राजनीतिउत्तर प्रदेश
गाजियाबाद में योगी का तंज: सपा का पीडीए यानी 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी'
विधान परिषद चुनाव के प्रचार में मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव की पार्टी पर राज्यसभा के टिकट परिवार और मुंबई के एक कारोबारी को देने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें
- योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सपा के पीडीए का असली मतलब "परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी" है।
- उन्होंने कहा कि सपा ने राज्यसभा का एक टिकट "चचाजान" को दिया और दूसरा मुंबई के धन्नासेठ के पास गिरवी रख दिया।
- उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के सबसे पसंदीदा नारे को उसी के खिलाफ मोड़ दिया। गाजियाबाद में शिक्षकों और स्नातकों की एक बैठक में उन्होंने कहा कि पार्टी का “पीडीए” असल में एक परिवार के लिए है।
उन्होंने कहा, “‘पीडीए’ का असली मतलब ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ है।” अखिलेश यादव की पार्टी पीडीए का इस्तेमाल पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों के गठजोड़ के लिए करती है। आदित्यनाथ ने इसका एक और मतलब “पराया धन अपना” भी बताया, यानी दूसरों के धन को अपना मानना।
उन्होंने हाल के राज्यसभा चुनाव में सपा के उम्मीदवारों पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “पहला टिकट उन्होंने अपने ‘चचाजान’ को दिया।” इसे राम गोपाल यादव की ओर इशारा माना गया। “और दूसरा टिकट उन्होंने एक तरह से मुंबई के एक धन्नासेठ के पास गिरवी रख दिया।”
यह बैठक विधान परिषद के लिए भाजपा के प्रचार का हिस्सा थी। आदित्यनाथ ने कहा, “प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं, और नतीजे राज्यसभा चुनाव से भी बेहतर रहने की उम्मीद है।” उन्होंने कहा कि राज्यसभा की 10 सीटों के चुनाव में “भाजपा ने 8 सीटें जीतीं, जबकि 2 सीटें सपा को मिलीं।”
उन्होंने सपा पर निवेशकों को डराने और युवाओं की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “अगर समाजवादी पार्टी सत्ता में होती तो अब तक दंगे हो चुके होते।” उन्होंने यह वादा भी किया कि एलिवेटेड रूट बनने से श्रद्धालु किसी भी मौसम में मां शाकंभरी के दर्शन कर सकेंगे, और कहा कि गाजियाबाद से हरिद्वार के बीच 4.5 करोड़ कांवड़िये यात्रा करते हैं।
खबर लिखे जाने तक सपा का जवाब नहीं आया था। इसी हफ्ते पार्टी ने परिषद चुनाव प्रचार में आदित्यनाथ की भूमिका को लेकर चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की थी।