अर्थव्यवस्थाबाज़ार
1,279 अंकों के उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स लगातार चौथे दिन गिरा, स्मॉलकैप धड़ाम
आईटी शेयरों के दम पर सुबह की तेज़ी, ब्रेंट क्रूड के 114 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने से भारी बिकवाली में बदल गई। दिन के आखिर में प्रमुख सूचकांकों ने नुकसान का बड़ा हिस्सा पाट लिया, लेकिन छोटे शेयर करीब 3% टूटे और वोलैटिलिटी इंडेक्स 8% चढ़ा।

मुख्य बातें
- सेंसेक्स 125.56 अंक गिरकर 73,123.83 पर बंद हुआ, लगातार चौथी गिरावट, और निफ्टी 50 87.65 अंक गिरकर 22,600 पर रहा।
- सबसे निचले स्तर पर सेंसेक्स 761.92 अंक गिरकर 72,487.47 पर था, दिन के ऊंचे स्तर से करीब 1,279 अंक नीचे।
- निफ्टी स्मॉलकैप 100 2.94% गिरकर बंद हुआ और इंडिया वीआईएक्स 8% चढ़ा।
शुक्रवार को भारतीय शेयर लगातार चौथे कारोबारी दिन गिरे। दिन भर के बड़े उतार-चढ़ाव में तकनीकी शेयरों की सुबह की तेज़ी, कच्चे तेल के बढ़ते दाम और छोटी कंपनियों में ताज़ा बिकवाली के बोझ तले ढह गई।
सेंसेक्स 125.56 अंक यानी 0.17% गिरकर 73,123.83 पर बंद हुआ और निफ्टी 50 87.65 अंक यानी 0.39% गिरकर 22,600 पर रहा। लेकिन यह आंकड़ा दिन की उथल-पुथल को छिपा देता है। सबसे निचले स्तर पर सेंसेक्स 761.92 अंक गिरकर 72,487.47 पर था, जो सुबह के शिखर से करीब 1,279 अंक नीचे है। आखिरी घंटे की खरीदारी ने इसे वापस खींचा। बाज़ार में अनुमानित उतार-चढ़ाव का पैमाना इंडिया वीआईएक्स करीब 8% चढ़ गया।
छोटी कंपनियों को ऐसी कोई राहत नहीं मिली। निफ्टी मिडकैप 100 2.21% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 2.94% गिरकर बंद हुए, जबकि दोपहर में स्मॉलकैप 3% से ज़्यादा नीचे था। हफ्ते भर से जारी इस गिरावट के लिए विश्लेषक उन मार्जिन कॉल को ज़िम्मेदार बता रहे हैं, जिनकी वजह से उधार लेकर दांव लगाने वाले खुदरा कारोबारियों को बेचना पड़ रहा है।
दिन कैसे पलटा
सुबह की शुरुआत चमकदार थी। सेंसेक्स 416.25 अंक ऊपर 73,665.64 पर खुला और निफ्टी 54.55 अंक चढ़कर 22,742.20 पर पहुंचा। बाज़ार बंद होने के बाद आने वाले नतीजों से पहले इंफोसिस 3% से ज़्यादा चढ़ा, और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़, एचसीएल टेक्नोलॉजीज़ और लार्सन एंड टुब्रो में भी खरीदारी हुई।
पर शुरुआत में भी एनएसई पर हर बढ़ने वाले शेयर के मुकाबले तीन से ज़्यादा शेयर गिर रहे थे और तेज़ी टिकी नहीं। सुबह 10:59 बजे तक सेंसेक्स 627.39 अंक गिरकर 72,622.00 पर और निफ्टी 249.40 अंक गिरकर 22,438.25 पर था। पूरे बाज़ार में 3,245 शेयर गिरे और सिर्फ 519 चढ़े। दोपहर 1 बजे भी सेंसेक्स 738 अंक से ज़्यादा नीचे था।
दोपहर बाद बिकवाली कुछ थमी। क्लोज़िंग सत्र के दौरान 3:24 बजे सेंसेक्स 354.44 अंक नीचे 72,894.95 पर और निफ्टी 171.25 अंक नीचे 22,516.40 पर था, और सहारा ज़्यादातर आईटी शेयरों से मिल रहा था।
तेल और पश्चिम एशिया
दबाव बाहर से आया। यमन के हूतियों के सऊदी अरब में हमलों के बाद ऊर्जा आपूर्ति की चिंता में ब्रेंट क्रूड करीब 113.50 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया, और वॉल स्ट्रीट पर तकनीकी शेयरों की बिकवाली के बाद एशियाई बाज़ार भी गिरे। सुबह जापान का निक्केई 1.36% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.05% नीचे था।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा, “भू-राजनीतिक तनाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के परिदृश्य पर बादल बनकर छाए हुए हैं।” अपना ज़्यादातर तेल विदेश से खरीदने वाले भारत के लिए कच्चे तेल में हर उछाल महंगाई और कमज़ोर रुपये की चिंता बढ़ाता है।
विदेशी निवेशकों ने दबाव और बढ़ाया। उन्होंने गुरुवार को ₹3,458.70 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थानों ने ₹2,891.32 करोड़ की खरीदारी की।
कौन चढ़ा, कौन गिरा
धातु और रियल एस्टेट शेयर सबसे ज़्यादा गिरे। निफ्टी 50 में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज़, अदाणी एंटरप्राइज़ेज़ और टाटा स्टील सबसे बड़े नुकसान वाले शेयर रहे, और महिंद्रा एंड महिंद्रा व टाइटन भी कमज़ोर रहे। सूचना प्रौद्योगिकी ही ऐसा सेक्टर था जिसमें ठीक-ठाक बढ़त रही, क्योंकि घबराए बाज़ार में निवेशकों ने बड़ी आईटी निर्यातक कंपनियों को अपेक्षाकृत सुरक्षित दांव माना।
कोटक नियो में इक्विटी रिसर्च प्रमुख श्रीकांत चौहान ने आगाह किया था कि निफ्टी के 22,550 या सेंसेक्स के 73,000 से लगातार नीचे रहने पर बिकवाली तेज़ हो सकती है। दिन के दौरान दोनों स्तर टूटे, हालांकि सूचकांक इनसे ठीक ऊपर बंद हुए।
आगे क्या
अब निवेशकों की नज़र इंफोसिस, जेएसडब्ल्यू स्टील और डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज़ पर होगी, जो बाज़ार बंद होने के बाद नतीजे जारी करेंगी, और जियो प्लेटफॉर्म्स के रिकॉर्ड इश्यू के अंतिम आंकड़ों पर भी, जिसकी तीन दिन की बोली शुक्रवार को खत्म हुई और जिसमें संस्थानों ने अपने हिस्से की 23 गुना से ज़्यादा बोली लगाई। रिज़र्व बैंक के साप्ताहिक विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़े शाम को आने हैं।