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जेएसडब्ल्यू स्टील का मुनाफा तीन गुना से ज़्यादा बढ़कर ₹5,359 करोड़, ओडिशा में दो विस्तार की योजना
74.6 लाख टन की रिकॉर्ड बिक्री से सितंबर तिमाही के नतीजे चमके। बोर्ड ने जापान की जेएफई के साथ 50 लाख टन सालाना विस्तार और जेएसडब्ल्यू उत्कल में ₹16,150 करोड़ के दूसरे चरण को मंज़ूरी दी।

मुख्य बातें
- जेएसडब्ल्यू स्टील का समेकित शुद्ध मुनाफा एक साल पहले के ₹1,646 करोड़ से बढ़कर ₹5,359 करोड़ हो गया।
- बोर्ड ने जेएफई स्टील के साथ चल रहे संबलपुर प्लांट में 50 लाख टन सालाना विस्तार को मंज़ूरी दी, जिसमें ₹7,500 करोड़ की इक्विटी बराबर बंटेगी।
- ओडिशा में जेएसडब्ल्यू उत्कल का ₹16,150 करोड़ का दूसरा चरण वित्त वर्ष 2031 की पहली तिमाही तक 50 लाख टन इस्पात क्षमता जोड़ेगा।
जुलाई-सितंबर तिमाही में रिकॉर्ड मात्रा में इस्पात बेचकर जेएसडब्ल्यू स्टील का मुनाफा तीन गुना से ज़्यादा हो गया। उसी दिन कंपनी के बोर्ड ने ओडिशा में दो बड़े क्षमता विस्तार को भी मंज़ूरी दी।
शुक्रवार को जारी नतीजों के मुताबिक कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा एक साल पहले के ₹1,646 करोड़ से बढ़कर ₹5,359 करोड़ हो गया। परिचालन से राजस्व 20.7% बढ़कर ₹54,486 करोड़ और एबिटडा यानी परिचालन मुनाफा 42.2% बढ़कर ₹10,120 करोड़ रहा। परिचालन मार्जिन 15.8% से बढ़कर 18.6% हो गया।
चारों आंकड़े एक बिज़नेस चैनल के सर्वे में शामिल विश्लेषकों के अनुमान से बेहतर रहे, जिन्होंने करीब ₹4,752 करोड़ के मुनाफे की उम्मीद की थी। फिर भी शुक्रवार को शेयर 2.6% गिरकर ₹1,187 पर आ गया। उस दिन बाज़ार में व्यापक बिकवाली के बीच मेटल शेयर सबसे ज़्यादा पिटने वालों में थे।
रिकॉर्ड बिक्री
ज़्यादातर काम मात्रा ने किया। समेकित कच्चे इस्पात का उत्पादन एक साल पहले से 5% बढ़कर रिकॉर्ड 72.7 लाख टन रहा और बिक्री योग्य इस्पात की बिक्री 13% बढ़कर रिकॉर्ड 74.6 लाख टन पहुंच गई। घरेलू बिक्री भी रिकॉर्ड 62.9 लाख टन रही और निर्यात 9.8 लाख टन रहा।
वाहन कंपनियों और ऑटो क्षेत्र को बिक्री अब तक की सबसे ऊंची रही, जो एक साल पहले से 36% ज़्यादा है। कंपनी ने कहा कि परिचालन मुनाफा “ज़्यादा मात्रा की वजह से बढ़ा, जिसका कुछ असर कोकिंग कोल की ऊंची कीमतों और कम प्राप्तियों ने कम किया।”
कर्ज़ घटा। तिमाही के दौरान शुद्ध कर्ज़ करीब ₹1,675 करोड़ घटकर लगभग ₹44,482 करोड़ रह गया और शुद्ध कर्ज़ व एबिटडा का अनुपात 1.46 गुना से घटकर 1.28 गुना रह गया।
ओडिशा की दो परियोजनाएं
बोर्ड ने जापान की जेएफई स्टील कॉरपोरेशन के साथ 50:50 के संयुक्त उद्यम जेएसडब्ल्यू जेएफई स्टील में 50 लाख टन सालाना विस्तार को मंज़ूरी दी। संबलपुर का इसका एकीकृत प्लांट अभी 45 लाख टन सालाना क्षमता का है और लगभग पूरी क्षमता पर चल रहा है। विस्तार के बाद यह 95 लाख टन सालाना का हो जाएगा।
जेएसडब्ल्यू स्टील ने कहा, “बोर्ड और हमारे संयुक्त उद्यम साझेदार जेएफई स्टील ने जेएसडब्ल्यू जेएफई स्टील लिमिटेड में 50 लाख टन सालाना विस्तार को मंज़ूरी दी है।” इसके लिए करीब ₹7,500 करोड़ की इक्विटी चाहिए, जिसमें दोनों साझेदार ₹3,750 करोड़ लगाएंगे। वैधानिक और पर्यावरण मंज़ूरी मिलने पर काम अप्रैल 2027 में शुरू होने और करीब साढ़े तीन साल में पूरा होने की उम्मीद है। इसे वित्त वर्ष 2031 तक चालू करने की योजना है।
अलग से, बोर्ड ने ओडिशा में जेएसडब्ल्यू उत्कल के ₹16,150 करोड़ के दूसरे चरण को मंज़ूरी दी। इससे 50 लाख टन सालाना इस्पात निर्माण क्षमता जुड़ेगी और इसे वित्त वर्ष 2031 की पहली तिमाही तक चालू करने का लक्ष्य है।
अन्य मंज़ूरियों में वासिंद में 18 लाख टन सालाना का कोल्ड रोलिंग मिल परिसर और 12 लाख टन सालाना की मेटल कोटिंग लाइन (लक्ष्य वित्त वर्ष 2030 की दूसरी तिमाही), विजयनगर में 80 लाख टन सालाना का पेलेट प्लांट, और मार्च 2026 में खरीदी गई मोज़ाम्बिक की एमडीआर कोकिंग कोल खदान को 90 लाख टन सालाना तक बढ़ाना शामिल है, जहां 2028 से उत्पादन शुरू होगा।
आगे क्या
इस हफ्ते मुंबई में ओडिशा के निवेश रोडशो के दौरान जेएसडब्ल्यू के चेयरमैन सज्जन जिंदल ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को जिन परियोजनाओं की जानकारी दी, उनमें संबलपुर की योजना भी थी। सोमवार को बाज़ार खुलने पर शेयर पहली बार पूरे सत्र में इन नतीजों पर कारोबार करेगा।