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अर्बन कंपनी की आय 41% बढ़ी, इंस्टाहेल्प पर खर्च से घाटा बढ़ा
होम सर्विस प्लेटफॉर्म के बोर्ड ने ₹2,500 करोड़ तक जुटाने और अपने नेटिव ब्रांड के तहत एयर कंडीशनर बेचने की संभावना परखने को भी मंजूरी दी।
मुख्य बातें
- जुलाई-सितंबर में परिचालन से आय 41% बढ़कर ₹537 करोड़ रही।
- कंपनी ने अपनी झटपट घरेलू मदद सेवा इंस्टाहेल्प पर ₹174 करोड़ खर्च किए।
- बोर्ड ने ₹2,500 करोड़ तक जुटाने को मंजूरी दी, जिस पर शेयरधारकों की मुहर बाकी है।
अर्बन कंपनी की परिचालन से आय जुलाई-सितंबर तिमाही में एक साल पहले के मुकाबले 41% बढ़कर ₹537 करोड़ रही। होम सर्विस ऐप पर बुक हुए काम दोगुने से ज्यादा होकर 1.51 करोड़ पर पहुंच गए। शुद्ध घाटा बढ़कर ₹182.48 करोड़ हो गया, जिसकी बड़ी वजह झटपट घरेलू मदद देने वाली सेवा इंस्टाहेल्प पर भारी खर्च रहा।
प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों के कुल भुगतान, यानी शुद्ध लेनदेन मूल्य, 39% बढ़कर ₹1,432 करोड़ रहा। पिछले एक साल में करीब 1 करोड़ लोगों ने सेवा का इस्तेमाल किया।
इंस्टाहेल्प की कीमत
कंपनी ने तिमाही में इंस्टाहेल्प पर ₹174 करोड़ लगाए, जिससे समायोजित परिचालन घाटा ₹144 करोड़ रहा। इसके बिना समायोजित एबिटडा ₹30 करोड़ का मुनाफा होता।
इंस्टाहेल्प ने 62 लाख ऑर्डर पूरे किए, जो जून तिमाही से 63% ज्यादा हैं, और प्रति ऑर्डर घाटा ₹346 से घटकर ₹279 रह गया।
इंस्टाहेल्प को छोड़कर भारत के मुख्य उपभोक्ता सेवा कारोबार का लेनदेन मूल्य 26.3% बढ़कर ₹963 करोड़ रहा। टियर-2 शहरों में बढ़त और तेज, करीब 37% रही। अंतरराष्ट्रीय कारोबार 66% बढ़कर ₹267 करोड़ और स्मार्ट होम उत्पादों वाला ब्रांड नेटिव 35% बढ़कर ₹132 करोड़ पर पहुंचा।
पूंजी और एयर कंडीशनर
बोर्ड ने ₹2,500 करोड़ तक जुटाने को मंजूरी दी, जिस पर शेयरधारकों की मंजूरी बाकी है। उसने नेटिव के नए उत्पाद के रूप में घरेलू एयर कंडीशनर की संभावना परखने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी भी दी, हालांकि इसे लॉन्च करने का फैसला अभी नहीं हुआ है।
सितंबर के अंत में कंपनी के पास ₹1,901 करोड़ नकद और ट्रेजरी निवेश थे। उसे सितंबर और दिसंबर तिमाही को मिलाकर लेनदेन मूल्य में 50-55% बढ़त की उम्मीद है और उसका कहना है कि वह 2027-28 की दिसंबर तिमाही तक समायोजित एबिटडा पर ब्रेक-ईवन की राह पर है।
शुक्रवार को शेयर 2.47% चढ़कर ₹158.12 पर बंद हुआ।