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5.2 अरब डॉलर के बड़े सौदों के बावजूद इंफोसिस ने फिर घटाया ग्रोथ का अनुमान

देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी को अब इस साल राजस्व में सिर्फ 1% से 2% बढ़त की उम्मीद है। सितंबर तिमाही में मुनाफा 6.2% बढ़कर ₹7,823 करोड़ रहा, और न्यूयॉर्क में बाज़ार खुलने से पहले उसके शेयर 8.5% गिरे।

संपादकीय डेस्क से · बेंगलुरुप्रकाशित
बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक सिटी में इन्फोसिस परिसर (फ़ाइल फ़ोटो)
बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक सिटी में इन्फोसिस परिसर (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Zondor at English Wikipedia / Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0

मुख्य बातें

  1. इंफोसिस ने 2026-27 के लिए राजस्व बढ़त का अनुमान 1.5% से 3% से घटाकर 1% से 2% (स्थिर मुद्रा में) कर दिया।
  2. शुद्ध मुनाफा 6.2% बढ़कर ₹7,823 करोड़ रहा; राजस्व 10.7% बढ़कर ₹49,244 करोड़ हुआ।
  3. कंपनी ने 5.2 अरब डॉलर के बड़े सौदे किए, जिनमें एक सौदा 2 अरब डॉलर से ज़्यादा का है।

इंफोसिस ने शुक्रवार को लगातार दूसरी तिमाही में अपना राजस्व अनुमान घटा दिया। बेंगलुरु की इस कंपनी को अब 2026-27 में स्थिर मुद्रा में बिक्री सिर्फ 1% से 2% बढ़ने की उम्मीद है, जबकि जुलाई में उसने 1.5% से 3% का अनुमान दिया था। न्यूयॉर्क में बाज़ार खुलने से पहले के कारोबार में उसके शेयर 8.5% गिर गए।

सितंबर तिमाही के आंकड़े विश्लेषकों की उम्मीद के आसपास रहे। शुद्ध मुनाफा एक साल पहले के मुकाबले 6.2% बढ़कर ₹7,823 करोड़ रहा, जो जून तिमाही से 0.7% ज़्यादा है। कामकाज से राजस्व 10.7% बढ़कर ₹49,244 करोड़ हो गया। डॉलर में राजस्व 5.145 अरब डॉलर रहा, जो स्थिर मुद्रा में साल भर पहले से 1.5% और पिछली तिमाही से 1.2% ज़्यादा है। ऑपरेटिंग मार्जिन 21% पर टिका रहा।

कंपनी ने अनुमान घटाने की वजह मांग के चुनौतीपूर्ण माहौल को बताया।

बड़े सौदे, धीमी ग्रोथ

यह कटौती ऐसी तिमाही में आई जब ऑर्डर अच्छे रहे। इंफोसिस ने 5.2 अरब डॉलर के बड़े सौदे किए, जिनमें 62% नया कारोबार है। जून तिमाही में यह आंकड़ा 3.6 अरब डॉलर था।

मुख्य कार्यकारी सलिल पारेख ने कहा, “हमारे बड़े सौदे 5.2 अरब डॉलर के रहे, जिनमें 2 अरब डॉलर से ज़्यादा का एक मेगा सौदा शामिल है।”

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का कारोबार छोटे आधार से तेज़ी से बढ़ रहा है। एआई सेवाओं का हिस्सा राजस्व में 10.5% रहा, जो तीन महीने पहले 8.2% था। पारेख ने कहा, “हमारा एआई राजस्व 10.5% रहा और तिमाही-दर-तिमाही 29% बढ़ा।”

इंफोसिस ने साल के लिए ऑपरेटिंग मार्जिन का दायरा 20% से 22% पर बरकरार रखा। मुख्य वित्त अधिकारी जयेश संघराजका ने कहा, “भारी उतार-चढ़ाव के बीच हमने दूसरी तिमाही में 21.0% का ऑपरेटिंग मार्जिन दिया।” फ्री कैश फ्लो 92.8 करोड़ डॉलर रहा, जो शुद्ध मुनाफे का 113.3% है।

लाभांश और भर्ती

बोर्ड ने ₹26 प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश घोषित किया, जो एक साल पहले ₹23 था। रिकॉर्ड तिथि 3 नवंबर है और भुगतान 11 नवंबर को होना है।

कंपनी ने तिमाही में शुद्ध रूप से 4,480 कर्मचारी जोड़े, जिससे कुल संख्या 3,32,542 हो गई। जून तिमाही में इसमें मामूली कमी आई थी। आईटी सेवा कारोबार में स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की दर 13% से घटकर 12.7% रह गई।

तीन महीने में दूसरी कटौती

जुलाई में इंफोसिस ने अपने अनुमान की ऊपरी सीमा 3.5% से घटाकर 3% की थी और 1995 से कंपनी में काम कर रहे आशीष कुमार दाश को 1 अप्रैल 2027 से पारेख की जगह सीईओ बनाने का एलान किया था। पारेख ने तब कहा था कि वृहद आर्थिक माहौल अनिश्चित बना हुआ है।

शुक्रवार की कटौती ने अनुमान को दोनों सिरों पर और नीचे कर दिया है। इससे पहले इस महीने टीसीएस, विप्रो और टेक महिंद्रा नतीजे दे चुकी हैं, और इंफोसिस के अनुमान से सॉफ्टवेयर क्षेत्र के लिए सतर्कता का संकेत मिलता है। पहली छमाही में राजस्व स्थिर मुद्रा में 1.9% बढ़कर 10.23 अरब डॉलर और शुद्ध मुनाफा 9% बढ़कर ₹15,592 करोड़ रहा।

भारतीय निवेशकों को इस पर प्रतिक्रिया देने का पहला मौका सोमवार, 26 अक्टूबर को मिलेगा, जब सप्ताहांत के बाद कारोबार शुरू होगा। शुक्रवार को सेंसेक्स लगातार चौथे दिन गिरकर 73,123.83 पर बंद हुआ था।