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यस बैंक के नतीजे शनिवार को, निवेशकों की नज़र एटी-1 बॉन्ड के असर पर

ब्रोकरेज कंपनियों को मज़बूत कर्ज़ वृद्धि के दम पर मुनाफे में तेज़ उछाल की उम्मीद है। बड़ा सवाल यह है कि ₹8,415 करोड़ के बट्टे खाते में डाले गए बॉन्ड को सुप्रीम कोर्ट से मिली बहाली का बैंक की पूंजी पर क्या असर होगा।

संपादकीय डेस्क से · मुंबईप्रकाशित
मुंबई में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (फ़ाइल फ़ोटो)
मुंबई में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Appaiah / Wikimedia Commons, CC BY-SA 2.0

मुख्य बातें

  1. सितंबर तिमाही के नतीजों के लिए यस बैंक के बोर्ड की बैठक शनिवार, 17 अक्टूबर को है।
  2. छह ब्रोकरेज के औसत अनुमान के मुताबिक शुद्ध मुनाफा करीब ₹969 करोड़ रहेगा, 48% ज़्यादा।
  3. निवेशक जानना चाहते हैं कि बैंक ₹8,415 करोड़ के एटी-1 फैसले से कैसे निपटेगा।

यस बैंक का बोर्ड शनिवार को मुंबई में जुलाई-सितंबर तिमाही के नतीजों को मंज़ूरी देने के लिए बैठेगा। सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद ये बैंक के पहले आंकड़े होंगे, जिसमें 2020 में बट्टे खाते में डाले गए बैंक के ₹8,415 करोड़ के एटी-1 बॉन्ड को बहाल करने वाले आदेश को बरकरार रखा गया।

बैंक ने यह नहीं बताया है कि आंकड़े कब जारी होंगे। पिछली दो तिमाहियों में उसने दोपहर 1:30 से 2 बजे के बीच नतीजे जारी किए थे।

विश्लेषकों का अनुमान

कारोबारी आंकड़ों पर ब्रोकरेज मज़बूत तिमाही की उम्मीद कर रहे हैं। छह ब्रोकरेज अनुमानों के औसत के मुताबिक शुद्ध मुनाफा करीब ₹969 करोड़ रहेगा, जो एक साल पहले के ₹655 करोड़ से 48% ज़्यादा है। शुद्ध ब्याज आय करीब ₹2,807 करोड़ रहने का अनुमान है, जो 22% ज़्यादा है।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज़ सबसे ज़्यादा आशावादी है और ₹1,074 करोड़ मुनाफे का अनुमान लगाती है, जो 64% ज़्यादा है। जेएम फाइनेंशियल ₹899.5 करोड़ की उम्मीद करती है, जो साल भर पहले से 37.4% ज़्यादा पर जून तिमाही से 16% कम है। उसके मुताबिक शुद्ध ब्याज मार्जिन करीब 2.7% रहेगा।

इस महीने की शुरुआत में जारी बैंक के अस्थायी आंकड़ों में कर्ज़ एक साल पहले से 23.8% बढ़कर ₹3,09,675 करोड़ और जमा 19.5% बढ़कर ₹3,54,084 करोड़ रहे। कम लागत वाले चालू और बचत खातों (कासा) का हिस्सा 33.7% से घटकर 30% रह गया।

एटी-1 का सवाल

अदालत का फैसला नतीजों पर भारी है। फैसले के बाद के दो कारोबारी सत्रों में अपने सबसे निचले स्तर पर बैंक के शेयर करीब पांचवां हिस्सा गंवा चुके थे। निवेशक प्रबंधन से यह जानना चाहेंगे कि बैंक इन बॉन्ड का हिसाब कैसे रखेगा और फैसले का उसकी पूंजी पर क्या असर होगा।

शनिवार को यस बैंक अकेला नहीं होगा। एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक भी अपने नतीजे जारी करेंगे, जिससे यह बैंकिंग क्षेत्र के लिए नतीजों के मौसम के सबसे व्यस्त दिनों में से एक होगा।