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राजनीतिउत्तर प्रदेश 2027

टेक संगम में योगी बोले, सपा राज में उद्योगपति लखनऊ आने से मना कर देते थे

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2015-16 में प्रस्तावित निवेश सम्मेलन दिल्ली में करना पड़ा, और 2017 से पहले बिजली भी 'चेहरा देखकर' मिलती थी।

संपादकीय डेस्क से · लखनऊप्रकाशित
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (फ़ाइल फ़ोटो)
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Global Panorama / Wikimedia Commons, CC BY-SA 2.0

मुख्य बातें

  1. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उद्योगपतियों के इनकार से 2015-16 का निवेश सम्मेलन दिल्ली में करना पड़ा।
  2. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले "बिजली भी चेहरा देखकर मिलती थी"।
  3. उनका दावा है कि पहले अयोध्या को सिर्फ तीन घंटे बिजली मिलती थी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ में एक तकनीकी सम्मेलन के मंच से समाजवादी पार्टी के रिकॉर्ड पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक समय उद्योगपति प्रदेश की राजधानी आने को भी तैयार नहीं थे।

टेक संगम अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए आदित्यनाथ ने कहा, “2015-16 में उत्तर प्रदेश की तत्कालीन सरकार ने एक निवेश सम्मेलन कराने की कोशिश की थी। जब देश भर के उद्योगपतियों ने लखनऊ आने से इनकार कर दिया, तो सम्मेलन दिल्ली में करना पड़ा।”

उस समय राज्य में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा की सरकार थी। आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में उनकी सरकार आने से पहले लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की बात को कोई विशेषज्ञ गंभीरता से नहीं लेता।

बिजली पर उन्होंने अपनी जानी-पहचानी बात दोहराई। उन्होंने कहा, “2017 से पहले बिजली भी लोगों को चेहरा देखकर मिलती थी। सबको बराबर बिजली नहीं मिलती थी। आज सबको बराबर बिजली मिल रही है।”

उन्होंने अयोध्या की भी बात की। उन्होंने कहा, “2017 से पहले अयोध्या की क्या हालत थी? उसे सिर्फ तीन घंटे बिजली मिलती थी।” उन्होंने शहर में बिजली, सड़कों और बुनियादी ढांचे में सुधार और 2017 में वहां दीपोत्सव शुरू करने का श्रेय अपनी सरकार को दिया। “आज लाखों लोग खुद दीपोत्सव में आते हैं और दुनिया भर के लोग इसे देखते हैं।”

उन्होंने कहा, “सुरक्षा की गारंटी भी है, और हम उसी प्रतिबद्धता से प्रदेश में रोजगार दे रहे हैं।”

यह बयान उसी दिन आया जब सपा ने कहा कि उसने 2027 विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय कर लिया है। दोपहर तक सपा ने मुख्यमंत्री के बयान पर कोई जवाब नहीं दिया था।