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ब्रेंट 114 डॉलर के पार, रुपया 12 पैसे फिसलकर 94.93 पर

महंगे तेल और भारतीय शेयरों में विदेशी बिकवाली के दबाव में शुक्रवार को रुपया लगातार दूसरे दिन कमज़ोर हुआ, और हफ्ते के अंत में लगभग वहीं पहुंच गया जहां से शुरू हुआ था।

संपादकीय डेस्क से · मुंबईप्रकाशित
भारतीय रुपये के नोट (फ़ाइल फ़ोटो)
भारतीय रुपये के नोट (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Billjones94 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. रुपया अनंतिम रूप से 94.93 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो गुरुवार से 12 पैसे कमज़ोर है।
  2. दिन में ब्रेंट क्रूड वायदा 1.01% बढ़कर 114.31 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा।
  3. विदेशी निवेशकों ने गुरुवार को ₹3,458.70 करोड़ के भारतीय शेयर बेचे।

कच्चे तेल के बढ़ते दाम और भारतीय शेयरों में विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 12 पैसे गिरकर अनंतिम रूप से 94.93 पर बंद हुआ। यह लगातार दूसरे दिन की गिरावट है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाज़ार में रुपया 94.78 पर खुला और कारोबार के दौरान 94.98 के निचले स्तर तक गया। गुरुवार को यह 43 पैसे गिरकर 94.81 पर बंद हुआ था। पूरे हफ्ते में रुपया लगभग वहीं रहा जहां से चला था, 16 अक्टूबर के 94.89 के बंद भाव से सिर्फ 4 पैसे कमज़ोर।

सऊदी अरब में हमलों और ईरान से जुड़े बड़े टकराव के खतरे के बीच दिन में ब्रेंट क्रूड वायदा 1.01% बढ़कर 114.31 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। भारत अपना ज़्यादातर तेल विदेश से खरीदता है, इसलिए महंगे क्रूड से आयातकों की डॉलर मांग बढ़ती है। छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 0.12% बढ़कर 101.73 पर था।

मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी ने कहा, “कच्चे तेल के ऊंचे दामों के चलते हमें रुपये में हल्के नकारात्मक रुझान के साथ कारोबार की उम्मीद है।” उन्होंने आगे कहा, “एफआईआई की बिकवाली भी रुपये पर दबाव डाल सकती है।” उनके मुताबिक रुपया 94.65 से 95.25 प्रति डॉलर के दायरे में रह सकता है।

एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को ₹3,458.70 करोड़ के शेयर बेचे। शुक्रवार को शेयर बाज़ार में सेंसेक्स 125.56 अंक गिरकर 73,123.83 और निफ्टी 87.65 अंक गिरकर 22,600 पर बंद हुआ।

रुपये को सहारा देने के बीच घट रहे विदेशी मुद्रा भंडार के भारतीय रिज़र्व बैंक के साप्ताहिक आंकड़े शाम को आने हैं।