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आखिरी दिन जियो आईपीओ करीब 10 गुना सब्सक्राइब, संस्थागत निवेशकों ने 23 गुना बोली लगाई

भारत के सबसे बड़े शेयर इश्यू के आखिरी दिन बड़े निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया और दोपहर तक कुल मांग 5.5 गुना से बढ़कर करीब 10 गुना हो गई। खुदरा बोलियां सीमित रहीं, जिससे ज़्यादातर छोटे आवेदकों को मांगे गए शेयर मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय डेस्क से · मुंबईप्रकाशित
सूरत में रिलायंस का एक रिटेल परिसर (फ़ाइल फ़ोटो)
सूरत में रिलायंस का एक रिटेल परिसर (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Rahul Bhadane / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. ₹30,213 करोड़ का इश्यू शुक्रवार दोपहर 2:10 बजे तक 9.81 गुना सब्सक्राइब हो चुका था।
  2. क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स ने अपने हिस्से की 23.47 गुना बोली लगाई।
  3. आवंटन 26 अक्टूबर को होना है और शेयर 28 अक्टूबर को लिस्ट होंगे।

भारत में अब तक के सबसे बड़े शेयर इश्यू, जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को शुक्रवार को आखिरी दिन पेशकश के करीब 10 गुना शेयरों की बोलियां मिलीं, क्योंकि आखिरी घंटों में संस्थागत निवेशक मैदान में उतरे।

एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक दोपहर 2:10 बजे तक ₹30,213 करोड़ का यह इश्यू 9.81 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। सुबह 9:26 बजे यह आंकड़ा 5.73 गुना और गुरुवार शाम 5.51 गुना था। पूरे सत्र में मांग लगातार बढ़ी: दोपहर 12:10 बजे 6.90 गुना, एक घंटे बाद 7.70 गुना और 2 बजे के कुछ ही देर बाद करीब दहाई अंक।

संस्थागत निवेशक सबसे आगे

यह उछाल लगभग पूरी तरह बड़े पैसे से आया। म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियों, बैंकों और विदेशी फंडों जैसे क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स ने दोपहर 2:10 बजे तक अपने लिए आरक्षित शेयरों की 23.47 गुना बोली लगा दी थी, जो सुबह 13.29 गुना थी। चर्चित इश्यू में बड़े संस्थान अक्सर आखिरी दिन ऑर्डर लगाते हैं और यहां भी यही हुआ।

गैर-संस्थागत निवेशकों, यानी ज़्यादातर अमीर व्यक्तियों और कंपनियों, ने अपने हिस्से का 11.97 गुना सब्सक्राइब किया। खुदरा निवेशकों की चाल कहीं ज़्यादा संतुलित रही, 2.28 गुना।

छोटे निवेशकों के लिए यह सीमित खुदरा आंकड़ा अहम है। इश्यू में सबसे बड़ा अकेला हिस्सा खुदरा का है, करीब 8.5 करोड़ शेयर, और मांग इसकी करीब दोगुनी होने से न्यूनतम लॉट पर बोली लगाने वाले ज़्यादातर आवेदकों को आवंटन में शेयर मिलने की अच्छी संभावना है।

इश्यू कैसे काम करता है

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की डिजिटल और टेलीकॉम इकाई जियो केवल नए शेयर बेच रही है, ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर पर, 12 शेयरों के लॉट में। कोई मौजूदा शेयरधारक हिस्सेदारी नहीं बेच रहा। 21 अक्टूबर को इश्यू खुलने से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹8,109.85 करोड़ जुटाए थे, जिन्होंने ₹1,119 पर करीब 7.25 करोड़ शेयर लिए।

इस इश्यू का असर पूरे बाज़ार में दिखा है। बाज़ार के कुछ जानकारों का कहना है कि निवेशक जियो में बोली लगाने के लिए छोटे और मझोले शेयरों से पैसा निकाल रहे थे, और शुक्रवार को निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब 4% की गिरावट की कई वजहों में इसे भी गिना गया। इश्यू से जुड़े डॉलर प्रवाह ने इस हफ्ते की शुरुआत में रुपये को भी सहारा दिया था।

आगे क्या

बोली शुक्रवार को बंद हो रही है। आवंटन सोमवार, 26 अक्टूबर को तय होने की उम्मीद है और शेयर बुधवार, 28 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर कारोबार शुरू करेंगे। लिस्टिंग के बाद जियो भारतीय एक्सचेंज की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल हो जाएगी, और तेल की कीमतों व पश्चिम एशिया संघर्ष से हिले बाज़ार में बड़े नए इश्यू के लिए बची भूख की यह एक परीक्षा होगी।