राज्यहरियाणा
गुरुग्राम की डीएलएफ कॉलोनियों में हरियाणा की सीलिंग मुहिम पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
डीएलएफ फेज और दूसरी लाइसेंसी कॉलोनियों में व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए 160 से ज्यादा मकान सील हो चुके हैं। अदालत ने 3 नवंबर की सुनवाई तक आगे की कार्रवाई रोक दी है।

मुख्य बातें
- सुप्रीम कोर्ट ने डीएलएफ फेज 1 से 5 और गुरुग्राम की दूसरी लाइसेंसी कॉलोनियों में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की मुहिम पर रोक लगाई।
- इस मुहिम में अब तक 160 से ज्यादा मकान सील हो चुके हैं।
- गौरव कोहली बनाम हरियाणा राज्य मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को गुरुग्राम के डीएलएफ फेज 1 से 5 और दूसरी लाइसेंसी कॉलोनियों के मकानों में अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ हरियाणा सरकार की मुहिम रोक दी।
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने गौरव कोहली बनाम हरियाणा राज्य नाम की विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य के नगर एवं ग्राम नियोजन (टीसीपी) विभाग की कार्रवाई पर रोक लगाई। याचिका में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जो इस सवाल से जुड़ा है कि टीसीपी विभाग को ऐसी कार्रवाई का अधिकार है या नहीं।
जिला नगर योजनाकार (प्रवर्तन) अमित मदोलिया की अगुवाई में चली इस मुहिम में 160 से ज्यादा मकान सील हो चुके हैं। उनकी टीमें डीएलएफ फेज 3 और 4, सुशांत लोक-1 और साउथ सिटी-1 में कारोबार के लिए इस्तेमाल हो रहे मकानों पर कार्रवाई कर रही थीं।
जिन मालिकों के मकान पहले ही सील हो चुके हैं, उनके लिए इस रोक का क्या मतलब है, यह अभी साफ नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं कि आदेश सिर्फ तोड़फोड़ रोकता है या अगली सुनवाई तक नई सीलिंग समेत हर कार्रवाई।
डीएलएफ फेज 1 से 5 में मकानों के व्यावसायिक इस्तेमाल से जुड़ा एक मामला हाईकोर्ट में भी है, जिस पर उसने सुनवाई नहीं की क्योंकि अधिकार क्षेत्र का सवाल अब सुप्रीम कोर्ट के सामने है। वह मामला 23 नवंबर को सूचीबद्ध है। सुप्रीम कोर्ट 3 नवंबर को मामले की सुनवाई करेगा।