अर्थव्यवस्थाआईपीओ
जियो आईपीओ: दूसरे दिन दो घंटे के भीतर भर गया खुदरा निवेशकों का हिस्सा
बुधवार को पीछे रहे छोटे निवेशकों ने गुरुवार सुबह 11 बजे तक अपना पूरा हिस्सा भर दिया। दोपहर तक ₹30,213 करोड़ का इश्यू 4.3 गुना सब्सक्राइब हो चुका था, संस्थागत निवेशकों ने अपने हिस्से से करीब दस गुना बोली लगाई।

मुख्य बातें
- जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ का खुदरा हिस्सा गुरुवार को सुबह 11 बजे तक पूरा सब्सक्राइब हो गया।
- दोपहर 2:12 बजे तक पूरे इश्यू को पेशकश वाले शेयरों के 4.3 गुना बोलियां मिल चुकी थीं।
- पात्र संस्थागत खरीदारों ने अपने हिस्से की 9.78 गुना बोली लगाई; बोली शुक्रवार, 23 अक्टूबर को बंद होगी।
जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर बिक्री के पहले दिन धीमे रहे खुदरा निवेशकों ने गुरुवार को बोली दोबारा शुरू होने के दो घंटे के भीतर अपना पूरा हिस्सा भर दिया।
बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 11 बजे तक ₹30,213 करोड़ के इश्यू को पेशकश वाले शेयरों के 3.47 गुना बोलियां मिल चुकी थीं। पात्र संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) ने अपने हिस्से की 9.42 गुना, गैर-संस्थागत निवेशकों ने 2.34 गुना, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरधारकों के लिए आरक्षित हिस्से ने 2.06 गुना और कर्मचारियों ने 1.61 गुना बोली लगाई।
दिन भर मांग बढ़ती रही। दोपहर 2:12 बजे तक इश्यू 4.3 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। संस्थागत निवेशकों का हिस्सा 9.78 गुना, गैर-संस्थागत निवेशकों का 4.09 गुना और खुदरा निवेशकों का 1.39 गुना भरा था।
छोटे निवेशकों की यह तेज़ी इसलिए अहम है क्योंकि बुधवार को कारोबार बंद होने तक खुदरा हिस्सा करीब दो-तिहाई ही भरा था, जबकि संस्थाएं जमकर बोली लगा रही थीं। इश्यू खुलने के 100 मिनट के भीतर पूरा सब्सक्राइब हो गया था, जो किसी भी भारतीय पेशकश में सबसे तेज़ है। पहले दिन शाम 5 बजे तक 62.36 करोड़ शेयरों के लिए करीब ₹69,800 करोड़ की बोलियां आ चुकी थीं।
रिलायंस की यह इकाई ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर के भाव पर 27 करोड़ तक नए शेयर बेच रही है, मौजूदा शेयरधारक कोई हिस्सा नहीं बेच रहे। ऊपरी दाम पर कंपनी का मूल्यांकन करीब 108 अरब डॉलर बैठता है और यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है। इश्यू खुलने से पहले जियो ने 212 एंकर निवेशकों से ₹1,119 प्रति शेयर पर करीब ₹8,110 करोड़ जुटाए थे। इनमें ब्लैकरॉक, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, जीआईसी और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी शामिल हैं।
मूडीज़ रेटिंग्स ने इस इश्यू को रिलायंस इंडस्ट्रीज की साख के लिए सकारात्मक बताया है, क्योंकि इससे मिली रकम रिलायंस जियो इन्फोकॉम का कर्ज़ और ब्याज का बोझ घटाने में लगेगी।
बोली शुक्रवार, 23 अक्टूबर को बंद होगी।
अपडेट 22 अक्टूबर 2026, दोपहर 2:35 बजे: यह खबर पहली बार प्रकाशित होने के बाद अपडेट की गई।