अर्थव्यवस्थाबाज़ार
विदेशी निवेशकों ने हफ्ते में ₹2,697 करोड़ के शेयर बेचे, घरेलू फंडों ने चार गुना खरीदे
दशहरे की छुट्टी से छोटे हुए हफ्ते के हर सत्र में भारतीय संस्थानों ने शेयर खरीदे, लेकिन सेंसेक्स को 2.15% गिरने से नहीं रोक सके।

मुख्य बातें
- 23 अक्टूबर तक के चार सत्रों में विदेशी संस्थानों ने ₹2,697.37 करोड़ के भारतीय शेयर शुद्ध रूप से बेचे।
- इन्हीं दिनों में घरेलू संस्थानों ने ₹10,942.19 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की।
- गुरुवार को ₹3,458.70 करोड़ की विदेशी बिकवाली हफ्ते में सबसे ज़्यादा रही।
एक्सचेंजों के अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार तक के चार कारोबारी दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने ₹2,697.37 करोड़ के भारतीय शेयर शुद्ध रूप से बेचे, जबकि म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों जैसे घरेलू संस्थानों ने ₹10,942.19 करोड़ के शेयर खरीदे।
मंगलवार को दशहरे की छुट्टी से छोटे हुए हफ्ते के हर सत्र में घरेलू पैसे ने बिकवाली को झेला, लेकिन यह कीमतें थामने के लिए काफी नहीं था। हफ्ते भर में सेंसेक्स 2.15% और निफ्टी 2.36% गिरा, और छोटी कंपनियों में कहीं ज़्यादा गिरावट आई।
विदेशी बिकवाली एक जैसी नहीं रही। विदेशी फंडों ने सोमवार को ₹1,148.64 करोड़ के शेयर बेचे, बुधवार को ₹1,022.32 करोड़ की खरीदारी की, और फिर गुरुवार को ₹3,458.70 करोड़ के शेयर बेचे। यह हफ्ते का सबसे भारी दिन था, जब ब्रेंट क्रूड चढ़ा और दुनिया भर में टेक्नोलॉजी शेयर फिसले। शुक्रवार को उन्होंने ₹887.65 करोड़ की मामूली खरीदारी की।
यह साप्ताहिक आंकड़ा कहीं बड़ी निकासी का छोटा हिस्सा है। डिपॉज़िटरी के आंकड़ों के मुताबिक अक्टूबर के पहले पखवाड़े में ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयरों से ₹52,100 करोड़ निकाले, और महीने के दूसरे हफ्ते तक 2026 की कुल निकासी ₹3 लाख करोड़ पार कर चुकी थी।
बाज़ार विश्लेषक इस हफ्ते निफ्टी के लिए इन्हीं दबावों को मुख्य जोखिम मानते हैं: कच्चा तेल, जिसमें ब्रेंट शुक्रवार को 116.72 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, लगातार विदेशी बिकवाली और ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड। शुक्रवार को रुपया डॉलर के मुकाबले अस्थायी तौर पर 94.93 पर बंद हुआ।