अर्थव्यवस्थाबाज़ार
एक्सिस और एचडीएफसी बैंक के दबाव में सेंसेक्स 876 अंक टूटा, दशहरे की छुट्टी से पहले बाज़ार लाल
सितंबर तिमाही के नतीजों के बाद निजी बैंकों के शेयर गिरे, विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रही और ब्रेंट 108 डॉलर के पास टिका रहा। दो दिन की तेज़ी सोमवार को थम गई।

मुख्य बातें
- सेंसेक्स 876.37 अंक (1.17%) गिरकर 73,852.90 पर बंद हुआ और दो दिन की बढ़त का सिलसिला टूटा।
- दिन में सेंसेक्स की गिरावट का आधे से ज़्यादा हिस्सा एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक से आया।
- विदेशी निवेशक अक्टूबर में अब तक ₹52,100 करोड़ के शेयर बेच चुके हैं, जो छह महीने में सबसे ज़्यादा है।
सितंबर तिमाही के नतीजों के बाद निवेशकों ने सोमवार को निजी बैंकों के शेयर जमकर बेचे और शेयर बाज़ार तेज़ी से गिरा। इससे वह तेज़ी थम गई जिसने पिछले हफ्ते बाज़ार को छह महीने का सबसे अच्छा हफ्ता दिया था।
सेंसेक्स थोड़ी बढ़त के साथ 74,849.30 पर खुला, लेकिन 876.37 अंक यानी 1.17% गिरकर 73,852.90 पर बंद हुआ। निफ्टी 50 करीब 257 अंक टूटकर लगभग 22,889 पर रहा। व्यापक बाज़ार भी गिरा: निफ्टी मिडकैप 100 में 1.09% और स्मॉलकैप 100 में 1.01% की गिरावट रही। दोपहर तक बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का बाज़ार मूल्य करीब ₹4.48 लाख करोड़ घट चुका था।
बैंकों ने खींचा बाज़ार
बिकवाली सबसे बड़े बैंकों में केंद्रित रही। दिन में सेंसेक्स की गिरावट का आधे से ज़्यादा हिस्सा एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक से आया। एक्सिस बैंक करीब 5% गिरा। उसका शुद्ध मुनाफा 38% बढ़कर ₹7,003 करोड़ रहा, फिर भी एलारा कैपिटल ने कहा कि मूल कामकाज के पैमानों पर बैंक अपने प्रतिद्वंद्वियों से पीछे है। एचडीएफसी बैंक करीब 3% फिसला। विश्लेषकों का मानना है कि उप प्रबंध निदेशक कैज़ाद भरूचा के उत्तराधिकारी का नाम तय होने तक शेयर पर दबाव रहेगा।
इन्फोसिस और हिंदुस्तान यूनिलीवर भी बड़े नुकसान वालों में रहे, और निफ्टी प्राइवेट बैंक सूचकांक सबसे कमज़ोर क्षेत्र रहा। सरकारी बैंकों की चाल उलटी रही। अच्छे नतीजों के बाद पंजाब नेशनल बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की अगुवाई में निफ्टी पीएसयू बैंक सूचकांक दिन का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र रहा।
एचएसटी वेल्थ के संस्थापक और सीईओ हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने सुबह कहा, “यह पुष्टि करने के लिए कि सुधार आईटी से आगे फैल रहा है, बैंक निफ्टी को 56,000 पार करना होगा।”
विदेशी पैसा और तेल
दो पुरानी चिंताएं लौट आईं। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक अक्टूबर में अब तक ₹52,100 करोड़ के भारतीय शेयर बेच चुके हैं, जो छह महीने में सबसे ज़्यादा है। इस साल उनकी कुल बिकवाली रिकॉर्ड ₹3.12 लाख करोड़ पर पहुंच गई है। होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास टैंकरों पर ईरानी हमलों के बाद पिछले हफ्ते 11% चढ़ा ब्रेंट कच्चा तेल 107 से 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमत बड़ी बाधा है और तेल इतना महंगा रहते विदेशी निवेशकों के रुख में सुधार टिकने की संभावना कम है। एंजेल वन के तकनीकी विश्लेषक हितेश राठी ने कहा कि बाज़ार की बढ़त कुछ ही शेयरों तक सीमित है, इसलिए जोखिम और फायदे का संतुलन खरीदारों के पक्ष में नहीं है।
नतीजों में कुछ अच्छी खबरें भी रहीं। अल्ट्राटेक सीमेंट का तिमाही मुनाफा 21% बढ़ा, हालांकि उसके शेयर शुरुआती बढ़त गंवा बैठे। एचएफसीएल अपनी अब तक की सबसे अच्छी तिमाही के बाद लगातार दूसरे दिन अपर सर्किट पर पहुंचा।
आगे क्या
दशहरे के कारण मंगलवार को एक्सचेंज बंद रहेंगे। कारोबार बुधवार को फिर शुरू होगा, जब ₹30,200 करोड़ का जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ खुलेगा और इटर्नल अपने नतीजे देगी। इन्फोसिस के नतीजे शुक्रवार को आएंगे।