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फेड की दर बढ़ोतरी की अटकलें पक्की होने से सोना जुलाई के बाद पहली बार 4,000 डॉलर से नीचे
सोमवार को एशिया के शुरुआती कारोबार में सोना 3,996 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रहा, जो 16 अक्टूबर के बंद स्तर से करीब 170 डॉलर कम है। बाज़ार अब दिसंबर में फेड की बढ़ोतरी को संभावित मान रहा है।

मुख्य बातें
- सोमवार सुबह सोना 3,996 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रहा, जुलाई के बाद पहली बार 4,000 डॉलर से नीचे।
- शुक्रवार, 16 अक्टूबर को यह करीब 4,166 डॉलर पर बंद हुआ था।
- एएनज़ेड के डेनियल हाइन्स दिसंबर में फेड की बढ़ोतरी की संभावना 78% बताते हैं।
सोमवार को एशिया के शुरुआती कारोबार में सोना 4,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे बना रहा। जुलाई के बाद यह पहली बार इस स्तर से नीचे है। निवेशक केंद्रीय बैंकों के फैसलों वाले हफ्ते की तैयारी में हैं और उन्हें अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने का भरोसा बढ़ता जा रहा है।
भारतीय समय सुबह 4:55 बजे तक सोना 3,996 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर था। 16 अक्टूबर को यह करीब 4,166 डॉलर पर बंद हुआ था, यानी दस दिन में करीब 170 डॉलर की गिरावट।
सोने की चमक क्यों घट रही है
सोने पर ब्याज नहीं मिलता, इसलिए बॉन्ड और नकदी पर रिटर्न बढ़ने पर इसे नुकसान होता है। अमेरिकी फेडरल रिज़र्व ने सितंबर में 2023 के बाद पहली बार दरें बढ़ाईं और इस साल एक और बढ़ोतरी के संकेत दिए। 10 साल के अमेरिकी ट्रेज़री बॉन्ड पर यील्ड करीब 5% है।
बाज़ार को उम्मीद है कि बुधवार रात 11:30 बजे फैसला सुनाते समय फेड दरें नहीं बदलेगा, लेकिन दिसंबर में बढ़ोतरी पर दांव लग रहे हैं। एएनज़ेड के डेनियल हाइन्स दिसंबर में बढ़ोतरी की संभावना 78% बताते हैं।
सोमवार सुबह डॉलर दूसरी प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले स्थिर रहा।
भारत के लिए क्या मायने
भारतीय खरीदारों के लिए, जो आयातित सोने का भुगतान डॉलर में करते हैं, रुपये में भाव वैश्विक दर और विनिमय दर दोनों पर निर्भर करता है। शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया अस्थायी तौर पर 94.93 पर बंद हुआ था, और सोमवार को कारोबार खुलने पर घरेलू भाव दोनों का असर दिखाएंगे।
इस हफ्ते सोने के सामने कई परीक्षाएं हैं। फेड के बाद गुरुवार को अमेरिका तीसरी तिमाही की वृद्धि का पहला अनुमान और सितंबर का पीसीई महंगाई सूचकांक जारी करेगा, और यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ जापान गुरुवार और शुक्रवार को फैसले सुनाएंगे।