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नए संयंत्रों के दम पर अल्ट्राटेक सीमेंट का मुनाफा 21% बढ़ा, पर शेयर ऊपरी स्तर से फिसले
देश की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी ने मानसून वाली तिमाही में 13.8% ज़्यादा सीमेंट बेचा और ₹1,494 करोड़ कमाए। ईंधन और कच्चे माल की बढ़ी लागत से मार्जिन लगभग जस का तस रहा।

मुख्य बातें
- सितंबर तिमाही में अल्ट्राटेक का समेकित शुद्ध मुनाफा 21.3% बढ़कर ₹1,493.77 करोड़ रहा।
- घरेलू ग्रे सीमेंट की बिक्री 13.8% बढ़कर 3.594 करोड़ टन हुई और संयंत्र 71% क्षमता पर चले।
- नतीजों के बाद शेयर दिन के ऊंचे स्तर से करीब 5% गिरे।
देश की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट ने सोमवार को सितंबर तिमाही के मुनाफे में 21.3% की बढ़त दर्ज की। नए संयंत्रों की मदद से मानसून के महीनों में भी उसकी बिक्री बढ़ी। लेकिन निवेशक ज़्यादा प्रभावित नहीं हुए और शेयर सुबह की बढ़त गंवा बैठे।
शेयरधारकों के हिस्से का समेकित शुद्ध मुनाफा एक साल पहले के ₹1,231.58 करोड़ से बढ़कर ₹1,493.77 करोड़ हो गया। परिचालन से आय 18.8% बढ़कर ₹23,295.07 करोड़ रही। प्रति शेयर आय ₹41.87 से बढ़कर ₹50.78 हो गई।
बिक्री ने संभाली तिमाही
बढ़त मुख्य रूप से ज़्यादा बिक्री से आई। अल्ट्राटेक ने भारत में 3.594 करोड़ टन ग्रे सीमेंट बेचा, जो एक साल पहले से 13.8% ज़्यादा है। उसके संयंत्र 66% के मुकाबले 71% क्षमता पर चले।
मिरे एसेट शेयरखान के रिसर्च विश्लेषक अक्षय शेट्टी ने कहा, “यह नए संयंत्रों, बाज़ार में व्यापक पहुंच और प्रीमियम उत्पादों की ज़्यादा बिक्री से आया।” उन्होंने मानसून की रुकावटों के बावजूद तिमाही को स्थिर बताया।
लागत भी लगभग बिक्री जितनी ही तेज़ी से बढ़ी। बिजली और ईंधन पर खर्च 24% बढ़कर ₹5,511 करोड़ और कच्चे माल पर 24.4% बढ़कर ₹4,208 करोड़ हो गया, जबकि माल ढुलाई 16.5% महंगी हुई। इसलिए परिचालन मार्जिन एक साल पहले के लगभग बराबर रहा। अप्रैल-जून तिमाही के मुकाबले मुनाफा 42.5% कम रहा, जो आम तौर पर सीमेंट के लिए साल की सबसे मज़बूत तिमाही होती है।
ज़्यादा क्षमता और नया कारोबार
तिमाही के दौरान अल्ट्राटेक ने आंध्र प्रदेश के पेटनिकोटा में सालाना 36 लाख टन का एकीकृत संयंत्र चालू किया और विशाखापत्तनम, पतरातू और नाथद्वारा में अड़चनें दूर करके 10 लाख टन क्षमता जोड़ी। उसकी घरेलू क्षमता अब सालाना 20.47 करोड़ टन और विदेशी संयंत्रों समेत 21.01 करोड़ टन है। कंपनी ने कहा कि वह मार्च 2028 तक 24 करोड़ टन पार करने की राह पर है।
कंपनी ने गुजरात के झगड़िया में कारखाने के साथ अल्ट्रावोल्ट वायर और केबल कारोबार भी शुरू किया है। ऊर्जा के मोर्चे पर राजस्थान के बाड़मेर में 116.55 मेगावाट की पवन परियोजना से उसकी कैप्टिव हरित बिजली क्षमता 2 गीगावाट पार कर गई। कंपनी के अनुसार इससे अब उसकी बिजली की करीब 48% ज़रूरत पूरी होती है।
शेयर की चाल
सुबह अल्ट्राटेक 2% से ज़्यादा चढ़कर सेंसेक्स के सबसे अच्छे शेयरों में था। नतीजों के बाद यह तेज़ी से पलटा और एनएसई पर ₹11,219 के ऊंचे स्तर से ₹10,626 तक गिरा। दोपहर 2:20 बजे यह 1.9% नीचे ₹10,702 पर था। शेयर अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर ₹10,325 के करीब है।