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'सवाल पूछना अराजकता नहीं': गहलोत ने भाजपा की बांग्लादेश वाली तुलना को खारिज किया

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी की अगुवाई में 12 अक्टूबर का मार्च शांतिपूर्ण था। उन्होंने याद दिलाया कि अन्ना हजारे और रामदेव के आंदोलनों के बाद कांग्रेस ने 2014 का जनादेश स्वीकार किया था।

संपादकीय डेस्क से · जयपुरप्रकाशित
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Jodmar at English Wikipedia / Wikimedia Commons, Public domain

मुख्य बातें

  1. अशोक गहलोत ने कहा कि सरकार से सवाल पूछना अराजकता नहीं, जनता का अधिकार है।
  2. उन्होंने भाजपा के उन दावों को खारिज किया कि विपक्ष बांग्लादेश जैसी अराजकता चाहता है।
  3. गहलोत ने 12 अक्टूबर के मार्च को अनुशासित और शांतिपूर्ण बताया।

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को उन भाजपा नेताओं पर पलटवार किया जो विपक्ष के प्रदर्शनों की तुलना बांग्लादेश की अशांति से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार से सवाल पूछना नागरिक का अधिकार है।

जयपुर में जारी बयान में कांग्रेस नेता ने कहा, “लोकतंत्र में सवाल पूछना अराजकता नहीं, जनता का अधिकार है।”

गहलोत ने कहा, “भाजपा के बड़े नेता अब कह रहे हैं कि विपक्ष बांग्लादेश जैसी अराजकता और आंदोलनों से सत्ता बदलना चाहता है।” उन्होंने सवाल किया, “भाजपा को बताना चाहिए कि राहुल गांधी की अगुवाई में हो रहे इस आंदोलन में कहां हिंसा नजर आई?”

उन्होंने दिल्ली में 12 अक्टूबर के मार्च को अनुशासित, शांतिपूर्ण और उत्साह भरा बताया। उनके मुताबिक इसमें इंडिया गठबंधन के दलों के नेता और कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, आम लोग और “जेन-ज़ी” शामिल हुए।

उन्होंने कहा कि चुनाव के जरिए सरकार बदलने की मांग हमेशा से भारतीय राजनीति का हिस्सा रही है, और यह न अपराध है, न साजिश।

गहलोत ने 2014 से पहले के आंदोलनों को याद किया, लोकपाल के लिए अन्ना हजारे का आंदोलन, काले धन पर बाबा रामदेव का अभियान और 2जी व कोयला आवंटन मामलों पर सड़कों पर हुए प्रदर्शन। उन्होंने कहा, “2014 में कांग्रेस चुनाव हार गई और हमने जनादेश का सम्मान किया।” उन्होंने जोड़ा कि उनकी पार्टी ने लोकतांत्रिक धरने-प्रदर्शनों को कभी देश-विरोधी साजिश नहीं बताया।

उन्होंने कहा, “भाजपा जितना दबाने की कोशिश करेगी, यह आवाज उतनी ही बुलंद होगी।”