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एआई शेयरों में वापसी से नैस्डैक उछला, तेल $110 के करीब; दशहरे पर भारतीय बाज़ार बंद
सोमवार रात अमेज़न और चिप कंपनियों के दम पर वॉल स्ट्रीट संभला, लेकिन ब्रेंट पांच महीने के ऊंचे स्तर के पास टिका रहा और यूरोप फिसला। बुधवार को खुलने पर भारतीय शेयरों के सामने तस्वीर मिली-जुली है।

मुख्य बातें
- सोमवार को नैस्डैक 1.1% चढ़कर 26,430.89 पर पहुंचा और पिछले हफ्ते की भारी गिरावट का कुछ हिस्सा वापस पाया।
- खाड़ी में हमले जारी रहने से ब्रेंट क्रूड $109.55 प्रति बैरल पर बंद हुआ, पांच महीने के ऊंचे स्तर से थोड़ा नीचे।
- दशहरे के कारण भारतीय शेयर बाज़ार मंगलवार को बंद हैं और बुधवार को खुलेंगे।
सोमवार को वॉल स्ट्रीट के टेक्नोलॉजी शेयरों ने पिछले हफ्ते के भारी नुकसान का कुछ हिस्सा वापस पा लिया, लेकिन तेल $110 प्रति बैरल के करीब बना रहा और यूरोपीय बाज़ार गिरे। एक दिन की छुट्टी के दौरान भारतीय निवेशकों के सामने मिले-जुले संकेत हैं। दशहरे के कारण भारतीय शेयर बाज़ार मंगलवार को बंद हैं और बुधवार को फिर खुलेंगे।
नैस्डैक कंपोज़िट 290.85 अंक यानी 1.1% चढ़कर 26,430.89 पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 31.29 अंक यानी 0.4% बढ़कर 7,690.73 पर पहुंचा, जबकि डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 36.38 अंक फिसलकर 51,966.03 पर रहा। छोटी कंपनियों का रसेल 2000 सूचकांक 0.3% बढ़ा।
खरीदारी सीमित दायरे में रही। निवेशक उन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शेयरों में लौटे जिन्हें पिछले हफ्ते इस शंका में जमकर बेचा गया था कि एआई पर खर्च का कितना हिस्सा कर्ज से हो रहा है। अमेज़न 4.95%, पैलंटिर 4.36%, टेस्ला 3.74% और मेमोरी चिप बनाने वाली माइक्रॉन 2.95% चढ़ी। मेमोरी और टेक्नोलॉजी मानकों पर एनवीडिया की एक घोषणा से एआई ढांचे की मांग को लेकर चिंता कुछ कम हुई। टेक्नोलॉजी से बाहर के ज़्यादातर अमेरिकी शेयर गिरे।
कैपिटल डॉट कॉम की विश्लेषक डेनिएला हैथॉर्न ने कहा, “बाज़ार हफ्ते की शुरुआत धीमी वापसी के साथ कर रहे हैं।”
बाकी जगह माहौल कमज़ोर रहा। सप्ताहांत के प्रदर्शनों के बाद यूरोपीय सूचकांक 1% से ज़्यादा गिरे, जिनमें जर्मनी का डैक्स सबसे ज़्यादा प्रभावित रहा। अमेरिका में मकान बनाने वालों का भरोसा सूचकांक अक्टूबर में गिरकर 29 पर आ गया, जो जून 2012 के बाद सबसे निचला स्तर है।
तेल झुकने को तैयार नहीं
ब्रेंट क्रूड $109.55 प्रति बैरल पर बंद हुआ, सिर्फ 31 सेंट नीचे, जबकि दिन में यह $3 से ज़्यादा गिर गया था। नवंबर डिलीवरी वाला अमेरिकी क्रूड 2.2% बढ़कर $103.66 पर बंद हुआ, जो सितंबर के मध्य के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। कॉन्ट्रैक्ट की समाप्ति से पहले कारोबार कम रहा।
दो ताकतें उलटी दिशाओं में खींच रही थीं। रूसी ऊर्जा पर कुछ प्रतिबंधों में छूट के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश से ज़्यादा आपूर्ति की उम्मीद बनी, जबकि यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी तेल ठिकानों पर नए हमलों का दावा किया और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में एक टैंकर के बारूदी सुरंग से टकराने की खबर आई। सोना हल्का फिसलकर करीब $4,170 प्रति औंस पर रहा।
एशिया में हफ्ते की शुरुआत
सोमवार को जापान का निक्केई 225 0.8% गिरकर 64,799.03 पर और ताइवान का बाज़ार 1% नीचे रहा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.1% बढ़कर 5,729.58 पर पहुंचा। चीन के जुलाई-सितंबर में 4.5% वृद्धि दर्ज करने के बाद शंघाई कंपोज़िट हल्का चढ़ा। एमएससीआई की इस चेतावनी के बाद कि इंडोनेशिया उभरते बाज़ार का दर्जा खो सकता है, वहां का बाज़ार 5% और टूटा। वॉल स्ट्रीट पर टेक शेयरों की वापसी के बाद मंगलवार को टोक्यो और सियोल खुल रहे हैं, जिससे वहां चिप शेयरों को सहारा मिल सकता है।
भारत के लिए क्या मायने
भारतीय शेयर कमज़ोर नोट पर छुट्टी में गए हैं। सोमवार को सेंसेक्स 876.37 अंक यानी 1.17% गिरकर 73,852.90 पर बंद हुआ और निफ्टी करीब 22,889 पर रहा, जिसमें निजी बैंकों और आईटी शेयरों ने सबसे ज़्यादा दबाव डाला। अमेरिकी टेक शेयरों की वापसी से बुधवार को भारतीय आईटी शेयरों को मदद मिल सकती है, लेकिन अपना ज़्यादातर कच्चा तेल आयात करने वाले देश के लिए तेल बड़ी चिंता बना हुआ है।
सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 3 पैसे कमज़ोर होकर 94.92 पर बंद हुआ। आयातकों की डॉलर खरीद से इसकी लगातार छह दिन की बढ़त थम गई। लेमन के रिसर्च प्रमुख गौरव गर्ग ने कहा, “आरबीआई के कदम मुद्रा में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव थामने में मदद कर सकते हैं, लेकिन टिकाऊ सुधार तेल के दाम घटने पर निर्भर करेगा।” मिरे एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी ने कहा, “डॉलर में कुल मिलाकर कमज़ोरी के चलते हमें रुपये में सकारात्मक रुझान की उम्मीद है।”
कारोबारी बुधवार को आने वाले आरबीआई की अक्टूबर नीति बैठक के ब्योरे पर भी नज़र रखेंगे। एएनज़ेड के अर्थशास्त्रियों ने एक नोट में कहा, “हमें दिसंबर में 25 बेसिस पॉइंट बढ़ोतरी की उम्मीद है।”
नेटफ्लिक्स मंगलवार को अमेरिकी बाज़ार बंद होने के बाद, यानी भारत में बुधवार तड़के, अपने नतीजे जारी करेगी। उसके बाद बुधवार को टेस्ला और मेटा के नतीजे आएंगे।