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कोटक महिंद्रा बैंक का दूसरी तिमाही में मुनाफा 26% बढ़कर ₹5,645 करोड़, विदेशी मुद्रा जमा में उछाल

बैंक ने सितंबर तिमाही में एफसीएनआर(बी) खातों से करीब ₹55,344 करोड़ जुटाए। इससे कर्ज़ और जमा तेज़ी से बढ़े, लेकिन ब्याज मार्जिन घटकर 4.31% रह गया।

संपादकीय डेस्क से · मुंबईप्रकाशित
कोटक महिंद्रा बैंक की एक शाखा (फ़ाइल फ़ोटो)
कोटक महिंद्रा बैंक की एक शाखा (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Ask27 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. जुलाई-सितंबर तिमाही में कोटक महिंद्रा बैंक का समेकित शुद्ध मुनाफा 26% बढ़कर ₹5,645 करोड़ रहा।
  2. शुद्ध ब्याज मार्जिन जून तिमाही के 4.53% से घटकर 4.31% रहा, जिसकी मुख्य वजह बैंक ने एफसीएनआर(बी) जमा बताई।
  3. सकल एनपीए एक साल पहले के 1.39% से घटकर कुल कर्ज़ का 1.04% रह गया।

कोटक महिंद्रा बैंक ने शनिवार को जुलाई-सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। समेकित शुद्ध मुनाफा 26% बढ़ा। विदेशी मुद्रा जमा की भारी आवक ने बैंक की बैलेंस शीट तो बढ़ाई, लेकिन फंड की लागत भी बढ़ा दी।

समूह का मुनाफा एक साल पहले के ₹4,468 करोड़ से बढ़कर ₹5,645 करोड़ हो गया। यह जून तिमाही के ₹5,480 करोड़ से भी 3% ज़्यादा है। अकेले बैंक (स्टैंडअलोन) का मुनाफा 29% बढ़कर ₹3,253 करोड़ से ₹4,212 करोड़ रहा।

डॉलर में जमा, विदेश में कर्ज़

इस तिमाही का सबसे अहम आंकड़ा एफसीएनआर(बी) खातों से जुटाई गई रकम है। ये विदेशी मुद्रा जमा खाते हैं जो प्रवासी भारतीय भारतीय बैंकों में रखते हैं। कोटक ने इनसे करीब ₹55,344 करोड़ जुटाए और अपनी अंतरराष्ट्रीय शाखाओं के ज़रिए करीब ₹16,110 करोड़ का कर्ज़ दिया।

इसका असर पूरी बैलेंस शीट पर दिखा। कुल जमा 23% बढ़कर ₹6.51 लाख करोड़ हो गई, लेकिन एफसीएनआर(बी) जमा हटा दें तो बढ़त सिर्फ 13% रही। शुद्ध कर्ज़ 25% बढ़कर ₹5.77 लाख करोड़ रहा। एफसीएनआर(बी) जमा के बदले दिए गए कर्ज़ और समूह की कंपनी कोटक महिंद्रा इन्वेस्टमेंट्स से खरीदे गए पोर्टफोलियो को हटाकर कर्ज़ में बढ़त 19% रही।

यह नया पैसा सस्ता नहीं पड़ा। शुद्ध ब्याज मार्जिन, यानी कर्ज़ पर कमाई और जमा पर चुकाए ब्याज का अंतर, जून तिमाही के 4.53% और एक साल पहले के 4.54% से घटकर 4.31% रह गया। बैंक ने इसकी मुख्य वजह एफसीएनआर(बी) जमा जुटाना बताई। फंड की लागत पिछली तिमाही के 4.46% से बढ़कर 4.52% हो गई।

कम लागत वाले चालू और बचत खातों (कासा) का हिस्सा भी एक साल पहले के 42.3% से घटकर 38.2% रह गया। एफसीएनआर(बी) जमा के बिना यह अनुपात 41.8% रहा।

साफ होते खाते, कम प्रावधान

इसके बावजूद शुद्ध ब्याज आय 16% बढ़कर ₹8,459 करोड़ रही और फीस व सेवा आय 21% बढ़कर ₹2,926 करोड़ हो गई। परिचालन खर्च 14% बढ़कर ₹5,271 करोड़ रहा।

संपत्ति की गुणवत्ता में सुधार जारी रहा। सकल एनपीए एक साल पहले के 1.39% से घटकर 1.04% और शुद्ध एनपीए 0.32% से घटकर 0.24% रह गया। नए फंसे कर्ज़ (स्लिपेज) 24% घटकर ₹1,230 करोड़ रहे। प्रावधान एक साल पहले से 15% घटकर ₹803 करोड़ रहे, हालांकि यह जून तिमाही के ₹668 करोड़ से ज़्यादा है। सालाना आधार पर क्रेडिट लागत 0.35% रही, जो एक साल पहले 0.79% थी।

बैंक का संपत्ति पर रिटर्न 1.92% और इक्विटी पर रिटर्न 11.65% रहा। पूंजी पर्याप्तता 21.9% रही।

सहायक कंपनियों में कोटक सिक्योरिटीज़ ने ₹348 करोड़, एसेट मैनेजमेंट कारोबार ने ₹287 करोड़, कोटक महिंद्रा प्राइम ने ₹251 करोड़ और जीवन बीमा इकाई ने ₹198 करोड़ कमाए।

आगे क्या

बैंक शीर्ष पद पर बदलाव की तैयारी भी कर रहा है। प्रबंध निदेशक और सीईओ अशोक वासवानी के दिसंबर 2026 के अंत में पद छोड़ने की घोषणा जून में हुई थी। शनिवार को नतीजे जारी करने वाली 33 कंपनियों में कोटक के साथ आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, जेके सीमेंट और कैस्ट्रॉल इंडिया भी शामिल थीं। निवेशक सोमवार, 26 अक्टूबर को बाज़ार खुलने पर इन नतीजों पर पहली प्रतिक्रिया देंगे।