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अप्रैल-जून 2026 में जीडीपी वृद्धि 7.8%, आरबीआई के 7% के अनुमान से ज़्यादा
2026-27 की पहली तिमाही में सेवा क्षेत्र और निवेश ने वृद्धि की अगुवाई की। 2022-23 आधार वर्ष वाली नई जीडीपी सीरीज़ में पहली तिमाही का यह पहला आंकड़ा भी है।

मुख्य बातें
- अप्रैल-जून 2026 में वास्तविक जीडीपी 7.8% बढ़ी, जो एक साल पहले 6.9% थी और आरबीआई के 7.0% के अनुमान से ज़्यादा है।
- वित्तीय, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवाएं 12.1% और मैन्युफैक्चरिंग 9.2% बढ़ीं, जबकि खनन में 2.4% की गिरावट आई।
- निवेश (सकल स्थिर पूंजी निर्माण) 11.9% बढ़ा, जबकि एक साल पहले यह बढ़ोतरी 5.8% थी।
- 2022-23 के नए आधार पर 2025-26 की वृद्धि अब 7.8% है, जिसे 7.7% से संशोधित किया गया है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से 31 अगस्त को जारी अनुमानों के मुताबिक, 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून 2026 में भारतीय अर्थव्यवस्था वास्तविक रूप से 7.8% बढ़ी। एक साल पहले इसी तिमाही में वृद्धि 6.9% थी।
यह आंकड़ा इस तिमाही के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के 7.0% के अनुमान से ज़्यादा रहा। 7 अक्टूबर के नीति प्रस्ताव में आरबीआई ने कहा कि पहली तिमाही की वृद्धि “उम्मीद से ज़्यादा” रही।
आंकड़े क्या कहते हैं
इस तिमाही में वास्तविक जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) ₹81.36 लाख करोड़ रही, जो एक साल पहले ₹75.46 लाख करोड़ थी। नॉमिनल जीडीपी, जिसमें कीमतों में बदलाव भी शामिल होता है, 10.3% बढ़कर ₹88.27 लाख करोड़ हो गई।
सकल मूल्य वर्धन (जीवीए), जो उत्पादों पर टैक्स और सब्सिडी से पहले सेक्टर के हिसाब से उत्पादन को मापता है, वास्तविक रूप से 8.2% बढ़ा, जबकि एक साल पहले यह 7.0% बढ़ा था। नॉमिनल रूप से जीवीए 11.5% बढ़कर ₹80.53 लाख करोड़ हो गया।
जीडीपी में वास्तविक और नॉमिनल वृद्धि के बीच करीब 2.5 प्रतिशत अंक का अंतर इस तिमाही के दौरान पूरी अर्थव्यवस्था में कीमतों में हुई बढ़ोतरी को दिखाता है।
अप्रैल-जून 2026 एक नज़र में
- 7.8%वास्तविक जीडीपी वृद्धि (एक साल पहले 6.9%)
- 10.3%नॉमिनल जीडीपी वृद्धि
- 8.2%वास्तविक जीवीए वृद्धि
- 11.9%स्थिर निवेश (जीएफसीएफ) में वृद्धि
सेवा क्षेत्र और फैक्ट्रियां आगे रहीं
सेवा (तृतीयक) क्षेत्र 10.0% बढ़ा, जो एक साल पहले 8.0% बढ़ा था। इसके भीतर वित्तीय, रियल एस्टेट, आईटी और पेशेवर सेवाएं 12.1% और व्यापार, होटल, परिवहन व संचार 8.5% बढ़े।
द्वितीयक क्षेत्र 8.6% बढ़ा, जबकि एक साल पहले यह 6.1% बढ़ा था। मैन्युफैक्चरिंग 9.2% और निर्माण 7.7% बढ़ा।
प्राथमिक क्षेत्र 2.9% के साथ पीछे रहा। कृषि 3.6% बढ़ी, जबकि खनन और उत्खनन में 2.4% की गिरावट आई।
निवेश में तेज़ी
खर्च की तरफ़ देखें तो सकल स्थिर पूंजी निर्माण, जो इमारतों, मशीनरी और बुनियादी ढांचे में निवेश का पैमाना है, 11.9% बढ़ा। एक साल पहले यह 5.8% बढ़ा था। नॉमिनल जीडीपी में इसकी हिस्सेदारी 31.4% से बढ़कर 34.3% हो गई।
निजी उपभोग 7.1% बढ़ा, जबकि एक साल पहले यह 6.8% बढ़ा था, और जीडीपी में इसकी हिस्सेदारी 55.6% रही। पीआईबी की फैक्टशीट के मुताबिक निर्यात 12.0% बढ़ा।
नया आधार वर्ष
यह 2022-23 आधार वर्ष वाली राष्ट्रीय लेखा की नई सीरीज़ में दर्ज पहली अप्रैल-जून तिमाही है। मोस्पी ने यह सीरीज़ 27 फरवरी 2026 को जारी की थी। नई सीरीज़ में 2022-23 आधार वर्ष वाले नए मूल्य और उत्पादन सूचकांकों का इस्तेमाल होता है, जिनमें आउटपुट उत्पादक मूल्य सूचकांक (पीपीआई), औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) और बैंकिंग सेवा मूल्य सूचकांक शामिल हैं।
इससे मैन्युफैक्चरिंग को मापने का तरीका भी बदल गया है। मोस्पी अब पहले की सिंगल डिफ्लेशन पद्धति की जगह “डबल डिफ्लेशन” का इस्तेमाल करता है, जिसमें उत्पादन के मूल्य और कच्चे माल (इनपुट) के मूल्य, दोनों को कीमतों में बदलाव के हिसाब से समायोजित किया जाता है।
संशोधनों से पिछले वर्षों की वृद्धि के आंकड़े थोड़े बढ़ गए। पीआईबी के मुताबिक 2023-24 की वृद्धि 7.2% से बढ़कर 7.3%, 2024-25 की 7.1% से बढ़कर 7.2% और 2025-26 की 7.7% से बढ़कर 7.8% हो गई।
आगे किन बातों पर नज़र रहेगी
मोस्पी का कहना है कि डेटा का दायरा बढ़ने के साथ तिमाही अनुमानों में “संशोधन होने की संभावना है”। यानी अप्रैल-जून का आंकड़ा अभी बदल सकता है।
आरबीआई का अब अनुमान है कि जुलाई-सितंबर में वृद्धि 7.2% और पूरे 2026-27 में 7.1% रहेगी, जबकि अक्टूबर-दिसंबर में यह घटकर 6.9% और जनवरी-मार्च में 6.8% पर आ जाएगी। जुलाई-सितंबर तिमाही का अनुमान 30 नवंबर 2026 को जारी होना है।
मूल दस्तावेज़
- Press Note on Estimates of Gross Domestic Product for the First Quarter (April-June) of 2026-27Ministry of Statistics and Programme Implementation (NSO), 31 अगस्त 2026
- Press note on Q1 2026-27 GDP estimates (PIB copy)Press Information Bureau, 31 अगस्त 2026
- India's GDP Performance (factsheet)Press Information Bureau, 1 सितंबर 2026
- Monetary Policy Statement, 2026-27: Resolution of the MPC, October 5 to 7, 2026Reserve Bank of India, 7 अक्टूबर 2026