राज्यपंजाब
मान के सहयोगी के खिलाफ केस में सीबीआई ने पंजाब से तबादलों और सीएमओ नियुक्तियों की फाइलें मांगीं
एजेंसी के पत्र में 20 तरह के सरकारी फैसलों की सूची है, जिनकी वह राजबीर सिंह घुम्मन के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले में जांच करना चाहती है। राज्य ने विभागों से बुधवार दोपहर 1 बजे तक रिकॉर्ड सौंपने को कहा।

मुख्य बातें
- सीबीआई ने तबादलों से लेकर हथियार लाइसेंस तक, 20 श्रेणियों के फैसलों की मूल फाइलें मांगी हैं।
- पंजाब के कार्मिक विभाग ने अधिकारियों से 14 अक्टूबर दोपहर 1 बजे तक रिकॉर्ड देने को कहा।
- हाईकोर्ट ने सीबीआई से 4 दिसंबर 2026 तक रिपोर्ट मांगी है।
सीबीआई ने पंजाब सरकार से तबादलों, मुख्यमंत्री कार्यालय में नियुक्तियों और कई दूसरे सरकारी फैसलों की मूल फाइलें मांगी हैं। एजेंसी मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रही है।
मुख्य सचिव को 12 अक्टूबर को लिखे पत्र में एजेंसी ने 20 श्रेणियों के फैसलों की सूची दी है, जिनकी फाइलें, नोटिंग और ड्राफ्ट वह देखना चाहती है। इनमें तबादला नीति और तबादले, सीएमओ में नियुक्तियां, पशुपालन विभाग में डिस्ट्रीब्यूटरशिप में बदलाव, असिस्टेंट टाउन प्लानरों की भर्ती, ज़ीरकपुर के हाउसिंग प्रोजेक्ट, अस्पतालों के लाइसेंस नवीनीकरण, वेरका की खरीद, और नौ लोगों से जुड़े हथियार लाइसेंस आवेदन शामिल हैं।
सीबीआई ने लिखा, “उपरोक्त फाइलें और विवरण जांच के लिए तत्काल आवश्यक हैं।” पत्र में सीएमओ के प्रोडक्शन मैनेजर जितिन कुमार गोयल उर्फ राजा का नाम है, और पंजाब खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के चेयरमैन गगनदीप सिंह अहलूवालिया और डॉ. रोमी राजा महाजन से जुड़े हथियार लाइसेंस रिकॉर्ड मांगे गए हैं।
बुधवार को कार्मिक विभाग ने विभागों से दोपहर 1 बजे तक रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा, ताकि उन्हें एजेंसी को सौंपा जा सके। विशेष सचिव (कार्मिक) गौतम जैन को सीबीआई से तालमेल के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है।
यह केस पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के 5 अक्टूबर के आदेश पर दर्ज हुआ था, जिसने 4 दिसंबर तक रिपोर्ट मांगी है। 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने एफआईआर पर रोक लगाने से इनकार किया, दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई और राज्य से जांच में सहयोग करने को कहा। सिर्फ रिकॉर्ड मांगे जाने से कोई गड़बड़ी साबित नहीं होती। मान इस केस को पंजाब में भाजपा के चुनाव अभियान का हिस्सा बता चुके हैं।