राज्यदिल्ली
तीन खराब दिनों के बाद दिल्ली की हवा फिर 'मध्यम', शनिवार सुबह एक्यूआई 185
सुबह 9 बजे सीपीसीबी की रीडिंग ने 'खराब' दिनों का सिलसिला तोड़ा, हालांकि रात में नरेला, जहांगीरपुरी और आरके पुरम 300 के करीब पहुंच गए थे। इस महीने पंजाब और हरियाणा में उपग्रहों ने 545 जगह पराली जलती देखी है।

मुख्य बातें
- शनिवार सुबह 9 बजे दिल्ली का एक्यूआई 185 रहा, यानी 'मध्यम' श्रेणी, जो शुक्रवार को 230 था।
- रात में नरेला 292 और जहांगीरपुरी 282 तक पहुंचा, और सुबह 6 बजे भी 24 स्टेशन 'खराब' श्रेणी में थे।
- 1 अक्टूबर से अब तक नासा के उपग्रहों ने पंजाब और हरियाणा में 545 जगह पराली जलाने की घटनाएं दर्ज कीं, जो पिछले साल से काफी कम हैं।
शनिवार को दिल्ली की हवा कुछ साफ रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक सुबह 9 बजे शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 185 था, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। इससे पहले लगातार तीन दिन हवा ‘खराब’ श्रेणी में रही थी।
शुक्रवार शाम 4 बजे 24 घंटे का औसत 230 था और गुरुवार को 223। रात भर में धीरे-धीरे सुधार हुआ: सुबह 4 बजे घंटेवार रीडिंग 201 थी, 5 बजे 197, और उसके बाद भी यह घटती रही।
बुधवार, 21 अक्टूबर इस मौसम का पहला ‘खराब’ दिन था, जब एक्यूआई 245 दर्ज हुआ था।
कई इलाके 300 के करीब
शहर के औसत आंकड़े के पीछे रात में कई इलाकों की हवा कहीं ज़्यादा खराब थी। रात 2 बजे भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान की वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली ने नरेला में 292, जहांगीरपुरी में 282, आरके पुरम में 279, अलीपुर में 269 और रोहिणी में 263 दर्ज किया। ये सभी 301 की ‘बहुत खराब’ सीमा के करीब थे।
सुबह 6 बजे भी आंकड़े भेज रहे 58 निगरानी स्टेशनों में से 24 ‘खराब’ श्रेणी में थे और बाकी ‘मध्यम’ में। 39 स्टेशनों पर बारीक कण पीएम2.5 मुख्य प्रदूषक थे और 18 पर मोटे कण पीएम10।
हफ्ते भर के हिसाब से इस बार अक्टूबर ज़्यादातर सालों से बेहतर रहा है। 23 अक्टूबर तक सात दिन का औसत 195 रहा, जो 2015 के बाद से इस अवधि में तीसरा सबसे कम है।
अंतरिक्ष से कम आग दिखी
नासा के उपग्रह आंकड़ों के मुताबिक 1 से 23 अक्टूबर के बीच पंजाब और हरियाणा में 545 जगह पराली जली: पंजाब में 473 और हरियाणा में 72। अकेले 23 अक्टूबर को 50 घटनाएं दर्ज हुईं, जबकि पिछले साल इसी तारीख को 708 थीं।
इन कम आंकड़ों के साथ एक शर्त जुड़ी है। उपग्रह इस इलाके के ऊपर से दोपहर करीब 1:30 बजे गुजरता है, जबकि पराली अक्सर दिन में बाद में जलाई जाती है। इसलिए गिनती में कई घटनाएं छूट सकती हैं, और कम आंकड़े का मतलब ज़रूरी नहीं कि पराली कम जल रही है।
रातें ठंडी, दिन गर्म
रातें ठंडी होने लगी हैं। शहर के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग में सुबह 8:30 बजे तक के 24 घंटों में न्यूनतम तापमान 18.3°C रहा, जो सामान्य से 1.1 डिग्री ज़्यादा और पिछली रात से 0.7 डिग्री कम है। आयानगर सबसे ठंडा रहा, 17°C पर, पालम और लोधी रोड दोनों 17.6°C पर और रिज 18.4°C पर रहे। किसी भी केंद्र पर बारिश नहीं हुई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 32 से 34°C रहेगा और आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा। रविवार को अधिकतम तापमान करीब 33°C रहने का अनुमान है, और आने वाले हफ्ते में रात का तापमान 17 से 19°C के बीच रहेगा।
आगे क्या
पूर्वानुमान में ऐसी कोई व्यापक बारिश नहीं है जो हवा को साफ कर दे, और हवा की रफ्तार और मौसम के हिसाब से एक्यूआई दिन भर बदल सकता है। शाम 4 बजे सीपीसीबी का दैनिक बुलेटिन बताएगा कि ‘मध्यम’ स्तर टिका रहा या नहीं।