LokVox

अर्थव्यवस्थानतीजे

टाटा स्टील ने सितंबर तिमाही के नतीजे 11 दिन टाले, अब 7 नवंबर को

स्टील कंपनी के बोर्ड की बैठक मंगलवार को होनी थी। कंपनी ने 'अपरिहार्य परिस्थितियों' का हवाला दिया और कोई और कारण नहीं बताया, जबकि प्रतिद्वंद्वी कंपनियां नतीजे घोषित कर चुकी हैं।

संपादकीय डेस्क से · मुंबईप्रकाशित
जमशेदपुर में टाटा स्टील का कारखाना (फ़ाइल फ़ोटो)
जमशेदपुर में टाटा स्टील का कारखाना (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Kharbaan Ghaltaan / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. नतीजों पर टाटा स्टील की बोर्ड बैठक 27 अक्टूबर से हटकर 7 नवंबर हो गई है।
  2. कंपनी ने एक्सचेंजों को दी फाइलिंग में "अपरिहार्य परिस्थितियों" का हवाला दिया।
  3. अंदरूनी लोगों की ट्रेडिंग विंडो नतीजे घोषित होने के 48 घंटे बाद तक बंद रहेगी।

टाटा स्टील ने जुलाई से सितंबर तिमाही के नतीजों को मंज़ूरी देने वाली बोर्ड बैठक टाल दी है। अब नतीजे 11 दिन बाद, शनिवार 7 नवंबर को आएंगे।

बैठक मंगलवार, 27 अक्टूबर को तय थी, जो नतीजों के मौसम के सबसे व्यस्त दिनों में से एक है। शनिवार को बीएसई और एनएसई को दी गई फाइलिंग में कंपनी ने सिर्फ इतना कहा कि बैठक “अपरिहार्य परिस्थितियों” के कारण टाली गई है। कोई और स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।

बोर्ड बैठक में 30 सितंबर 2026 को खत्म तिमाही और छमाही के ऑडिट किए गए स्टैंडअलोन और बिना ऑडिट के कंसॉलिडेटेड नतीजे रिकॉर्ड पर लिए जाएंगे।

अंदरूनी लोगों का इंतज़ार भी लंबा

देरी से वह अवधि भी बढ़ गई है जिसमें कंपनी के निदेशक, वरिष्ठ कर्मचारी और उनके करीबी रिश्तेदार उसके शेयरों में कारोबार नहीं कर सकते। यह ट्रेडिंग विंडो 24 सितंबर से बंद है और अब एक्सचेंजों को नतीजे भेजे जाने के 48 घंटे बाद ही खुलेगी।

मेटल निवेशकों का इंतज़ार

इस फैसले से निवेशकों को मेटल शेयरों के मुश्किल दौर में भारत की सबसे बड़ी स्टील कंपनियों में से एक की तस्वीर के लिए इंतज़ार करना होगा। शुक्रवार की गिरावट में निफ्टी मेटल सूचकांक सबसे आगे था, और उस दिन टाटा स्टील निफ्टी 50 के सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में था।

प्रतिद्वंद्वी कंपनियां नतीजे दे चुकी हैं। जेएसडब्ल्यू स्टील ने 5,359 करोड़ रुपये का तिमाही मुनाफा दर्ज किया और विस्तार की नई योजनाओं को मंज़ूरी दी, और जिंदल स्टील का मुनाफा 21% बढ़ा। टाटा स्टील के नतीजे अब अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के फैसले और इस हफ्ते केंद्रीय बैंकों के भरे कैलेंडर के बाद आएंगे।