महंगाई
नए 2024 आधार वर्ष वाले सीपीआई पर मापी जाने वाली भारत की खुदरा महंगाई 2026 में हर महीने बढ़ी है। अभी कहां है और आगे किन बातों पर नज़र रखें। 11 अक्टूबर 2026 को अपडेट।
महंगाई वह दर है जिस पर कीमतें बढ़ती हैं। भारत में इसका मुख्य पैमाना उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) है, जिसे राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय हर महीने जारी करता है। फरवरी 2026 से यह एक नई सीरीज़ पर आधारित है, जिसका आधार वर्ष 2024=100 है, जिसकी टोकरी में 358 चीज़ें हैं और जिसके भार 2023-24 के घरेलू उपभोग सर्वेक्षण से लिए गए हैं।
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) का लक्ष्य 4% सीपीआई मुद्रास्फीति है, जिसकी सीमा 2% से 6% है। सरकार ने यह लक्ष्य अप्रैल 2026 से मार्च 2031 तक के लिए तय किया है।
अभी क्या स्थिति है
अगस्त 2026 में सीपीआई महंगाई 4.82% (अनंतिम) रही, जो जुलाई में 4.45% और जनवरी में 2.74% थी। इस साल यह हर महीने बढ़ी है। खाद्य महंगाई 5.95% रही, और ग्रामीण महंगाई (5.23%) शहरी (4.31%) से आगे चल रही है।
आरबीआई का कहना है कि यह बढ़त खाने-पीने की चीज़ों और ईंधन की वजह से आई, और कोर महंगाई बढ़कर 4.2% हो गई। वह पश्चिम एशिया के संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव, कमज़ोर दक्षिण-पश्चिम मानसून और मज़बूत अल नीनो हालात की ओर इशारा करता है। 7 अक्टूबर को उसने रेपो रेट बढ़ाकर 5.50% किया और अक्टूबर-दिसंबर में 6.0% महंगाई का अनुमान दिया, जो उसकी सीमा का ऊपरी छोर है।
अहम आंकड़े
- 4.82%सीपीआई महंगाई, अगस्त 2026 (अनंतिम)
- 5.95%खाद्य महंगाई, अगस्त 2026
- 5.2%2026-27 के लिए आरबीआई का अनुमान
- 4%महंगाई का लक्ष्य (सीमा 2% से 6%)
अहम तारीखें
- 12 फरवरी 2026जनवरी के आंकड़ों के साथ नई सीपीआई सीरीज़ (आधार 2024) शुरू
- 27 मार्च 2026पेट्रोल और डीज़ल पर उत्पाद शुल्क घटा; सरकारी तेल कंपनियों ने पंप पर दाम नहीं बदले
- 14 सितंबर 2026अगस्त की सीपीआई: 4.82%, लगातार सातवीं बढ़त
- 7 अक्टूबर 2026महंगाई के जोखिम का हवाला देकर आरबीआई ने रेपो रेट 5.50% किया
- 12 अक्टूबर 2026सितंबर की सीपीआई आनी है
- 2-4 दिसंबर 2026आरबीआई की अगली नीति बैठक
मुख्य सवाल
भारत में महंगाई क्यों बढ़ रही है? सांख्यिकी मंत्रालय (MoSPI) के आंकड़े दिखाते हैं कि खाद्य महंगाई (अगस्त में 5.95%) कुल दर से ऊपर चल रही है। आरबीआई ईंधन, पश्चिम एशिया संघर्ष से जुड़ी ऊर्जा और कमोडिटी की ऊंची कीमतों, और फसलों पर मौसम के जोखिम का भी हवाला देता है।
क्या 4.82% महंगाई ज़्यादा है? यह 4% के लक्ष्य से ऊपर है, लेकिन 2% से 6% की सीमा के भीतर है। आरबीआई को उम्मीद है कि अक्टूबर-दिसंबर में यह 6.0% तक पहुंचेगी।
क्या नई सीपीआई की तुलना पुराने आंकड़ों से कर सकते हैं? सीधे नहीं। 2024 आधार वाली सीरीज़ की टोकरी और भार पुरानी 2012 सीरीज़ से अलग हैं। पुरानी सीरीज़ ने आखिरी बार दिसंबर 2025 के लिए 1.33% का आंकड़ा दिया था।
महंगाई रोकने के लिए आरबीआई क्या कर रहा है? उसने 7 अक्टूबर को रेपो रेट 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाया, अपना रुख बदलकर “नपी-तुली सख्ती” (कैलिब्रेटेड टाइटनिंग) किया और कहा कि निकट भविष्य में दरों में कटौती का सवाल नहीं है।
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मूल दस्तावेज़
- Press Release of CPI for August 2026Ministry of Statistics and Programme Implementation, 14 सितंबर 2026
- First Press Release of CPI with base 2024=100Ministry of Statistics and Programme Implementation (via PIB), 12 फरवरी 2026
- Monetary Policy Statement, 2026-27: Resolution of the MPC, October 5 to 7, 2026Reserve Bank of India, 7 अक्टूबर 2026
- Monetary policy: overview and policy ratesReserve Bank of India, 11 अक्टूबर 2026