LokVox

राज्यलद्दाख

सोनम वांगचुक बोले, लद्दाख पर बातचीत टली; केंद्र पर वादों से पीछे हटने का आरोप

जलवायु कार्यकर्ता ने कहा कि उन्होंने गृह मंत्रालय के साथ गुरुवार की बैठक के लिए टिकट बुक कर लिया था, फिर बताया गया कि बातचीत नहीं होगी।

संपादकीय डेस्क से · लेहप्रकाशित
लद्दाखी कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (फ़ाइल फ़ोटो)
लद्दाखी कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Sonam Wangchuk / Wikimedia Commons, CC BY 2.0

मुख्य बातें

  1. वांगचुक के मुताबिक 22 अक्टूबर को होने वाली बातचीत नहीं हुई।
  2. उन्होंने कहा कि केंद्र छठी अनुसूची समेत हर वादे से पीछे हट रहा है।
  3. लेह और कारगिल के संगठनों ने केंद्र का वह मसौदा ठुकरा दिया था जो उनके मुताबिक मई की सहमति से उलट है।

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार को केंद्र पर लद्दाख से किए वादों से पीछे हटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने 22 अक्टूबर को बातचीत का जो दौर होने का संकेत दिया था, वह रद्द कर दिया गया।

एक वीडियो संदेश में वांगचुक ने कहा, “मैंने अपना टिकट बुक कर लिया था... लेकिन अब बताया जा रहा है कि आज यह बातचीत नहीं हो रही।” पिछले हफ्ते की बेनतीजा बातचीत के बाद गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने एक और दौर का संकेत दिया था।

वांगचुक ने कहा कि सरकार अपनी पहली प्रतिबद्धता, यानी लद्दाख को छठी अनुसूची का संरक्षण देने, से पीछे हट रही है। उन्होंने कहा, “वे हर वादे से पीछे हट रहे हैं। इस सीमावर्ती इलाके के लोग बहुत दुखी हैं।”

उन्होंने कहा कि चीन लद्दाख को भारत का हिस्सा नहीं मानता, लेकिन भारत भी “हमारे साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रहा।” उनके मुताबिक लद्दाख के लोगों को लोकतंत्र से वंचित रखा जा रहा है, क्योंकि वोट के जरिए अपनी आकांक्षाएं जाहिर करने में उनकी हैसियत बाकी भारतीयों जैसी नहीं है।

लद्दाख आंदोलन की अगुवाई कर रहे लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस ने केंद्र का एक मसौदा प्रस्ताव ठुकरा दिया है। उनका कहना है कि यह मई की बैठक में दिए गए आश्वासनों से उलट है। उस बैठक में दोनों पक्ष अनुच्छेद 371ए, 371एफ और 371जी की तर्ज पर संवैधानिक संरक्षण पर सैद्धांतिक रूप से सहमत हुए थे। ये अनुच्छेद नगालैंड, सिक्किम और मिजोरम को संरक्षण देते हैं।

केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन ने कहा है कि केंद्र राजनीतिक समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और मसौदा ठुकराए जाने पर निराशा जताई है।

गृह मंत्रालय ने बातचीत की नई तारीख की घोषणा नहीं की है।