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राज्यपश्चिम बंगाल

चोरबागान भगदड़: 'पंडाल गिर रहा है' की घोषणा करने वाले दो लोग पकड़े गए, कुल नौ गिरफ्तार

कोलकाता पुलिस के मुताबिक पूजा समिति के कोषाध्यक्ष संजीब राहा और कुशल मजूमदार ने लाउडस्पीकर पर भीड़ को बताया कि पंडाल गिर रहा है। इसी से मची भगदड़ में 19 लोगों की जान गई।

संपादकीय डेस्क से · कोलकाताप्रकाशित
लालबाज़ार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय (फ़ाइल फ़ोटो)
लालबाज़ार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Biswarup Ganguly / Wikimedia Commons, CC BY 3.0

मुख्य बातें

  1. पुलिस ने संजीब राहा और कुशल मजूमदार को गिरफ्तार किया, कुल गिरफ्तारियां नौ हुईं।
  2. जांचकर्ताओं के मुताबिक दोनों ने पीए सिस्टम पर घोषणाएं कीं, जिससे दहशत फैली।
  3. फॉरेंसिक रिपोर्ट में 134 टन क्षमता के 24 एसी भीड़ वाले पंडाल के लिए नाकाफी पाए गए।

कोलकाता पुलिस ने उन दो लोगों को गिरफ्तार किया है जिन पर आरोप है कि उन्होंने लाउडस्पीकर पर यह घोषणा करके चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में जानलेवा भगदड़ मचाई कि पंडाल गिर रहा है। इसके साथ मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या नौ हो गई है।

उत्तर कोलकाता के इस पंडाल में 17 अक्टूबर, महासप्तमी की शाम मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हुई थी।

चोरबागान दुर्गा पूजा समिति के कोषाध्यक्ष संजीब राहा को गुरुवार को नदिया ज़िले में हिरासत में लिया गया और बाद में गिरफ्तार किया गया। कुशल मजूमदार को शुक्रवार को पकड़ा गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार वह सुबह-सुबह गिरीश पार्क थाने पहुंचा और अपनी पहचान बताई, जिसके बाद उसे पुलिस मुख्यालय लालबाज़ार ले जाकर गिरफ्तार किया गया।

जासूसी विभाग के प्रभारी अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कुणाल अग्रवाल ने कहा, “कुशल मजूमदार से फिलहाल पूछताछ की जा रही है।”

पुलिस क्या कहती है

जांचकर्ताओं का कहना है कि हादसे की शाम दोनों ने पंडाल के पब्लिक एड्रेस सिस्टम से लोगों को चेताया कि पंडाल का एक हिस्सा गिर रहा है और वे बाहर निकल जाएं। पुलिस के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज से उनकी पहचान हुई और इन चेतावनियों से दहशत फैली और लोग निकास की ओर दौड़ पड़े।

पुलिस राहा को मुख्य घोषणा करने वाला बताती है। वह भगदड़ के बाद से फरार था और उसने फोन बंद कर रखा था। अफसरों ने उन आठ मोबाइल नंबरों पर नज़र रखी जिनसे वह परिवार और दोस्तों से संपर्क में था, और फिर उसे नदिया में ढूंढ निकाला। दोनों पूजा स्थल से करीब 50 मीटर दूर अमर बसु सरणी पर रहते हैं।

राहा पर भारतीय न्याय संहिता की गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज है और उसे शुक्रवार को ही अदालत में पेश किया जाना था। मजूमदार पर कौन-सी धाराएं लगी हैं, पुलिस ने यह नहीं बताया है।

अधिकारी इन गिरफ्तारियों से निकलने वाले निष्कर्ष पर सावधानी बरत रहे हैं। एक अधिकारी ने कहा कि घोषणाओं में ठीक-ठीक क्या कहा गया और उनका मौतों से कितना सीधा संबंध है, यह जांच पूरी होने पर ही साफ होगा। पुलिस अब भी यह जोड़ रही है कि हालात कैसे बेकाबू हुए।

गर्मी और भीड़

घोषणाएं जांच का सिर्फ एक हिस्सा हैं। फॉरेंसिक रिपोर्ट में पाया गया कि पंडाल में कुल 134 टन क्षमता के 24 एयर कंडीशनर थे। विशेषज्ञों के मुताबिक इतने बड़े ढांचे और अपेक्षित भीड़ के लिए यह काफी नहीं था। उन्होंने कहा कि पंडाल में भीड़ ज़रूरत से ज़्यादा थी और शरीर की गर्मी व उमस के आगे कूलिंग नाकाम हो गई, जो आयोजकों की लापरवाही की ओर इशारा करता है।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी कह चुके हैं कि भ्रामक घोषणाएं न होतीं तो शायद यह हादसा न होता। पहले गिरफ्तार सात लोगों में पूजा समिति का सचिव भी शामिल है।

जांच

कलकत्ता हाईकोर्ट (उच्च न्यायालय) के निर्देश पर राज्य ने सेवानिवृत्त जस्टिस अनिंदिता रॉय सरस्वती की अगुवाई में छह सदस्यों का विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाया है। यह भगदड़ की वजह की जांच करेगा और ऐसे हादसे दोबारा न हों, इसके लिए सुझाव देगा। अधिकारी ने कहा है कि आगे की कार्रवाई इसके निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।