संसदमंत्रिपरिषद
राष्ट्रपति ने एल मुरुगन का राज्य मंत्री पद से इस्तीफ़ा मंज़ूर किया
राष्ट्रपति भवन ने गुरुवार शाम बताया कि मुरुगन तत्काल प्रभाव से मंत्रिपरिषद से हट गए हैं। दो दिन पहले उन्होंने तमिलनाडु में पार्टी का काम करने के लिए पद छोड़ने की इच्छा जताई थी।

मुख्य बातें
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को एल मुरुगन का इस्तीफ़ा तत्काल प्रभाव से मंज़ूर किया।
- मुरुगन सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री थे।
- उनके दोनों विभाग अभी किसी को नहीं सौंपे गए हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एल मुरुगन का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफ़ा मंज़ूर कर लिया है। राष्ट्रपति भवन ने गुरुवार शाम यह जानकारी दी।
राष्ट्रपति सचिवालय की संक्षिप्त विज्ञप्ति में कहा गया कि राष्ट्रपति ने “प्रधानमंत्री की सलाह पर” संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत यह इस्तीफ़ा तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया।
मुरुगन सूचना एवं प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री थे। इन दोनों में से कोई भी विभाग अभी किसी और को नहीं सौंपा गया है।
मंगलवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सरकार और राज्यसभा, दोनों से मुक्त करने का अनुरोध किया था, ताकि वह 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु में भाजपा के लिए पूरा समय काम कर सकें। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मैं गांव-गांव, गली-गली और हर जगह जाकर अपनी पार्टी को मज़बूत करना चाहता हूं।” उन्होंने सरकार में बिताए समय को अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया और अपना मूल मंत्र बताया: “राष्ट्र पहले, पार्टी उसके बाद, स्वयं सबसे आखिर में।”
मुरुगन मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं। वह अप्रैल 2024 में दोबारा चुने गए थे और उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक है। शुक्रवार सुबह तक यह जानकारी नहीं आई थी कि उच्च सदन से उनका इस्तीफ़ा मंज़ूर हुआ या नहीं।
उनके हटने के बाद राजनीतिक हलकों में मंत्रिपरिषद में बड़े फेरबदल की चर्चा शुरू हो गई है। इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
अपडेट 16 अक्टूबर 2026, सुबह 7:45 बजे: यह खबर पहली बार प्रकाशित होने के बाद अपडेट की गई।
मूल दस्तावेज़
- Press Communique (resignation of Dr. L. Murugan)PIB (President's Secretariat), 15 अक्टूबर 2026