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अमेरिकी कमांडर का दावा: होर्मुज़ से 3,000 जहाज़ सुरक्षित निकाले, ईरानी बारूदी सुरंगें साफ
एडमिरल ब्रैड कूपर ने रविवार को खाड़ी के तेल निर्यात के समर्थन में जलडमरूमध्य के ऊपर उड़ान भरी। यह वह महीना है जिसमें युद्ध शुरू होने के बाद वहां जहाज़ों पर सबसे ज़्यादा हमले हुए हैं।

मुख्य बातें
- सेंटकॉम के मुताबिक छह महीने में 3,000 से ज़्यादा व्यापारिक जहाज़ अमेरिकी मदद से होर्मुज़ पार कर चुके हैं।
- उसका कहना है कि अमेरिकी बलों ने आईआरजीसी की बिछाई बारूदी सुरंगों से समुद्री रास्ते साफ कर दिए हैं।
- अक्टूबर में जलडमरूमध्य के पास जहाज़ों पर 120 से ज़्यादा हमले हुए हैं, जो युद्ध में सबसे अधिक हैं।
मध्य पूर्व में अमेरिकी सेनाओं के कमांडर ने रविवार को कहा कि पिछले छह महीनों में 3,000 से ज़्यादा व्यापारिक जहाज़ अमेरिकी सैन्य मदद से होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रे हैं, और समुद्री रास्तों से ईरानी बारूदी सुरंगें साफ कर दी गई हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने खाड़ी के तेल निर्यात को अमेरिकी समर्थन दिखाने के लिए जलडमरूमध्य के ऊपर उड़ान भरी। सेंटकॉम ने कहा कि गर्मियों के बाद से अमेरिका ने अपने खाड़ी सहयोगियों को “1.5 अरब बैरल से ज़्यादा” तेल निर्यात करने में मदद की है, और उसके बलों ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) की बिछाई समुद्री सुरंगों से रास्ते “सफलतापूर्वक साफ” कर दिए हैं।
एडमिरल कूपर ने कहा, “हम अपने खाड़ी साझेदारों और जहाज़रानी उद्योग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।” उन्होंने इस दौरे को समुद्री आवाजाही की आज़ादी के प्रति “मज़बूत प्रतिबद्धता” का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि यातायात जारी रखने के लिए सेंटकॉम खाड़ी सहयोग परिषद और जहाज़ मालिकों के साथ काम कर रहा है।
पानी पर तस्वीर इतनी साफ नहीं है। अक्टूबर युद्ध का वह महीना रहा है जिसमें जलडमरूमध्य के पास जहाज़ों पर सबसे ज़्यादा हमले हुए, अब तक 120 से ज़्यादा। ईरान ने इसी हफ्ते दावा किया था कि उसके आसपास सात तेल टैंकरों में आग लगी या उन्हें नुकसान पहुंचा। रविवार को ईरान की फार्स समाचार एजेंसी ने जलडमरूमध्य में एक धमाके की खबर दी, जिसे शुरू में जहाज़-रोधी क्रूज़ मिसाइल से जोड़ा गया; इसकी पुष्टि नहीं हुई है। उधर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी ईरान के अपने तेल निर्यात को रोक रही है।
ये आंकड़े भारत के लिए अहम हैं, जो अपना काफी कच्चा तेल और गैस खाड़ी के उन उत्पादकों से खरीदता है जिनके जहाज़ इसी रास्ते से गुज़रते हैं। शुक्रवार को ब्रेंट कच्चा तेल 117 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया था।