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जियो प्लेटफॉर्म्स ने एंकर निवेशकों से ₹8,110 करोड़ जुटाए, बोलियां ₹2.5 लाख करोड़ के पार
एलआईसी, कैपिटल ग्रुप और सिंगापुर सरकार एंकर बुक में सबसे आगे रहे। देश का सबसे बड़ा आईपीओ बुधवार को ₹1,119 प्रति शेयर तक के भाव पर आम निवेशकों के लिए खुलेगा।

मुख्य बातें
- जियो प्लेटफॉर्म्स ने एंकर निवेशकों को ₹1,119 के भाव पर 7.24 करोड़ शेयर आवंटित कर ₹8,110 करोड़ जुटाए।
- संस्थागत निवेशकों ने ₹2.5 लाख करोड़ से ज़्यादा की बोलियां लगाईं, यानी तय हिस्से से 30 गुना से अधिक।
- ₹30,213 करोड़ का इश्यू 21 से 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा।
आम निवेशकों के लिए इश्यू खुलने से एक दिन पहले जियो प्लेटफॉर्म्स ने एंकर निवेशकों से ₹8,110 करोड़ जुटा लिए हैं, और इन शेयरों के लिए कतार में खड़ी संस्थाओं ने जितना मिल सकता था उससे कहीं ज़्यादा मांगा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की इस सहायक कंपनी ने प्राइस बैंड के ऊपरी छोर, ₹1,119 प्रति शेयर पर 7.24 करोड़ शेयर आवंटित किए। सौदे से जुड़े बैंकरों के मुताबिक एंकर हिस्से के लिए ₹2.5 लाख करोड़ से ज़्यादा की बोलियां आईं, जो पेशकश से 30 गुना से भी अधिक है। बैंकरों ने इसे किसी भारतीय एंकर बुक का रिकॉर्ड बताया।
किसे मिले शेयर
सबसे बड़ा हिस्सा भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को मिला: ₹500 करोड़, यानी एंकर बुक का 6.17%। कैपिटल ग्रुप के न्यू वर्ल्ड फंड को ₹486.2 करोड़ और सिंगापुर सरकार को करीब ₹341 करोड़ के शेयर मिले। एसबीआई फोकस्ड फंड, बीएनपी पारिबा का एक फंड और फिडेलिटी का कॉन्ट्रा फंड भी बड़े आवंटन पाने वालों में रहे।
जीआईसी, ब्लैकरॉक, एफएमआर, एसबीआई म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी म्यूचुअल फंड और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड को ₹425 करोड़ के शेयर मिले। श्रोडर्स, निप्पॉन इंडिया, कोटक, जेपी मॉर्गन के फंड, आलियांज ग्लोबल, फ्रैंकलिन टेम्पलटन, मॉर्गन स्टेनली और नॉर्वे का गवर्नमेंट पेंशन फंड ग्लोबल भी दर्जनों अन्य निवेशकों में शामिल हैं। एचसीएल, प्रेमजी परिवार और ज़ेरोधा की रेनमैटर इन्वेस्टमेंट्स से जुड़े फैमिली ऑफिस ने भी हिस्सा लिया।
अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी को दो इकाइयों के ज़रिए ₹239 करोड़ के शेयर मिले। 2020 में खरीदी गई हिस्सेदारी के चलते उसके पास पहले से जियो प्लेटफॉर्म्स के 1.16% शेयर हैं। बैंकरों के अनुसार वह अकेला मौजूदा शेयरधारक है जिसने इस पेशकश में और शेयर मांगे।
हर कोई इस मांग को पक्का पैसा नहीं मान रहा। सैमको सिक्योरिटीज के एक विश्लेषक ने चेताया, “₹8,110 करोड़ की बुक के मुकाबले ₹2.5 लाख करोड़ की एंकर मांग सांकेतिक बोलियां हैं, प्रतिबद्ध पूंजी नहीं।”
इश्यू की रूपरेखा
पब्लिक ऑफर बुधवार, 21 अक्टूबर को खुलेगा और शुक्रवार, 23 अक्टूबर को बंद होगा। प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर है। ऊपरी छोर पर कंपनी पूरी तरह नए शेयरों से ₹30,213 करोड़ जुटाएगी, जो भारत का सबसे बड़ा शेयर निर्गम होगा। 2020 में जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश करने वाला कोई भी रणनीतिक निवेशक अपने शेयर नहीं बेच रहा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास कंपनी के 66.43% शेयर हैं। 2020 में $20 अरब लगाने वाले मेटा, गूगल, केकेआर, सिल्वर लेक, जनरल अटलांटिक और अन्य निवेशकों के पास मिलाकर 30.89% हिस्सेदारी है। इसमें मेटा की 9.98% और गूगल की 7.73% है।
मोतीलाल ओसवाल का अनुमान है कि बैंड के ऊपरी छोर पर कंपनी का बाज़ार मूल्य करीब ₹10.3 लाख करोड़ होगा। इससे वह भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसी देश की सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनियों की कतार में आ जाएगी, जबकि उसकी मूल कंपनी रिलायंस का मूल्य करीब ₹16.28 लाख करोड़ है।
पाइपर सेरिका के अभय अग्रवाल ने कहा, “इतने बड़े आकार की कंपनियां बहुत कम हैं। इसका मतलब है कि यह एक तरह से भारत का प्रतिनिधि शेयर बन जाती है।”
कीमत के पीछे का कारोबार
2025-26 में जियो प्लेटफॉर्म्स की आय ₹1.47 लाख करोड़ रही और मूल्यह्रास से पहले का परिचालन लाभ ₹73,380 करोड़, यानी करीब 50% का मार्जिन। 2023-24 से 2025-26 के बीच आय औसतन 15.8% सालाना बढ़ी। प्रति ग्राहक औसत आय ₹181.7 से बढ़कर ₹214 हो गई। कंपनी के 53.3 करोड़ से ज़्यादा ग्राहक हैं और पिछले साल उसने 4.26 करोड़ नए ग्राहक जोड़े। देश के वायरलेस डेटा ट्रैफिक का 60% से अधिक उसी के नेटवर्क पर चलता है।
मंगलवार को दशहरे के कारण शेयर बाज़ार बंद रहे। बुधवार को बाज़ार खुलने पर निवेशकों के सामने एक ही दिन जियो का ऑफर, भारतीय रिज़र्व बैंक की नीति बैठक का ब्योरा और इटर्नल के तिमाही नतीजे होंगे।