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आखिरी दिन संस्थागत निवेशकों के आने से ज़ेटवर्क का ₹5,012 करोड़ का आईपीओ पूरा भरा
ठेके पर निर्माण करने वाली कंपनी के जिस आईपीओ को शुक्रवार तक एक तिहाई से भी कम बोलियां मिली थीं, वह सोमवार दोपहर तक 1.25 गुना भर गया।

मुख्य बातें
- आखिरी दिन दोपहर 2:20 बजे तक ज़ेटवर्क का आईपीओ 1.25 गुना भर गया।
- दो दिन रुके रहने के बाद योग्य संस्थागत खरीदारों ने आखिरी दिन की मांग की अगुवाई की।
- ज़ेटवर्क और टोनबो इमेजिंग के शेयर 23 अक्टूबर को सूचीबद्ध होने हैं।
ज़ेटवर्क का ₹5,012.33 करोड़ का आईपीओ सोमवार को बोली के आखिरी दिन पूरा भर गया। बड़े संस्थागत निवेशकों ने आखिरकार वे ऑर्डर लगाए जिनका इस इश्यू को इंतज़ार था।
दोपहर 2:20 बजे तक बिक्री पर रखे शेयरों के 1.25 गुना के लिए बोलियां आ चुकी थीं और मांग की अगुवाई योग्य संस्थागत खरीदारों ने की। यह शुक्रवार शाम से बड़ा बदलाव था, जब इश्यू सिर्फ 0.31 गुना भरा था और संस्थानों ने अपने हिस्से के एक तिहाई से थोड़ी ही ज़्यादा बोली लगाई थी।
म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां और विदेशी फंड जैसे बड़े निवेशक अक्सर बड़े इश्यू के आखिरी दिन बोली लगाते हैं, और इतने बड़े आईपीओ की सफलता उन्हीं के हिस्से पर टिकी होती है। दोपहर भर बोलियां आती रहीं और इश्यू सोमवार को ही बंद होना था।
ठेके पर निर्माण करने वाली ज़ेटवर्क ₹143 से ₹151 प्रति शेयर के भाव पर शेयर बेच रही है। इस पेशकश में ₹2,830 करोड़ के नए शेयर हैं, जिनसे कंपनी को पैसा मिलेगा, और मौजूदा निवेशकों की करीब ₹2,182 करोड़ की बिक्री पेशकश है।
रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाली टोनबो इमेजिंग का ₹852.18 करोड़ का आईपीओ भी ज़ेटवर्क के साथ खुला था और सोमवार को बंद हुआ। शुक्रवार तक ही उसे करीब आठ गुना बोलियां मिल चुकी थीं, जिनमें धनी व्यक्तिगत निवेशकों की भारी मांग थी।
टोनबो के शेयरों का आवंटन 21 अक्टूबर को होना है और दोनों कंपनियों के शेयर 23 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध होने की उम्मीद है। प्राथमिक बाज़ार की अगली बड़ी परीक्षा बुधवार को होगी, जब ₹30,200 करोड़ का जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ खुलेगा।