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दिल्ली की हवा और बिगड़ी, एक्यूआई 230; पूसा 'बेहद खराब', नौ दिन राहत के आसार नहीं

दिन का औसत गुरुवार के 223 से बढ़ गया और मानेसर देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। धीमी हवा और सूखे सप्ताहांत के कारण धुंध के बने रहने की आशंका है।

संपादकीय डेस्क से · नई दिल्लीप्रकाशित
दिल्ली पर छाया स्मॉग (फ़ाइल फ़ोटो)
दिल्ली पर छाया स्मॉग (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: AnkClix / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. शुक्रवार को दिल्ली का 24 घंटे का औसत एक्यूआई बढ़कर 230 हो गया, जो एक दिन पहले 223 था।
  2. तीन केंद्र 'बेहद खराब' श्रेणी में रहे, पूसा 324 के साथ शहर में सबसे ऊपर रहा।
  3. पूर्वानुमान है कि हवा 26 अक्टूबर तक 'खराब' रहेगी और उसके बाद छह दिन भी ऐसी ही रहेगी।

शुक्रवार को दिल्ली की हवा थोड़ी और खराब हो गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के दैनिक बुलेटिन के मुताबिक शाम 4 बजे तक के 24 घंटों में शहर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 230 रहा, जो गुरुवार को 223 था। यह लगातार तीसरा दिन था जब हवा ‘खराब’ श्रेणी में रही।

सुबह कुछ सुधार के संकेत दिखे थे, जब सुबह 8 बजे सूचकांक 223 था। सीपीसीबी के समीर ऐप पर आंकड़े भेज रहे 56 केंद्रों में से तीन ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच गए। पूसा 324 के साथ सबसे खराब रहा। 36 केंद्र ‘खराब’ और 17 ‘मध्यम’ श्रेणी में रहे।

शहर से बाहर और बुरा हाल

इलाके में दिल्ली सबसे प्रदूषित जगह नहीं थी। हरियाणा का मानेसर 289 के साथ देश की सूची में सबसे ऊपर रहा। इसके बाद ग्रेटर नोएडा और मध्य प्रदेश का सिंगरौली 284-284 पर रहे। मेरठ 274 और गजरौला 272 पर रहे। गुरुग्राम में एक्यूआई 215 और नोएडा में 205 दर्ज किया गया।

देशभर में बुलेटिन में शामिल 252 शहरों में से 124 में हवा ‘अच्छी’ या ‘संतोषजनक’ रही, जो गुरुवार के लगभग बराबर है।

शुक्रवार, 23 अक्टूबर को सबसे प्रदूषित शहर
शुक्रवार, 23 अक्टूबर को सबसे प्रदूषित शहर
मदमान
मानेसर289
ग्रेटर नोएडा284
सिंगरौली284
मेरठ274
गजरौला272
दिल्ली230
गुरुग्राम215
नोएडा205

धुंध क्यों टिकी है

वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली का अनुमान है कि 23 से 26 अक्टूबर तक हवा ‘खराब’ रहेगी और उसके बाद छह दिन भी इसी स्तर के आसपास रहेगी। यानी करीब नौ दिन तक कोई खास राहत नहीं। पूर्वानुमान करने वालों के मुताबिक 6,000 वर्ग मीटर प्रति सेकंड से कम वेंटिलेशन इंडेक्स और 10 किमी प्रति घंटे से कम औसत हवा की रफ्तार के कारण प्रदूषक फैल नहीं पा रहे।

स्थानीय स्रोतों में वाहन सबसे आगे हैं। पुणे के भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान की निर्णय सहायता प्रणाली ने शुक्रवार को दिल्ली के पीएम2.5 में परिवहन का हिस्सा 20.3% आंका। पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने का योगदान 5.1% रहा, जो हफ्ते की शुरुआत से कुछ ज्यादा है। आसपास के जिलों में गुरुग्राम का हिस्सा 8.8%, झज्जर का 6.1% और गौतम बुद्ध नगर का 4.7% रहा।

सप्ताहांत का मौसम

शहर के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 19 डिग्री दर्ज किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान जताया है, अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री रहेगा।

एक पश्चिमी विक्षोभ शनिवार से उत्तर-पश्चिम भारत पहुंचने वाला है, लेकिन दिल्ली-एनसीआर पर इसका ज्यादा असर नहीं होगा और सप्ताहांत ज्यादातर सूखा रहेगा। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान बन सकता है, पर राजधानी पर इसका असर होने की उम्मीद नहीं है।

दिल्ली-एनसीआर में 21 अक्टूबर से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) का पहला चरण लागू है, जिसमें निर्माण की धूल पर रोक, मशीनों से सड़कों की सफाई और खुले में कचरा जलाने पर कार्रवाई शामिल है। ट्रैफिक पुलिस सीमाओं पर जांच कड़ी कर रही है ताकि प्रदूषण फैलाने वाली अंतरराज्यीय बसों को शहर में घुसने से पहले रोका जा सके।