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दिल्ली की हवा 'मध्यम' श्रेणी में टिकी, एक्यूआई 191; दस साल में 24 अक्टूबर का सबसे साफ दिन
सीपीसीबी के शाम 4 बजे के बुलेटिन ने तीन दिन की 'खराब' हवा का सिलसिला तोड़ा। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसका श्रेय सख्ती को दिया, लेकिन कहा कि लड़ाई अभी लंबी है।

मुख्य बातें
- शनिवार शाम 4 बजे दिल्ली का 24 घंटे का औसत एक्यूआई 191 रहा, जो शुक्रवार को 230 था।
- सरकार के मुताबिक कोविड काल को छोड़कर यह दस साल में 24 अक्टूबर की सबसे कम रीडिंग है।
- उत्तरी दिल्ली के कई इलाकों में हवा 'खराब' रही, जहांगीरपुरी में 284 और नरेला में 282।
शनिवार को पूरे दिन दिल्ली की हवा ‘मध्यम’ श्रेणी में रही और लगातार तीन दिन की ‘खराब’ हवा का सिलसिला टूट गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के शाम 4 बजे के बुलेटिन में शहर का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 191 रहा, जो शुक्रवार को इसी समय 230 था।
दिल्ली सरकार ने कहा कि कोविड के सालों को छोड़ दें तो यह दस साल में 24 अक्टूबर की सबसे अच्छी रीडिंग है। इसी तारीख को 2024 में एक्यूआई 306 और 2025 में 275 था।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसका श्रेय ज़मीनी सख्ती और लोगों की भागीदारी को दिया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन लड़ाई अभी खत्म होने से बहुत दूर है।” उन्होंने कहा, “दिल्ली सरकार प्रदूषण पर काबू पाने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है और दिल्ली को साफ हवा देने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।”
सरकार ने क्या किया
अपने दावे के समर्थन में पर्यावरण विभाग ने पिछले 24 घंटों के आंकड़े जारी किए। अधिकारियों ने वाहनों के 9,883 चालान काटे, 2,810 किमी सड़कों की मशीन से सफाई की और धूल रोकने के लिए 1,075 किमी पर पानी का छिड़काव किया। 12,702 टन कचरा और 2,223 टन निर्माण व तोड़फोड़ का मलबा हटाया गया, 160 निर्माण स्थलों की जांच हुई और 168 टन सड़क की धूल इकट्ठा की गई।
सिरसा ने शुक्रवार के आंकड़ों का भी हवाला दिया। 23 अक्टूबर को इस साल एक्यूआई 230 था, जबकि 2025 में इसी तारीख को 305 और 2024 में 364 था।
उत्तरी दिल्ली में खराब हवा
शहर के औसत के पीछे कई इलाकों की ज्यादा प्रदूषित हवा छिप गई। दिन में जहांगीरपुरी में 284, नरेला में 282, विवेक विहार में 277, मुंडका में 270 और सोनिया विहार में 259 एक्यूआई दर्ज हुआ, यानी सभी ‘खराब’ श्रेणी में। नोएडा 199 पर था, ‘खराब’ श्रेणी से बस थोड़ा नीचे।
आसपास के क्षेत्र में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हवा और खराब रही। बड़ौत में एक्यूआई 339 (‘बहुत खराब’) रहा, मेरठ में 318 और गजरौला में 298। बागपत और सोनीपत 270 के करीब रहे।
इस हफ्ते से पहले दिल्ली-एनसीआर में 14 जुलाई से 20 अक्टूबर तक लगातार 99 दिन एक भी ‘खराब’ दिन नहीं रहा था, जो 2015 में एक्यूआई की निगरानी शुरू होने के बाद का सबसे लंबा दौर है। बुधवार को 245 के एक्यूआई के साथ यह सिलसिला टूटा।
आगे के महीने कठिन
सीपीसीबी बोर्ड के सदस्य अनिल के. गुप्ता ने कहा कि अधिकारी बचाव के कदम उठा रहे हैं और इस साल सड़क की धूल पर बेहतर नियंत्रण से मदद मिली है। हालांकि उन्होंने चेताया कि नवंबर और दिसंबर ज्यादा मुश्किल हो सकते हैं, जब ठंड और नमी प्रदूषकों को ज़मीन के पास रोक लेती है।
मौसम में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा। शनिवार को सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.1 डिग्री ज्यादा है, और अधिकतम 32.9 डिग्री। आयानगर 17 डिग्री के साथ सबसे ठंडा रहा।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले कुछ दिन आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान जताया है। शनिवार के सुधार में दिन की तेज़ हवाओं का बड़ा हाथ रहा, जिन्होंने प्रदूषकों को बिखेर दिया।