राज्यदिल्ली
दिल्ली की हवा लगातार दूसरे दिन 'खराब', एक्यूआई 226; सीएक्यूएम ने धूल पर सख्ती के आदेश दिए
ग्रैप का पहला चरण लागू होने के एक दिन बाद वायु गुणवत्ता आयोग ने एमसीडी से सड़कों और निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण कड़ा करने को कहा और आदेश न मानने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

मुख्य बातें
- गुरुवार सुबह 7 बजे दिल्ली का एक्यूआई 226 रहा, लगातार दूसरा 'खराब' दिन।
- बुधवार को जहांगीरपुरी और चांदनी चौक 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच गए थे।
- एमसीडी ने 12 जोन में 167 वाटर स्प्रिंकलर और 40 मोबाइल एंटी-स्मॉग गन लगाईं।
दिल्ली में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन हवा ‘खराब’ रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक सुबह 7 बजे शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 226 था। इसी बीच वायु गुणवत्ता आयोग ने राजधानी की सड़कों और निर्माण स्थलों से उड़ती धूल पर ध्यान केंद्रित किया।
यह आंकड़ा बुधवार से थोड़ा बेहतर था। बुधवार को एक्यूआई मंगलवार के 179 से चढ़कर 245 पर पहुंच गया था, जो करीब 100 दिनों में सबसे खराब स्तर था। इससे एक दिन पहले दशहरे पर शहर भर में पटाखों से भरे पुतले जलाए गए थे, हालांकि त्योहार और इस उछाल के बीच सीधा संबंध साबित नहीं हुआ है। बुधवार को दो निगरानी केंद्र, जहांगीरपुरी (309) और चांदनी चौक (307), ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गए थे।
इस उछाल के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) का पहला चरण लागू कर दिया। आईएमडी और आईआईटीएम के पूर्वानुमान में आने वाले दिनों में भी हवा ‘खराब’ बने रहने की बात कही गई थी। आदेश में लोगों से “ग्रैप चरण-1 के तहत नागरिक चार्टर का सख्ती से पालन” करने को कहा गया है।
निशाने पर धूल
सीएक्यूएम के अध्यक्ष राजेश वर्मा और दिल्ली के मुख्य सचिव ने सरकारी विभागों के साथ धूल नियंत्रण की समीक्षा की। आयोग ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) से सड़कों और खुली जमीन पर धूल दबाने के उपाय बढ़ाने को कहा और निर्माण स्थलों पर बैरियर और डस्ट स्क्रीन न होने की ओर ध्यान दिलाया। अधिकारियों को चेताया गया कि निर्देश लागू न करने पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।
एमसीडी ने कहा कि उसने अपने 12 जोन में सड़कों की सफाई तेज कर दी है और 167 वाटर स्प्रिंकलर व 40 मोबाइल एंटी-स्मॉग गन तैनात की हैं। नगर निगम की इमारतों और ऊंची इमारतों पर 40 और एंटी-स्मॉग गन लगाई गई हैं, सभी 250 वार्डों में निर्माण और तोड़फोड़ के मलबे के लिए जगह तय की गई है और 125 स्थानों पर लगे कैमरों की तस्वीरें दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति तक पहुंचती हैं। अवैध डंपिंग, बायोमास जलाने और निर्माण की धूल पर कार्रवाई के लिए संयुक्त टीमें बनाई गई हैं।
पहले चरण के उपायों में सड़कों की सफाई, पानी का छिड़काव और खुले में कचरा जलाने पर कार्रवाई भी शामिल है।
गर्म, नम और ठहरी हवा
मौसम से ज्यादा मदद नहीं मिली। न्यूनतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.7 डिग्री ज्यादा है, और सुबह 8:30 बजे नमी 89 प्रतिशत थी। आसमान ज्यादातर साफ रहने और अधिकतम तापमान 32 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है।
सप्ताहांत पर राहत मिल सकती है। मौसम विभाग को पश्चिमी विक्षोभ के चलते 24 और 25 अक्टूबर को दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में कहीं-कहीं बारिश की उम्मीद है।
दिल्ली अकेली नहीं है। लखनऊ में नगर निगम ने मुख्य सड़कों पर पानी छिड़का, जहां लालबाग केंद्र पर एक्यूआई 223 दर्ज हुआ, जो ‘खराब’ श्रेणी में है।
गुरुवार का पूरा 24 घंटे का औसत सीपीसीबी के शाम 4 बजे के दैनिक बुलेटिन में आएगा।