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दूसरे दिन जियो आईपीओ 5.51 गुना भरा, संस्थागत निवेशकों ने कोटे से 13 गुना बोली लगाई

देश के सबसे बड़े आईपीओ की मांग गुरुवार शाम तक बढ़ती रही। बोली शुक्रवार को बंद होगी, सोमवार को आवंटन और अगले बुधवार को लिस्टिंग होनी है।

संपादकीय डेस्क से · मुंबईप्रकाशित
नवी मुंबई में रिलायंस कॉरपोरेट पार्क (फ़ाइल फ़ोटो)
नवी मुंबई में रिलायंस कॉरपोरेट पार्क (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: NiiteshPattiil / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. गुरुवार शाम 6:57 बजे तक जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ कुल 5.51 गुना भर चुका था।
  2. क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स ने अपने हिस्से के 13.14 गुना शेयरों के लिए बोली लगाई।
  3. इश्यू शुक्रवार को बंद होगा और शेयर 28 अक्टूबर को सूचीबद्ध होने हैं।

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ दूसरे दिन के अंत तक पेशकश के 5.51 गुना शेयरों की बोलियां पा चुका था। गुरुवार शाम बड़े निवेशकों ने जमकर बोली लगाई और छोटे निवेशक भी आते रहे।

बीएसई और एनएसई के आंकड़ों के मुताबिक शाम 6:57 बजे तक क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स ने अपने हिस्से के 13.14 गुना शेयरों के लिए बोली लगाई थी। गैर-संस्थागत निवेशकों, यानी ज़्यादातर अमीर व्यक्तिगत निवेशकों, का हिस्सा 5.91 गुना भरा; बड़ी बोलियों वाला हिस्सा 6.69 गुना और छोटी बोलियों वाला 4.34 गुना। खुदरा हिस्सा 1.53 गुना भरा। अपने अलग कोटे वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के शेयरधारकों ने 4.01 गुना और कर्मचारियों ने 2.09 गुना बोली लगाई।

शाम 5 बजे इश्यू 5.24 गुना पर था, जबकि पहले दिन के अंत में करीब 3 गुना था। गुरुवार को बोली खुलने के दो घंटे के भीतर खुदरा कोटा भर गया था।

इश्यू का ढांचा

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की डिजिटल और टेलीकॉम इकाई जियो ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर पर 12 शेयरों के लॉट में नए शेयर बेच रही है। करीब ₹30,213 करोड़ का यह इश्यू भारत में अब तक का सबसे बड़ा है और कोई मौजूदा शेयरधारक हिस्सा नहीं बेच रहा। इश्यू खुलने से पहले कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों से ₹8,109.84 करोड़ जुटाए थे।

गुरुवार शाम आवेदनों की संख्या के हिसाब से खुदरा मांग 0.76 गुना थी, यानी आखिरी दिन तक यही स्थिति रही तो ज़्यादातर छोटे निवेशकों को मांगे गए शेयर मिल सकते हैं।

आगे क्या

बोली शुक्रवार, 23 अक्टूबर को बंद होगी। आवंटन सोमवार, 26 अक्टूबर को तय होना है और शेयर बुधवार, 28 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध होने हैं।

इश्यू का पैसा रुपये की मदद कर चुका है: डीलरों ने बुधवार को रुपये के छह हफ्ते के ऊंचे स्तर का श्रेय इसी के लिए आए डॉलर को दिया।