार को इन आंकड़ों पर कारोबार होगा।