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ज़ुबीन गर्ग मौत मामला: दो आरोपियों की जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी असम सरकार
अधिकारियों ने बताया कि बैंड सदस्य अमृतप्रभा महंत और गायक के चचेरे भाई संदीपन गर्ग को जमानत देने वाले गुवाहाटी हाईकोर्ट के आदेशों के खिलाफ सीआईडी अदालत खुलते ही अपील करेगी।

मुख्य बातें
- असम सात में से दो आरोपियों की जमानत के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका दायर करेगा।
- महाधिवक्ता ने कहा कि अमृतप्रभा महंत के जमानत आदेश में 'कुछ विसंगतियां' हैं।
- सीआईडी के मुताबिक 134 गवाहों से पूछताछ हो चुकी है और कोई गवाह मुकरा नहीं है।
अधिकारियों ने रविवार को बताया कि असम सरकार गायक ज़ुबीन गर्ग की मौत के मामले में सात में से दो आरोपियों को मिली जमानत रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगी।
राज्य का अपराध जांच विभाग (सीआईडी) गायक के बैंड सदस्य अमृतप्रभा महंत और उनके चचेरे भाई व निलंबित असम पुलिस डीएसपी संदीपन गर्ग को जमानत देने वाले गुवाहाटी हाईकोर्ट के आदेशों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की छुट्टियां खत्म होते ही विशेष अनुमति याचिकाएं दायर करेगा।
सीआईडी के विशेष डीजीपी मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने गुवाहाटी में संवाददाता सम्मेलन में कहा, “माननीय गुवाहाटी हाईकोर्ट ने केस नंबर 18/25 में दो आरोपियों को जमानत दी है। अदालत की छुट्टियां चल रही हैं। जैसे ही अदालत खुलेगी, हम याचिका दायर करेंगे।” उन्होंने जमानत आदेशों पर टिप्पणी से इनकार किया।
‘कुछ विसंगतियां’
महाधिवक्ता देवजीत सैकिया ने कहा कि उन्हें महंत के जमानत आदेश में “कुछ विसंगतियां” मिली हैं और उन्होंने गृह विभाग को इसे चुनौती देने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि मुकदमा संवेदनशील दौर में है और रोजाना सुनवाई हो रही है, ऐसे में अभी जमानत से मुश्किलें पैदा हो सकती हैं। राज्य आदेश की कुछ टिप्पणियां हटवाने की भी मांग करेगा।
उन्होंने कहा कि संदीपन गर्ग की जमानत का विस्तृत आदेश अभी उपलब्ध नहीं है, और उसमें भी विसंगति मिली तो राज्य याचिका दायर करेगा।
हाईकोर्ट ने 9 अक्टूबर को महंत को और 16 अक्टूबर को संदीपन गर्ग को जमानत दी थी; निचली अदालतें पहले दोनों की जमानत अर्जी खारिज कर चुकी थीं। महंत रिहा हो चुके हैं, जबकि संदीपन गर्ग के आदेश पर अमल का इंतजार था।
गुप्ता ने बताया कि अब तक 134 गवाहों से पूछताछ हो चुकी है। उन्होंने कहा, “कोई गवाह मुकरा नहीं है।”
पूरा मामला
ज़ुबीन गर्ग की 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय मौत हो गई थी, जहां वे नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के लिए गए थे। सिंगापुर पुलिस को किसी साजिश का सबूत नहीं मिला, लेकिन असम के अधिकारियों का कहना है कि इन निष्कर्षों से उनके मामले पर असर नहीं पड़ता। राज्य भर में 60 से ज्यादा एफआईआर दर्ज होने के बाद बनी सीआईडी की विशेष जांच टीम ने दिसंबर 2025 में सात लोगों पर आरोपपत्र दाखिल किया, जिनमें से चार पर हत्या का आरोप है।
गायक की मौत के बाद पहली पुलिस शिकायत दर्ज कराने वाले मोरीगांव के वकील रतुल बोरा ने शनिवार को कहा था कि वे भी जमानत आदेशों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।