राजनीतिउत्तर प्रदेश 2027
विधान परिषद चुनाव: सपा ने चुनाव आयोग से योगी को नोटिस और दोनों उपमुख्यमंत्रियों को नज़रबंद करने की मांग की
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पर 11 विधान परिषद सीटों के चुनाव को प्रभावित करने के लिए आचार संहिता तोड़ने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें
- सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने चुनाव आयोग से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नोटिस देने की मांग की।
- उन्होंने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को नज़रबंद करने को कहा।
- सपा का आरोप है कि सरकार 11 विधान परिषद सीटों के चुनाव को प्रभावित कर रही है।
समाजवादी पार्टी ने गुरुवार को चुनाव आयोग से मांग की कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नोटिस जारी किया जाए। पार्टी का आरोप है कि वे उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चल रहे चुनाव को प्रभावित करने के लिए आदर्श आचार संहिता तोड़ रहे हैं।
आयोग को सौंपे ज्ञापन में सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने दोनों उपमुख्यमंत्रियों, केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, को नज़रबंद करने की मांग भी की।
पाल ने कहा, “प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ लगातार आदर्श आचार संहिता का उलंघन कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चल रहे चुनाव को प्रभावित कर रहे हैं।”
सपा के आरोप
पार्टी ने मुख्यमंत्री पर भाजपा उम्मीदवारों की मदद के लिए सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उसका आरोप है कि ज़िलाधिकारियों समेत अफसरों को सर्किट हाउस और डाक बंगलों में बुलाकर भाजपा की जीत पक्की करने का दबाव डाला गया।
ज्ञापन में हाल की दो घटनाओं का ज़िक्र है। इसमें कहा गया कि 12 अक्टूबर को आदित्यनाथ ने गोरखपुर में 12,000 शिक्षकों से संवाद किया, और 13 अक्टूबर को सरकार ने 68,000 ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़ाया और चौकीदारों की भर्ती का एलान किया। सपा का कहना है कि दोनों कदम मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए थे।
गुरुवार दोपहर तक चुनाव आयोग, भाजपा या मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी।
विधान परिषद के ये चुनाव विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हो रहे हैं, जो फरवरी और मार्च 2027 में होने की उम्मीद है।