LokVox

नीतिविनिवेश

फेयरफैक्स को बिक्री के विरोध में आईडीबीआई बैंक कर्मचारियों की दो दिन की देशव्यापी भूख हड़ताल

यूनाइटेड फोरम ऑफ आईडीबीआई ऑफिसर्स एंड एम्प्लॉइज ने 2 और 3 नवंबर के लिए बैंक प्रबंधन को हड़ताल का नोटिस दिया है। कुछ ही दिन पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बैंक का नियंत्रण कनाडाई समूह को सौंपने को मंजूरी दी थी।

संपादकीय डेस्क से · नई दिल्लीप्रकाशित
आईडीबीआई बैंक की एक इमारत (फ़ाइल फ़ोटो)
आईडीबीआई बैंक की एक इमारत (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: devx / Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0

मुख्य बातें

  1. आईडीबीआई बैंक के कर्मचारी 2 और 3 नवंबर को देशव्यापी भूख हड़ताल करेंगे।
  2. यूनियन फोरम ने औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के तहत औपचारिक नोटिस दिया है।
  3. विरोध सरकार और एलआईसी की ओर से बैंक की 60.72% हिस्सेदारी फेयरफैक्स की इकाई को बेचने के खिलाफ है।

आईडीबीआई बैंक के कर्मचारी बैंक को कनाडा के फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को बेचे जाने के विरोध में 2 और 3 नवंबर को दो दिन की देशव्यापी भूख हड़ताल करेंगे। उनके यूनियन फोरम ने सोमवार को यह घोषणा की।

यूनाइटेड फोरम ऑफ आईडीबीआई ऑफिसर्स एंड एम्प्लॉइज (यूएफआईओई), जिसमें बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों के दो संगठन शामिल हैं, ने कहा कि उसने औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के तहत प्रबंधन को हड़ताल का औपचारिक नोटिस दे दिया है। इस संहिता के तहत किसी प्रतिष्ठान के कर्मचारियों को हड़ताल से पहले नोटिस देना होता है।

यह आंदोलन बैंक का प्रबंधन नियंत्रण फेयरफैक्स समूह को सौंपने और केंद्र सरकार व भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की हिस्सेदारी घटाने के प्रस्ताव के खिलाफ है।

किस सौदे का विरोध

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 अक्टूबर को आईडीबीआई बैंक की 60.72% हिस्सेदारी फेयरफैक्स की कंपनी 10955230 कनाडा इंक को ₹81 प्रति शेयर की दर से, करीब ₹52,878 करोड़ में बेचने को मंजूरी दी थी। सरकार ने इसे भारत के वित्तीय क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश बताया है।

यूनियनों और कुछ पूर्व अधिकारियों का कहना है कि 2003 में आईडीबीआई को बैंक में बदलते समय केंद्र ने संसद में बहुमत हिस्सेदारी अपने पास रखने का वादा किया था। वित्त मंत्रालय ने पिछले हफ्ते कहा कि यह वादा कभी कानून का हिस्सा नहीं बना, और उसने 2018 के दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि सदन में दिए गए बयान कानून से ऊपर नहीं हो सकते।

आगे क्या

बैंक प्रबंधन ने हड़ताल के नोटिस पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। फोरम ने यह नहीं बताया है कि कितने कर्मचारियों के शामिल होने की उम्मीद है, या बिक्री आगे बढ़ने पर उसकी आगे की योजना क्या है।

यह विरोध उस सौदे पर दबाव बढ़ाता है जिसे सरकार अपने विनिवेश कार्यक्रम की बड़ी उपलब्धि बता रही है। यह ऐसे समय हो रहा है जब वित्त मंत्रालय इस आरोप के खिलाफ बिक्री का बचाव कर रहा है कि इससे संसद से किया गया पुराना वादा टूटता है।

मूल दस्तावेज़