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पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने बनाई 'जन नीति भारत', यूपी में 2027 का चुनाव लड़ेगी पार्टी

पिछले महीने सेवा छोड़ने वाली 2013 बैच की अधिकारी मिर्जापुर सदर से चुनाव लड़ सकती हैं। स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा, जनता जवाब देगी।

संपादकीय डेस्क से · लखनऊप्रकाशित
गंगा किनारे मिर्ज़ापुर
गंगा किनारे मिर्ज़ापुरRamrang / Wikimedia

मुख्य बातें

  1. दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो में नई पार्टी जन नीति भारत का ऐलान किया।
  2. पार्टी 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ेगी, शुरुआत उन तीन जिलों से होगी जहां वह डीएम रहीं।
  3. मित्तल ने संकेत दिया है कि वह भाजपा के कब्जे वाली मिर्जापुर सदर सीट से उतर सकती हैं।

महीने भर पहले आईएएस की नौकरी छोड़ने वाली दिव्या मित्तल ने अपनी राजनीतिक पार्टी बना ली है। उनका ज्यादातर करियर उत्तर प्रदेश के जिलों में बीता है, और उनका कहना है कि पार्टी राज्य का 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

मित्तल ने सोशल मीडिया पर साढ़े आठ मिनट के एक वीडियो में ‘जन नीति भारत’ का ऐलान किया। उन्होंने संकेत दिया है कि वह मिर्जापुर सदर से चुनाव लड़ सकती हैं, जो अभी भाजपा के पास है। पार्टी की शुरुआत मिर्जापुर, संत कबीर नगर और देवरिया से होने की उम्मीद है, जहां वह जिलाधिकारी रहीं। इसके बाद पार्टी पूरे प्रदेश में फैलेगी।

मित्तल ने कहा, “समस्या यह है कि लोगों की सुनी नहीं जा रही।” उनके मुताबिक उत्तर प्रदेश में पार्टियों की नहीं, प्रतिनिधित्व की कमी है। उन्होंने कहा, “राजनीति आप पर राज करती है, जन नीति में कमान आपके हाथ में होगी।”

कलेक्ट्रेट से सियासत तक

मित्तल 2013 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और करीब 13 साल सरकारी सेवा में रहीं। उन्होंने आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ाई की और सिविल सेवा परीक्षा देने से पहले विदेश में काम किया।

मिर्जापुर की जिलाधिकारी रहते हुए लहुरियादह गांव में पाइप से पानी पहुंचाने की परियोजना के लिए वह चर्चा में आईं, और कुछ ही समय बाद उनका जिले से तबादला हो गया। उन्होंने 30 अगस्त को निजी और पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफे का ऐलान किया, जो 15 सितंबर से लागू हुआ।

लोगों से जुड़ने की उनकी अपील पर मिली प्रतिक्रिया के बारे में उन्होंने कहा, “मैं उम्मीद का दीया लेकर निकली थी।”

क्या वादे कर रही हैं

पार्टी का शुरुआती जोर महिलाओं की सुरक्षा और स्थानीय विकास में लोगों की ज्यादा भागीदारी पर है। मित्तल चाहती हैं कि कार्यकर्ता घर-घर जाएं और सरकारी योजनाओं, बजट और परियोजनाओं की जानकारी लोगों के फोन तक पहुंचाई जाए, ताकि वे देख सकें कि उनके इलाके में पैसा कैसे खर्च हो रहा है।

उन्होंने हरे, पीले और लाल रंग वाली एक रेटिंग व्यवस्था का प्रस्ताव भी रखा है, जिससे नागरिक अपने स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों को अंक दे सकें, वैसे ही जैसे कोई जिला कार्यालय अपने विभागों की निगरानी करता है।

मिर्जापुर से जवाब

पहली प्रतिक्रिया मिर्जापुर की सांसद और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की ओर से आई। मित्तल का नाम लिए बिना उन्होंने कहा, “मिर्जापुर की जनता खुद उन्हें जवाब देगी।”

उत्तर प्रदेश में 2027 की शुरुआत में पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर के साथ चुनाव होने की उम्मीद है। मित्तल ने औपचारिक लॉन्च की तारीख या जगह नहीं बताई है। अगर वह मिर्जापुर सदर से उतरती हैं, तो उनका मुकाबला उसी जिले में भाजपा से होगा जहां जिलाधिकारी के तौर पर उनका कार्यकाल सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।